Wednesday, 13 May 2026

गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज की छात्राओं ने फिर रचा सफलता का इतिहास

गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज की छात्राओं ने फिर रचा सफलता का इतिहास

टॉप 15 में 12 छात्राएँ शामिल, विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिले


गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज के कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त कर एक बार फिर सफलता का नया इतिहास रच दिया। रिजल्ट घोषित होते ही विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उल्लेखनीय है कि पिछले कई वर्षों से विद्यापीठ का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है।

कला संकाय के छात्र रक्षक सैनी ने 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यापीठ टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। वहीं कॉमर्स संकाय की रिया सैनी ने 94.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कॉमर्स की ऋषिका शर्मा ने 93.5 प्रतिशत, कला संकाय की साची अमोली ने 93 प्रतिशत, विज्ञान संकाय की ख्यातिप्रिया ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

इसके अतिरिक्त वैष्णवी गुप्ता ने 90.3 प्रतिशत, अक्षित ने 89 प्रतिशत, लावण्या ने 88 प्रतिशत, आस्था वासुदेवा ने 87.8 प्रतिशत, करिश्मा ने 87.7 प्रतिशत, श्रुति मानोरी ने 86.2 प्रतिशत, स्तुति पण्ड्या ने 85.7 प्रतिशत, रुद्राक्षी ने 85.3 प्रतिशत, शिवी साहू ने 84.2 प्रतिशत तथा आयुष मिश्रा ने 83.7 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सफलता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए।

विद्यार्थियों की सफलता पर विद्यापीठ की अभिभाविका श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों के परिश्रम, अनुशासन तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

विद्यापीठ की प्रबंधिका शैफाली पण्ड्या ने कहा कि संस्था सदैव संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। विद्यार्थियों की सफलता समर्पित शिक्षकों एवं अभिभावकों के सहयोग का प्रतिफल है। उन्होंने बताया कि कई विद्यार्थी सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं, जबकि कुछ विद्यार्थी देश की सुरक्षा एवं सेवा हेतु सेना में योगदान देने के लिए प्रेरित हैं। वहीं कई छात्र-छात्राएँ शिक्षा जगत में अपना कैरियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

इस अवसर पर विद्यापीठ के प्रधानाचार्य सीताराम सिन्हा सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

Monday, 11 May 2026

डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे “सुश्रुत रत्न” पुरस्कार से सम्मानित

डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे “सुश्रुत रत्न” पुरस्कार से सम्मानित

श्री नरसिंह के दुबे चैरिटेबल ट्रस्ट की ट्रस्टी तथा नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र विभाग की प्रमुख, पालघर जिले की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे को नवी मुंबई स्थित डी. वाय. पाटील यूनिवर्सिटी में आयोजित “अनुशल्य जिज्ञासा” राष्ट्रीय परिसंवाद (National Symposium of Parasurgical Procedures) में “सुश्रुत रत्न” पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान डॉ. मुकुल पटेल, डॉ. महेश कुमार हारित, डॉ. संपदा संत, डॉ. अमरप्रकाश द्विवेदी, राजलक्ष्मी पाटील तथा डॉ. विनय वेलणकर सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

पालघर जिले में आयुर्वेद शिक्षा, स्त्री रोग-प्रसूति तंत्र एवं महिला स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। यह नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के लिए गर्व और खुशी का क्षण है।

महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे, प्राचार्या डॉ. हेमलता शेंडे, सभी अध्यापक, विद्यार्थी, कर्मचारी एवं अस्पताल कर्मियों ने डॉ. ऋजुता दुबे को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Sunday, 10 May 2026

समाजसेवी अरविंद उपाध्याय के रजत जयंती समारोह में जुटीं जानी-मानी हस्तियां

समाजसेवी अरविंद उपाध्याय के रजत जयंती समारोह में जुटीं जानी-मानी हस्तियां

शादी की सालगिरह पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और समर्पण को पुनः स्मरण करने का विशेष अवसर होती है। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जीवन के संघर्षों, खुशियों और साथ निभाने की प्रतिबद्धता का सम्मान भी है। इसी भाव के साथ राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय संरक्षक एवं सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित समाजसेवी अरविंद उपाध्याय ने अपनी धर्मपत्नी संतोषी उपाध्याय के साथ वैवाहिक जीवन की 25वीं वर्षगांठ (रजत जयंती समारोह) को भव्य रूप से मनाया।

