Wednesday, 22 November 2017

विवादित मेरीट ट्रॅक कंपनी को मुंबई विद्यापीठ ने अदा किया 1.18 करोड़

मुंबई विद्यापीठ की ऑनलाइन परीक्षा का परिणाम का बारह बजानेवाली विवादित मेरीट ट्रॅक कंपनी को मुंबई विद्यापीठ ने रुपए 1.18/-  करोड़ अदा करने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को मुंबई विद्यापीठ दी हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुंबई विद्यापीठ से मेरीट ट्रॅक कंपनी को मुंबई विद्यापीठ ने अदा की हुई रकम और बकाया रकम की जानकारी मांगी थी। मुंबई विद्यापीठ ने अनिल गलगली को बताया कि मेरीट ट्रॅक सर्विस प्रा.लिमिटेड कंपनी ने दो बिल पेश किए थे। एक बिल दिनांक 18 मई 2017 को पेश किया था जिसकी रकम रुपए 1,48, 63, 750/- इतनी थी। वहीं दूसरा बिल दिनांक 16 अगस्त 2017 को पेश किया था जिसकी रकम रुपए 2,69,27,350.99/- इतनी थी।कुल रकम रु 4,17,91,100.99/- इतनी हो रही थी। मुंबई विद्यापीठ ने इसमें से रुपए 1,18,17,404/- इतनी रकम अदा की और वर्तमान में  रुपए 2,99,73,696.99/- इतनी रकम अदा करना शेष हैं। 

अनिल गलगली के अनुसार जिस मेरीट ट्रॅक कंपनी से मुंबई विद्यापीठ का नाम कलंकित हुआ और पूरे विश्व में मुंबई विद्यापीठ को परीक्षा का परिणाम घोषित करने के मामले में पूरीतरह हार स्वीकारनी पड़ी।  उस मेरीट कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर जुर्माना वसूल करने के बजाय उस कंपनी क आर्थिक सहाय करना अनुचित हैं। चांसलर और राज्यपाल विद्यासागर राव समेत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिक्षा मंत्री विनोद तावडे, वाईस चांसलर प्रो देवानंद शिंदे को लिखे पत्र में अनिल गलगली ने आगे एक भी पैसा अदा न करते हुए जुर्माना वसूल करने की मांग की हैं। मेरीट कंपनी को बढ़ावा देने के आरोप में डॉ संजय देशमुख को बाहर किया गया लेकिन जिस मेरीट कंपनी से चारों ओर गड़बड़ी हुई उस कंपनी को मदद करना ही चिंता का विषय होने का आरोप अनिल गलगली ने किया हैं।

वादग्रस्त मेरीट ट्रॅक कंपनीस मुंबई विद्यापीठाने अदा केले 1.18 कोटी

मुंबई विद्यापीठाच्या ऑनलाइन परीक्षा निकालाचे तीन तेरा वाजविणा-या वादग्रस्त मेरीट ट्रॅक कंपनीस मुंबई विद्यापीठाने रुपये 1.18/-  कोटी अदा केल्याची माहिती आरटीआय कार्यकर्ते अनिल गलगली यांस मुंबई विद्यापीठाने दिली आहे. 

आरटीआय कार्यकर्ते अनिल गलगली यांने मुंबई विद्यापीठाकडे मेरीट ट्रॅक कंपनीस मुंबई विद्यापीठाने अदा केलेल्या रक्कमेची आणि शिल्लक रक्कमेची माहिती मागितली होती. मुंबई विद्यापीठाने अनिल गलगली यांस कळविले की मेरीट ट्रॅक सर्व्हिस प्रा.लिमिटेड कंपनीने दोन देयके सादर केली होती. एक देयक दिनांक 18 मे 2017 रोजी सादर केले होते त्याची रक्कम रुपये 1,48, 63, 750/- इतकी होती. तर दुसरे देयक दिनांक 16 ऑगस्ट 2017 रोजी सादर केले होते त्या देयकांची रक्कम रुपये 2,69,27,350.99/- इतकी आहे. या दोन देयकांची एकूण रक्कम रु 4,17,91,100.99/- इतकी होत आहे. मुंबई विद्यापीठाने त्यापैकी रुपये 1,18,17,404/- इतकी रक्कम अदा केली असून सद्या त्यापैकी रुपये 2,99,73,696.99/- इतकी रक्कम उर्वरित आहे.

