Wednesday, 4 March 2026

बेस्ट के प्रतिबंधित क्षेत्र की सार्वजनिक भूमि से जुड़ा प्रस्ताव रद्द किया जाए

बेस्ट के  प्रतिबंधित क्षेत्र की सार्वजनिक भूमि से जुड़ा प्रस्ताव रद्द किया जाए

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली की मांग


कुंबाला हिल स्थित 33 KV Receiving Station एवं उससे जुड़ी सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर प्रस्तावित बदलाव पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने Brihanmumbai Municipal Corporation के डीपी (Development Plan) मुख्यालय में आयोजित सार्वजनिक सुनवाई में उपस्थित होकर अपनी कड़ी भूमिका रखी। इस सुनवाई में BEST के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।


अनिल गलगली ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि Prohibited Zone Act, 1923 के अंतर्गत आती है। ऐसे प्रतिबंधित एवं संरक्षित क्षेत्र में भूमि उपयोग में परिवर्तन करना या सार्वजनिक सुविधाओं का आरक्षण समाप्त करना कानूनी रूप से गलत और अत्यंत जोखिमपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह परिसर केवल बिजली आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बाढ़, आग, आतंकी हमला अथवा किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय यहां से त्वरित सेवाएं उपलब्ध होना आवश्यक होता है। प्रस्ताव लागू होने की स्थिति में भविष्य में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उसे तत्काल बहाल (Restoration) करने में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं।

अनिल गलगली ने कहा कि इस Receiving Station पर निर्भर High Value Consumers जैसे लोकभवन, मुख्यमंत्री निवास, मुख्य न्यायाधीश निवास, अस्पताल, महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं सुरक्षा एजेंसियां इन सभी की बिजली आपूर्ति खतरे में पड़ सकती है। इसका सीधा असर मुंबई की अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा पर पड़ेगा।

अनिल गलगली ने बताया कि विद्युत विभाग लगभग ₹4,380 करोड़ के लाभ में है, ऐसे में केवल ₹263 करोड़ के लिए इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति को लीज पर देना तर्कसंगत नहीं है। इसके अतिरिक्त, महानगरपालिका ने पहले ही लगभग ₹1,000 करोड़ की पर्याप्त बजटीय व्यवस्था कर रखी है।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मांग की है कि यह प्रस्ताव तत्काल रद्द किया जाए। संबंधित परिसर के सभी क्वार्टर खाली कराकर कर्मचारियों को अन्य सुरक्षित और उपयुक्त क्वार्टरों में स्थानांतरित किया जाए। प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भूमि उपयोग परिवर्तन जनहित जांच और स्वतंत्र विशेषज्ञ रिपोर्ट के बिना न किया जाए।


सार्वजनिक संपत्ति, प्रतिबंधित क्षेत्र और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े निर्णय जल्दबाजी में या निजी हितों के आधार पर नहीं लिए जाने चाहिए, यह स्पष्ट मत अनिल गलगली ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “सार्वजनिक सुरक्षा किसी भी राजस्व से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।”


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