मीरा रोड स्थित इस्कॉन मंदिर के भव्य सभागार में आयोजित इस समारोह में मीरा-भायंदर, मुंबई, ठाणे, वसई, विरार, कल्याण और पनवेल सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर, भजन गायक राकेश उपाध्याय ‘चंचल’ तथा जौनपुर के प्रसिद्ध लोकगायक राम अनुज पाठक की मधुर प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी ने सबसे पहले अरविंद उपाध्याय एवं संतोषी उपाध्याय को आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर महानगरपालिका परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अरविंद उपाध्याय, राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज के मानस पुत्र माने जाते हैं। वे शिक्षा दान अभियान फेडरेशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री तथा घर-घर रामायण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पिछले 10 वर्षों से प्रत्येक मंगलवार को अखंड सुंदरकांड पाठ का आयोजन कराने वाले अरविंद उपाध्याय हर वर्ष हजारों जरूरतमंदों को कंबल वितरण करते हैं तथा अपने माता-पिता की पुण्यतिथि वृद्धाश्रम में सेवा कार्य करते हुए मनाते हैं। उनके इस सामाजिक और धार्मिक अभियान में उनकी धर्मपत्नी संतोषी उपाध्याय निरंतर सहयोगी बनी हुई हैं।

रजत जयंती समारोह में महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री एवं विधायक विद्या ठाकुर, वरिष्ठ भाजपा नेता जयप्रकाश ठाकुर, विधायक नरेंद्र मेहता, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे, समाजसेवी डॉ. किशोर सिंह, भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे, उत्तर भारतीय मोर्चा मुंबई अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, उद्योगपति दिनेश त्रिपाठी, डॉ. राधेश्याम तिवारी, डॉ. हृदय नारायण मिश्र, समाजसेवी विजय पंडित, महंत सुरेश गुरु ओझा, प्रोफेसर सुधाकर मिश्रा, नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, भाजपा प्रवक्ता शैलेश पांडे, हेमंत पांडे, उद्योगपति ओमप्रकाश सिंह, हिंदू युवा वाहिनी महाराष्ट्र संयोजक साहब तिवारी, गणेश अग्रवाल, जैकी तिवारी, पूर्व नगरसेवक विजय राय, मनोज चतुर्वेदी, रमेश चंद्र मिश्रा, राधेश्याम मिश्रा, अमर फाउंडेशन के अध्यक्ष अमरनाथ तिवारी, समाजसेविका सुंदरी ठाकुर, रूपा शर्मा, शिवपूजन तिवारी, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, जगदंबा तिवारी, छोटे चेतन, रतन तिवारी, पत्रकार विनोद मिश्र, कृपाशंकर पांडे, वीरेंद्र प्रसाद द्विवेदी, उद्योगपति नवीन सिंह, पत्रकार राजेश उपाध्याय, संतोष उमाशंकर तिवारी, विनोद उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष पांडे, रवि यादव, राकेश उपाध्याय, पंकज मिश्रा, विभांशु त्रिपाठी और अमन जायसवाल का विशेष योगदान रहा। समारोह में अरविंद उपाध्याय के तीनों बच्चे ऋषि, श्रुति और पार्थ भी पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ उपस्थित रहे। अंत में अरविंद उपाध्याय ने सभी अतिथियों एवं शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Saturday, 9 May 2026

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन 


पश्चिम बंगाल की राजनीति में वर्ष 2026 का विधानसभा चुनाव केवल एक सामान्य चुनाव नहीं था, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक दिशा बदलने वाला ऐतिहासिक जनादेश साबित हुआ। लगभग 15 वर्षों तक लगातार सत्ता में रहने वाली तृणमूल कांग्रेस को जनता ने विपक्ष की भूमिका में बैठा दिया और भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाई।

भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम केवल सीटों की हार-जीत नहीं, बल्कि जनता के मूड, सामाजिक समीकरणों, प्रशासनिक असंतोष और राजनीतिक रणनीतियों का संयुक्त परिणाम है।