अनिल गलगली यांच्या मते ज्या मेरीट ट्रॅक कंपनीमुळे मुंबई विद्यापीठाची नाचक्की झाली आणि संपूर्ण जगात मुंबई विद्यापीठास परीक्षा जाहीर करण्याच्या बाबतीत सपशेल हार पत्करावी लागली त्या कंपनीस काळया यादीत टाकत दंड वसूल करण्याऐवजी आर्थिक सहाय्य करणे चुकीचे आहे. कुलसचिव आणि राज्यपाल असलेले विद्यासागर राव समेत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिक्षण मंत्री विनोद तावडे, कुलगुरु प्रो देवानंद शिंदे यांस लिहिलेल्या पत्रात अनिल गलगली यांनी पुढील रक्कम अदा न करत दंड वसूल करण्याची मागणी केली आहे. मेरीट कंपनीस प्रोत्साहन देणा-या डॉ संजय देशमुख यांस बाहेरचा रस्ता दाखविला गेला पण ज्या मेरीट कंपनीमुळे सर्वत्र गोंधळ उडाला त्यास अजूनही सांभाळत मदत करणे चुकीचे असल्याची खंत अनिल गलगली यांनी व्यक्त केली.

Mumbai University clears payment of Rs 1.18 Crores to the controversial company Merit Trac

Merit Trac the company which has destroyed the credibility of the once reputed Mumbai University has been issued payments of Rs 1.18 crores as per the information provided by the University to RTI Activist Anil Galgali.

RTI Activist Anil Galgali had sought information from the Mumbai University about the payment made and payment pending of Merit Trac. In the information provided by the University to Anil Galgali, the details provided mentioned that, Merit Trac Services Pvt Ltd has raised 2 bills on the university, the 1st bill amounting to Rs 1,48,63,750/- was raised on 18th May 2017 and the 2nd bill amounting to Rs 2,69,27,350.99 was raised on 16th August 2017. The total of both the bills amount to Rs 4,17,91,100.99 and the university has paid Rs 1,18,17,404/- out the bills raised and an amount of Rs 2,99,73,696.99 is balance to be paid.

Inna statement issued Anil Galgali has questioned the action of the University to make payments to the company because of which the once famed University has been shamed and the future of lakhs of Students of the University was kept on stake, scores of Students lost their one year just because of the inefficiency of the company. Also the person who brought this company into the university has been sacked due to company's inefficiency whereas the company itself has been retained and being paid money for it inefficiency. Instead of black listing such a company the university apart from payment has also extended the company's services. In a letter addressed to the Governor and Chancellor of the University, Chi Vidyasagar Rao, CM Devendra Fadnavis, Education Minister Vinod Tawde, VC Dr Devanand Shinde, Galgali has demanded that no further payments be made to the company and instead should initiate proceedings to recover damages from the company.