वर्ष 2011 में ममता बनर्जी ने 34 वर्षों से सत्ता में रही वामपंथी सरकार को हटाकर “परिवर्तन” का नारा दिया था। उस समय जनता ने उन्हें गरीबों, किसानों और आम लोगों की आवाज माना।शुरुआती वर्षों में ममता सरकार ने कई लोककल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, जिनका लाभ महिलाओं, छात्रों और ग्रामीण वर्ग को मिला। “कन्याश्री”, “रूपश्री” और “स्वास्थ्य साथी” जैसी योजनाओं ने तृणमूल कांग्रेस को मजबूत जनाधार दिया। लेकिन समय के साथ जनता के बीच यह धारणा बनने लगी कि सरकार पर कुछ नेताओं और स्थानीय समूहों का अत्यधिक नियंत्रण हो गया है। विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार, कट मनी, सिंडिकेट राज और राजनीतिक हिंसा के आरोप लगाता रहा। यही असंतोष धीरे-धीरे सत्ता विरोधी लहर में बदल गया।


सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति का बड़ा नाम माने जाते हैं। वे लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा रहे और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में शामिल थे। नंदीग्राम आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका ने उन्हें राज्य स्तर पर पहचान दिलाई। बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें बंगाल में अपने सबसे बड़े बंगाली चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया। उनकी राजनीतिक शैली आक्रामक मानी जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ भाजपा के लिए निर्णायक साबित हुई। विशेष रूप से ममता बनर्जी को नंदीग्राम और बाद में भवानीपुर में चुनौती देने के कारण वे भाजपा समर्थकों के बीच “परिवर्तन के प्रतीक” बन गए।


तृणमूल कांग्रेस की हार के प्रमुख कारण सत्ता विरोधी लहर है। लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के कारण सरकार के खिलाफ नाराजगी स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का कहना था कि स्थानीय नेताओं तक पहुंचना कठिन हो गया है।
सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में पक्षपात के आरोप लगते रहे। जनता के एक वर्ग को लगा कि तृणमूल कांग्रेस अब पहले जैसी जनआंदोलन वाली पार्टी नहीं रही, बल्कि सत्ता केंद्रित संगठन बन गई है।

“कट मनी” और भ्रष्टाचार का मुद्दा यह चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बना। राज्य के कई हिस्सों में लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं, आवास, सड़क या अन्य सुविधाओं के लिए स्थानीय नेताओं को पैसा देना पड़ता है। “कट मनी” शब्द बंगाल की राजनीति में आम चर्चा का विषय बन गया। विपक्ष ने इसे जोरदार तरीके से उठाया और भाजपा ने प्रचार किया कि यदि सरकार बदलेगी तो भ्रष्टाचार खत्म होगा। यही कारण रहा कि शहरी मध्यम वर्ग और ग्रामीण गरीब दोनों वर्गों में नाराजगी बढ़ी।

राजनीतिक हिंसा और कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान थे। पश्चिम बंगाल लंबे समय से राजनीतिक हिंसा के लिए चर्चा में रहा है। चुनावों के दौरान हिंसा, कार्यकर्ताओं पर हमले और राजनीतिक संघर्ष की घटनाओं ने राज्य की छवि को प्रभावित किया। महिला सुरक्षा और अपराध के मुद्दे पर भी विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा। कई चर्चित घटनाओं ने जनता के बीच यह संदेश दिया कि राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है।


बेरोजगारी और आर्थिक ठहराव से युवाओं में सबसे अधिक असंतोष दिखाई दिया। राज्य में बड़े उद्योगों का विकास अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ। कई युवा रोजगार के लिए महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों की ओर पलायन करते रहे। भाजपा ने “उद्योग, निवेश और रोजगार” को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया। शहरी युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं ने भाजपा को समर्थन दिया।

संगठनात्मक कमजोरी से एक समय बूथ स्तर तक मजबूत मानी जाने वाली तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष बढ़ने लगा। कई पुराने नेताओं ने पार्टी छोड़ी। स्थानीय स्तर पर गुटबाजी बढ़ी।
कुछ क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच तालमेल कमजोर हुआ। इसके विपरीत भाजपा ने बूथ स्तर तक मजबूत संगठन तैयार किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर प्रचार अभियान चलाया।

हिंदुत्व और पहचान की राजनीति का मुद्दा जोरदार रहा। भाजपा ने बंगाल में सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान के मुद्दों को भी प्रभावी ढंग से उठाया। राम नवमी, दुर्गा पूजा और धार्मिक आयोजनों से जुड़े मुद्दों पर भाजपा ने खुद को हिंदू समाज की आवाज के रूप में प्रस्तुत किया। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस पर “तुष्टिकरण” की राजनीति करने के आरोप लगाए गए। इस रणनीति ने विशेष रूप से सीमावर्ती और शहरी क्षेत्रों में भाजपा को फायदा पहुंचाया।

केंद्रीय योजनाओं का प्रभाव चुनाव में हावी रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं का लाभ भाजपा ने अपने प्रचार में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। भाजपा ने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य सरकार सही तरीके से लागू नहीं कर रही। इसका असर गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के मतदाताओं पर दिखाई दिया।

ममता बनर्जी की बदलती राजनीतिक छवि से भाजपा को अधिक लाभ हुआ। एक समय “दीदी” के नाम से लोकप्रिय ममता बनर्जी की छवि संघर्षशील नेता की थी। लेकिन लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण विरोधियों ने उन पर “अहंकारी नेतृत्व” और “केंद्रीकृत नियंत्रण” के आरोप लगाए। कुछ नेताओं और अधिकारियों पर अत्यधिक निर्भरता ने भी पार्टी की छवि को प्रभावित किया। भवानीपुर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली सीट पर हार को राजनीतिक रूप से बहुत बड़ा संकेत माना जा रहा है।

भाजपा की जीत के पीछे मजबूत नेतृत्व, आक्रामक चुनाव प्रचार की रणनीति लाभदायक साबित हुई। भाजपा ने बंगाल में स्थानीय नेतृत्व तैयार किया। सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल और अन्य नेताओं को आगे बढ़ाया गया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने लगातार बंगाल में रैलियां कीं। भाजपा ने चुनाव को “भ्रष्टाचार बनाम विकास” के रूप में पेश किया।

सोशल मीडिया और आईटी अभियान का अत्याधिक उपयोग हुआ।युवाओं तक पहुंचने के लिए भाजपा ने सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग किया। व्हाट्सऐप, फेसबुक और डिजिटल प्रचार ने शहरी क्षेत्रों में बड़ा प्रभाव डाला।



राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि तृणमूल कांग्रेस अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ग्रामीण बंगाल, अल्पसंख्यक समाज और महिला मतदाताओं में पार्टी का प्रभाव अभी भी मौजूद है। यदि पार्टी संगठन में सुधार करती है, नए नेतृत्व को मौका देती है और भ्रष्टाचार के आरोपों पर नियंत्रण करती है, तो भविष्य में वापसी संभव हो सकती है।


पश्चिम बंगाल का 2026 विधानसभा चुनाव राज्य की राजनीति का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। जनता ने लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को हटाकर भाजपा को मौका दिया। सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार से अब विकास, रोजगार, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की अपेक्षा की जा रही है। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी खोई हुई विश्वसनीयता और संगठनात्मक ताकत को वापस हासिल करना होगी। आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या भाजपा बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रख पाती है या तृणमूल कांग्रेस फिर से वापसी करती है।

अनिल गलगली 

Friday, 8 May 2026

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3”

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3”

सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जुड़ाव और आर्थिक सहयोग पर होगा मंथन

आनंद स्वरूप शुक्ला के मार्गदर्शन में “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3” का आयोजन 9 मई 2026 को शाम 6 बजे से Sahara Star में किया जाएगा। “सामाजिक समरसता | संगम ऑफ़ स्ट्रेंथ: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को एक साथ लाते हुए” थीम पर आधारित यह समिट विकसित भारत 2036 के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक सशक्त ग्रोथ कॉरिडोर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

समिट में महाराष्ट्र विधान परिषद के विधायक प्रवीण दरेकर तथा लोढा फाउंडेशन के चेयरपर्सन मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में दो विशेष कीनोट संबोधन भी आयोजित किए जाएंगे।

संदीप गुप्ता “Boosting India Together: The Uttar Pradesh-Maharashtra Growth Model for Next Decade” विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। वहीं डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला “Vasudhaiva Kutumbkam: Leading India’s Message of World Peace” विषय पर कीनोट स्पीकर के रूप में संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी। समिट के दौरान ग्रामीण औद्योगीकरण, विलेज टूरिज्म, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्यमिता विकास और सांस्कृतिक सद्भाव जैसे विषयों पर विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे।