Monday, 20 November 2017

रेलवे सुरक्षा आयुक्त एल्फिन्स्टन दुर्घटना के बाद जागे

एल्फिन्स्टन स्थित दुर्घटना और मासूमों की मौत के मामले में रेलवे प्रशासन के साथ रेलवे सुरक्षा आयुक्त भी उतने ही जिम्मेदार हैं। परेल से एल्फिन्स्टन को जोड़नेवाले ब्रिज को रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने ताबडतोब मान्यता नहीं दी उलटे दुर्घटना के 14 दिन के बाद अपनी राय देने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को मध्य रेलवे उपलब्ध कराए हुए दस्तावेजों से सामने आ रही हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मध्य रेलवे प्रशासन से परेल ब्रिज के विकास को लेकर गत 3 वर्ष से हुई कारवाई की जानकारी मांगी थी। मध्य रेलवे के मंडल अभियंता एस के श्रीवास्तव ने अनिल गलगली को दस्तावेज का निरीक्षण करने के लिए आमंत्रित किया। अनिल गलगली को उपलब्ध कराए हुए दस्तावेज में रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मध्य रेलवे के मुख्य अभियंता, निर्माण को लिखा हुआ पत्र भी था जिसमें दिनांक 9 जुलाई 2017 को मध्य सर्कल,मुंबई के रेलवे के सुरक्षा आयुक्त ए के जैन को परेल स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज बनाने के लिए सूचना दी थी ताकि उनकी अनुमति मिल सके। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने 3 महीने तक किसी भी तरह की कारवाई नहीं की। 9 सितंबर 2017 को एल्फिन्स्टन में दुर्घटना होने के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त भी नींद से जाग उठे और 11 अक्टूबर 2017 को मुख्य अभियंता, निर्माण और  मुख्य ब्रिज अभियंता के साथ परेल स्टेशन का निरीक्षण किया।  उसके बाद तुरंत दूसरे ही दिन यानी 12 अक्टूबर 2017 को अपनी राय वाली रिपोर्ट भेजी।। इस रिपोर्ट में रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने प्रवेश और बाहर जानेवाला रस्ता संकीर्ण होना और सड़क को ओर आवागमन का व्यवस्थित न होने से परेल स्थित अतिरिक्त सुविधा देने का रेलवे का प्रयोजन फेल होगा, ऐसा मत रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने पटल पर रखा। मध्य और पश्चिम रेलवे यात्री एकसाथ सुविधा का इस्तेमाल करने से एकात्मिक नियोजन अतिआवश्यक हैं, ऐसी सलाह देते हुए रेलवे  सुरक्षा आयुक्त ने मास्टर प्लान पश्चिम रेलवे और राज्य सरकार ने संयुक्तिक विकसित करे औऱ उसके बाद जरुरत पड़ने पर चरणबद्ध तऱीके से नियोजन करे।

अनिल गलगली ने रेलवे सुरक्षा आयुक्त की जिम्मेदारी ध्यान में लेते हुए इसतरह की रिपोर्ट पेश करने के लिए एक अवधि निश्चित करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेलवे मंत्री पियूष गोयल और नागरी उड़ान मंत्री गजपति राजू को लिखे हुए पत्र में की हैं। समय पर रिपोर्ट और निरीक्षण पेश किया जाता तो शायद दुर्घटना और मासूमों की जान बचाई जा सकती थी। यह संभावना अनिल गलगली ने व्यक्त की। अब रेलवे को रेलवे के बाहरी एजन्सी को जनहित काम को ताबडतोब मंजुरी देने के लिए विशेष कक्ष का गठन कर ऑनलाइन मंजूरी देने की जरुरत होने पर अनिल गलगली ने जोर दिया हैं।

Elphinstone accident propels Railway Security Commissioner to act

From the documents accessed by RTI Activist Anil Galgali, it has come to light that, the Railways security Commissioner is equally responsible along with the Railway Administration for the loss of lives of innocent commuters in the infamous Elphinstone station accident. The file pertaining to the bridge connecting the Parel and Elphinstone station was held up at the Railway Security Commissioner's Office and not immediately cleared even after the accident. The Commissioner put his necessary remarks only after 14 days had passed after the accident. 

RTI Activist Anil Galgali had sought information from the Central Railway Administration about the progress in the past 3 years of the Development of the Parel Railway bridge. The Divisional Engineer of the Central Railway Shri S K Srivastava allowed Galgali to do the inspection of the related files. The inspected files also contained letters written by the Railway Security Commissioner to the Chief Engineer, Central Railway which refers to the note informing the Railway Security Commissioner about the Parel station pedestrian bridge. The Railway Security Commissioner A K Jain didn't do anything on the note for almost 3 months. He woke only after the infamous accident on the very Elphinstone station bridge which claimed many innocent lives and made a visit to the site along with the Cheif Engineer and Cheif Bridges Engineer on 11th October 2017 and cleared the file along with the report showing his visit of 11th October, the very next day i.e on 12th October 2017. In the report the Railway Security Commissioner mentioned that the Entrance and Exiting ways are small and congested, and since the way towards the road for going and coming is not proper it was not advisable to start additional services at Parel station. He further advised in his report that since the commuters of both the Central and Western Railway are using this common bridge a combined planning needs immediate attention and the Master plan for Development should be initiated along with the Western Railway and the state government for common Development and if needed then stage wise planning of the Construction. 