“एकता समिट अध्याय 3” की मेंटर टीम में रश्मि उपाध्याय, आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल गलगली, डॉ. गौरीशंकर चौबे एवं बलवंत वर्मा शामिल हैं।

संस्कृति, समुदाय और सामाजिक जुड़ाव का उत्सव माने जा रहे इस समिट का उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विज़न को मजबूत करते हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सामूहिक शक्तियों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

मुंबई महानगरपालिकेच्या सार्वजनिक आरोग्य समितीचे अध्यक्ष हरिष भांदिर्गे यांच्या कार्यकाळात आरोग्य विभागात नवे बदल

अत्याधुनिक आरोग्य सुविधांचे लोकार्पण

मुंबई महानगरपालिकेच्या सार्वजनिक आरोग्य समितीचे अध्यक्ष हरिष भांदिर्गे यांच्या कार्यकाळात आरोग्य विभागात नवे बदल

'जागतिक थॅलेसेमिया दिनी 'बोन मॅरो ट्रान्सप्लांट, बालरोग, रक्तदोष व कर्करोग विभागाचा' लोकार्पण सोहळा

मुंबईच्या प्रथम नागरिक, महापौर श्रीमती रितूताई तावडे यांच्या हस्ते लोकार्पण

KEM रुग्णालयात नवजात अतिदक्षता विभाग, अत्याधुनिक मॅमोग्राफी मशीन, सर्जिकल पॅथॉलॉजी आणि फिजिओलॉजी सेमिनार हॉलचे लोकार्पण

मुंबईतील प्राण्यांच्या आरोग्यसेवेसाठी एक महत्त्वपूर्ण पाऊल!

मुंबई महानगरपालिकेच्या आरोग्य आणि सार्वजनिक सेवांना अधिक सक्षम, आधुनिक आणि नागरिकाभिमुख बनविण्याच्या दृष्टीने विविध महत्त्वपूर्ण उपक्रमांचे आज लोकार्पण आणि शुभारंभ सोहळे उत्साहात संपन्न झाले. 

लोकमान्य टिळक महानगरपालिका सर्वसाधारण रुग्णालय (सायन हॉस्पिटल) संलग्नित लोकनेते मा. श्री. एकनाथराव गायकवाड नागरी आरोग्य केंद्र, धारावी येथे अत्याधुनिक सुविधांनी सुसज्ज बालरोग, रक्तदोष, कर्करोग व बोनमॅरो ट्रान्सप्लांट सेंटरचे लोकार्पण करण्यात आले. 

जागतिक थॅलेसेमिया दिनाचे औचित्य साधून सुरू करण्यात आलेल्या या केंद्रामुळे रक्तदोष आणि कर्करोगाने ग्रस्त रुग्णांना अधिक आधुनिक व सुलभ उपचार सुविधा उपलब्ध होणार आहेत. विशेषतः बोनमॅरो ट्रान्सप्लांटसारखी जटिल उपचार सुविधा महानगरपालिकेच्या माध्यमातून सर्वसामान्यांसाठी उपलब्ध होणे ही आरोग्य क्षेत्रातील अत्यंत महत्त्वाची बाब मानली जात आहे.

तसेच सेठ गोर्धनदास सुंदरदास वैद्यकीय महाविद्यालय व रा. ए. स्मा. रुग्णालय, परळ (KEM) येथे नवजात अतिदक्षता विभाग (NICU), अत्याधुनिक मॅमोग्राफी मशीन, सर्जिकल पॅथॉलॉजी सेमिनार हॉल आणि फिजिओलॉजी सेमिनार हॉलचे उद्घाटन व लोकार्पण करण्यात आले. या सुविधांमुळे नवजात बालकांना अधिक दर्जेदार उपचार, महिलांसाठी अत्याधुनिक आरोग्य तपासणी सुविधा तसेच वैद्यकीय विद्यार्थ्यांना आणि डॉक्टरांना संशोधन व प्रशिक्षणासाठी सक्षम व्यासपीठ उपलब्ध होणार आहे.

या सर्व कार्यक्रमांना मुंबईच्या प्रथम नागरिक तथा महापौर श्रीमती रितू तावडे , सार्वजनिक आरोग्य समितीचे अध्यक्ष हरिष भांदिर्गे सार्वजनिक आरोग्य विभागाचे उपायुक्त शरद उघडे , संबंधित रुग्णालयांचे अधिष्ठाता, डॉक्टर, कर्मचारी, संस्थांचे पदाधिकारी तसेच मान्यवर मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.

वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को तरुण कला संगम द्वारा पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया

वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को तरुण कला संगम द्वारा पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया

मुंबई की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था तरुण कला संगम द्वारा चर्चगेट स्थित सम्राट होटल में आयोजित भव्य समारोह में नवभारत टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को “पत्रकारिता पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महाराष्ट्र सरकार के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक श्रीकांत भारतीय, तरुण कला संगम के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह, संस्था के महासचिव भाई दीपक सिंह, वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र द्विवेदी, बोरीवली के विधायक संजय उपाध्याय तथा महाराष्ट्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राधा के हाथों प्रदान किया गया। पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपये, स्मृति चिन्ह एवं शाल-श्रीफल भेंट किया गया।

समारोह को मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, महासचिव विजय सिंह कौशिक, मंत्रालय पत्रकार संघ के कोषाध्यक्ष विनोद यादव तथा आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडेय ने किया।

समारोह में मुंबई भाजपा के प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, पूर्व नगरसेवक रामबचन मुराई, उद्योगपति विजय सिंह, भाजपा प्रवक्ता ओमप्रकाश चौहान मुन्ना, समाजसेवी ललित जैन, भारत मर्चेंट चैंबर के ट्रस्टी राजीव सिंगल, उद्योगपति अजय सिंघानिया, उद्योगपति निलेश गुप्ता, वेंचुरा सिक्योरिटी के निदेशक डीपी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार सुनील मेहरोत्रा, वरिष्ठ पत्रकार हरि मृदुल, वरिष्ठ पत्रकार मनोज दुबे, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र मिश्र, समाजसेवी एस.एन. सिंह, वरिष्ठ पत्रकार विजय पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार अशोक शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार नवीन पांडेय, समाजसेवी हरि सिंह राजपुरोहित, समाजसेवी यूके सिंह, वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश पांडे तथा समाजसेवी सूरज पांडे सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

संस्था के संयोजक राधेश्याम मिश्र, अभिषेक सिंह, आशीष सिंह एवं वेदांत सिंह ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। अंत में संस्था के महासचिव दीपक सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।समारोह अत्यंत भव्य, प्रेरणादायी और यादगार रहा।

Monday, 4 May 2026

मुंबई में गरिमामयी अंदाज़ में संपन्न हुआ 18वां न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026

मुंबई में गरिमामयी अंदाज़ में संपन्न हुआ 18वां न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026

मुंबई में आयोजित 18वां न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026 शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ। यह शाम गरिमा, विश्वसनीयता और वास्तविक प्रतिभाओं के सम्मान को समर्पित रही, जहां विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।

इस प्रतिष्ठित समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल विष्णु देव वर्मा की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ सुप्रसिद्ध गायक हरिहरन, सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर, विज्ञापन जगत के दिग्गज भरत दाभोलकर तथा प्रसिद्ध नृत्यांगना संध्या पुरेचा जैसी अनेक हस्तियां उपस्थित थीं। कार्यक्रम ने शासन, कला, मीडिया, सामाजिक सेवा, खेल और जननेतृत्व जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता का भव्य उत्सव प्रस्तुत किया।

डॉ. वैदेही तामन द्वारा मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सभागृह में आयोजित इस समारोह में देशभर के प्रेरणादायी व्यक्तित्वों और परिवर्तनकारी कार्य करने वालों को एक मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और विशेष क्षण रहा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स का सम्मान, जो उषा मंगेशकर, हरिहरन, पूजा बेदी, दिलीप जोशी, संजीव कपूर, वागीश गोस्वामी, अतुल तिवारी, विजय कुंभार, रुबेन मस्कारेन्हास, राही भिडे,अनुजा धाक्रस, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, सुषमा देशपांडे, दत्ता बरगजे, देवेंद्र वाल्मिकी, अनिस गावंडे, कृष्णा मोहिनी, आर्यन पाशा, किशोर भानुशाली, भारत भूषण, डॉ आशा मिरगे, IFS कुशाग्र पाठक, जैसी महान हस्तियों को प्रदान किया गया। इन सभी को उनके दशकों लंबे योगदान और समाज पर पड़े स्थायी प्रभाव के लिए सम्मानित किया गया।