In a letter addressed to PM Narendra Modi, Railway Minister Piyush Goyal, and Civil Aviation Minister Gajpathi Raju, Anil Galgali has suggested that since report and responsibilities of the Railways Security Commissioner is important, there should be a defined time frame within which the commissioner should submit the reports and clear his observations. Had the report been cleared on time the possibility of the project being started earlier would had been possible and this could have saved the lives of those commuters which were lost in the accident stated Galgali. He further demanded that the Railways should establish a special cell to give approval to outside agencies engaged in Development of public projects and facilities like online submission and approval of permissions should be started. 

Saturday, 18 November 2017

कुर्ला सबवे में सीसीटीवी बिठाने की प्रक्रिया शुरु

एक लंबे अंतराल के बाद शुरु हुए कुर्ला सबवे में सुरक्षा को लेकर सवाल उठते ही अब सीसीटीवी बिठाने की प्रक्रिया शुरु होने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को कुर्ला एल विभाग के सहायक मनपा आयुक्त अजितकुमार अंबि ने दी हैं। इस सबवे में हुए लिकेज को लेकर मनपा की ब्रिज  विभाग कारवाई करेगा। 

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कुर्ला सबवे में लिकेज, सीसीटीवी और अन्य मामलों को लेकर मनपा आयुक्त अजोय मेहता को पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की थी। अनिल गलगली के पत्र के बाद अजितकुमार अंबि, सहायक आयुक्त ने अनिल गलगली को बताया कि सीसीटीवी बिठाने की प्रक्रिया शुरु की हैं और लिकेज की मरम्मत ब्रिज विभाग करेगा। कुर्ला सबवेे का काम यह पिछले 14 वर्षो से प्रलंबित था। मनपा और मध्य रेलवे में आपसी समन्वय न होने के चलते काम अटक गया था। अनिल गलगली की जद्दोजहद के बाद काम पूर्ण हुआ। कुर्ला सबवे की कुल लंबाई 129.90 मीटर, चौड़ाई 7.60 मीटर और उंचाई 2.60 मीटर इतनी हैं। 

कुर्ला सबवेमध्ये सीसीटीव्ही बसविण्याची प्रक्रिया सुरु

बहुप्रतिक्षेनंतर सुरु झालेला कुर्ला सबवेमध्ये सुरक्षेचा प्रश्न ऐरणीवर आला असून यात आता सीसीटीव्ही बसविण्याची प्रक्रिया सुरु झाल्याची माहिती आरटीआय कार्यकर्ते अनिल गलगली यांना कुर्ला एल विभागाचे सहायक पालिका आयुक्त अजितकुमार अंबि यांनी दिली आहे. तसेच या सबवेतील लिकेज बाबतीत पालिकेच्या पूल विभाग कार्यवाही करणार आहे.

आरटीआय कार्यकर्ते अनिल गलगली यांनी कुर्ला सबवे बाबत लिकेज, सीसीटीव्ही आणि अन्य बाबतीत पालिका आयुक्त अजोय मेहता यांस पत्र पाठवून कार्यवाही करण्याची मागणी केली होती. अनिल गलगली यांच्या पत्रानंतर अजितकुमार अंबि, सहायक आयुक्त यांनी अनिल गलगली यांस कळविले की सीसीटीव्ही बसविण्याची प्रक्रिया सुरु केली आहे आणि लिकेज दुरुस्ती पूल विभाग करील. कुर्ल्याचा सबवे चे काम हे गेल्या 14 वर्षापासून प्रलंबित होते. पालिका आणि मध्य रेल्वेच्या समन्वयाच्या अभावी काम रखडलेले होते. आरटीआय कार्यकर्ते अनिल गलगली यांनी सतत केलेल्या पाठपुराव्यानंतर कुर्ला सबवे सुरु करण्यात आला. या सबवेची एकूण लांबी 129.90 मीटर, रुंदी 7.60 मीटर आणि उंची 2.60 मीटर इतकी आहे.  सबवे चे काम मध्य आणि हार्बर रेल्वेच्या खालील भागातून करण्यात आले आहे.