इसके अलावा मनोरंजन, रंगमंच, वेलनेस, पारदर्शिता, पत्रकारिता, ग्रामीण शिक्षा और वन्यजीव संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दिलीप जोशी, अतुल तिवारी, पूजा बेदी, देविंदर वाल्मीकि, विजय कुंभार, अनुजा धाक्रस, अज्जीबाईची शाला और कुशाग्र पाठक सहित अनेक प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान दिलीप जोशी ने मनोरंजन जगत में अपने लंबे सफर के लिए आभार व्यक्त किया, वहीं संजीव कपूर ने नई पीढ़ी से सीखने के महत्व पर जोर दिया। हरिहरन ने संगीत और कला को सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम बताते हुए कहा कि कला का उद्देश्य समाज में खुशी और प्रेरणा फैलाना है।

यह आयोजन केवल एक पुरस्कार समारोह नहीं था, बल्कि संघर्ष, उद्देश्य और राष्ट्र निर्माण की भावना का उत्सव था। न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026 ने एक बार फिर साबित किया कि यह मंच दिखावे से अधिक वास्तविक उपलब्धियों और सार्थक योगदानों को सम्मान देने के लिए जाना जाता है।

भागती-दौड़ती मुंबई ने इस शाम उत्कृष्टता को सलाम करने के लिए ठहरकर जश्न मनाया, और वर्ष 2026 का यह आयोजन लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

Sunday, 3 May 2026

उत्तर भारतीय संघ ने मनाया महाराष्ट्र दिवस

उत्तर भारतीय संघ में महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर बांद्रा पूर्व स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन, टीचर्स कॉलोनी में हर्षोल्लास के साथ भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में “जय जय महाराष्ट्र माझा” की गूंज के बीच गीत-संगीत एवं नाटक की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।

संघ द्वारा सामाजिक दायित्व निभाते हुए महाराष्ट्र की 100 जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनें वितरित की गईं। विशेष बात यह रही कि लाभार्थियों में 60 से अधिक मराठी महिलाएं शामिल रहीं।

संघ के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र हमारी कर्मभूमि है और हम सभी इसके विकास में अपना पूर्ण योगदान देने के लिए संकल्पित हैं।

इस अवसर पर पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, विधायक राजहंस सिंह, अमरजीत सिंह, शारदा प्रसाद सिंह, डॉ राधेश्याम तिवारी, उत्तर प्रदेश पत्रकार संघ के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, अनिल गलगली, अनुराग त्रिपाठी, ब्रजमोहन पांडे, संजय सिंह, गीता सिंह, डॉ किशोर सिंह, उदय प्रताप सिंह, रामकुमार पाल, रमेश बहादुर सिंह, सुरेंद्र गिरी, बैजनाथ मिश्र, श्रीनिवासानंद महाराज, ठाकुर रमेश सिंह, रितेश सिंह, एड. अवनीश सिंह, सुंदरी ठाकुर, अजय कुमार सिंह, विजय सिंह कौशिक, राघवेंद्र द्विवेदी, राजकुमार सिंह, शिवपूजन पांडे, अविनाश पांडे, मानिकचंद यादव एवं रीनू मल्लाह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन देवेंद्र तिवारी ने किया तथा अंत में संतोष आरएन सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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लोढ़ा ने साकार किया सपना, बना ‘श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह मार्ग’

लोढ़ा ने साकार किया सपना, बना ‘श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह मार्ग’


माटुंगा पूर्व स्थित भाऊ दाजी रोड के रोड नंबर 4 का नामकरण अब ‘श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह मार्ग’ के रूप में किया गया है। उत्तर भारतीय समाज के गौरव, आर्य रत्न श्रद्धेय बाबूजी मिठाईलाल दलसिंगार सिंह की पावन स्मृति में आयोजित इस भव्य नामकरण एवं उद्घाटन समारोह का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के कर-कमलों द्वारा मार्ग के नामकरण पट्टिका का अनावरण कर उद्घाटन किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह के समाज सेवा, शिक्षा एवं उत्तर भारतीय समाज के उत्थान में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक कार्यों, संस्कारों और जनसेवा के लिए समर्पित किया था। वे उत्तर भारतीय समाज एवं आर्य समाज के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते थे। समाज में शिक्षा, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके कार्यों और आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस मार्ग का नामकरण उनके नाम पर किया गया।

मुंबई भाजपा प्रवक्ता सुमिता सुमन सिंह की विशेष पहल एवं निरंतर प्रयासों से यह नामकरण संभव हो सका। बताया गया कि श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह के दुखद निधन के पश्चात मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने स्वयं इस मार्ग का नाम उनके नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा था। समारोह में उपस्थित जनों के बीच इस बात की विशेष चर्चा रही कि मंत्री लोढ़ा ने केवल घोषणा ही नहीं की, बल्कि उसे पूर्ण कर समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता का परिचय भी दिया।

समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, भाजपा पदाधिकारी, आर्य समाज के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह का जीवन समाज सेवा, सादगी और मानवीय मूल्यों का प्रेरणादायी उदाहरण था तथा उनके नाम पर मार्ग का नामकरण समाज के लिए गौरव का विषय है।

कार्यक्रम का वातावरण भावुक एवं श्रद्धामय रहा। उपस्थित लोगों ने श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान सदैव समाज को प्रेरित करता रहेगा।

Sunday, 26 April 2026

डॉ. चिन्मय पंड्या के पोलैंड दौरे से भारतीय समुदाय में जागी नई चेतना

डॉ. चिन्मय पंड्या के पोलैंड दौरे से भारतीय समुदाय में जागी नई चेतना

एआई और आध्यात्मिक समाधान पर भारतीय राजदूत से वारसॉ में हुई चर्चा

अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने विदेश प्रवास के क्रम में वारसॉ (पोलैंड) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत की नवनियुक्त राजदूत एवं भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) की वरिष्ठ अधिकारी नीता भूषण से शिष्टाचार भेंट की। अपनी रणनीतिक कार्यशैली और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने के लिए विख्यात राजदूत भूषण के साथ हुई यह मुलाकात सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

शांतिकुंज के मीडिया विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भेंट के दौरान डॉ. पंड्या ने पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के सद्विचार “समस्त विश्व को भारत के अजस्र अनुदान” को केंद्र में रखते हुए गायत्री परिवार के वैश्विक विस्तार पर विस्तृत चर्चा की।

बातचीत का एक प्रमुख हिस्सा वर्तमान समय की बड़ी तकनीकी चुनौती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उससे जुड़े वैश्विक खतरों पर केंद्रित रहा, जहाँ अध्यात्म और नैतिक मूल्यों के माध्यम से इन चुनौतियों के समाधान पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही भारत और पोलैंड के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर भी गहन मंथन हुआ।

भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार तथा मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना हेतु कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संयुक्त रूप से कार्य करने की सहमति बनी। राजदूत नीता भूषण ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

डॉ. पंड्या के इस दौरे से पोलैंड में भारतीय समुदाय के बीच नई चेतना का संचार हुआ है तथा भविष्य में सांस्कृतिक समन्वय के नए द्वार खुलने की संभावनाएँ भी मजबूत हुई हैं।

Saturday, 25 April 2026

देव संस्कृति विश्वविद्यालय और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की संयुक्त पहल; योग और संगीत चिकित्सा से होगा सर्वाइकल दर्द का निवारण

देव संस्कृति विश्वविद्यालय और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की संयुक्त पहल

योग और संगीत चिकित्सा से होगा सर्वाइकल दर्द का निवारण

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योग विज्ञान एवं मानव चेतना विभाग ने आधुनिक जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ रही सर्वाइकल दर्द की समस्या के समाधान हेतु एक महत्वपूर्ण शोध पहल शुरू की है। ‘योग एवं संगीत चिकित्सा के संयुक्त प्रभाव’ पर आधारित इस विशेष अध्ययन का शुभारंभ शांतिकुंज, हरिद्वार स्थित शताब्दी चिकित्सालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में किया गया।

यह शोध परियोजना आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के संगम का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा लिमिटलेस ब्रेन लैब, दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि इस अध्ययन में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के निद्रा चिकित्सा विभाग की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक प्रामाणिकता प्राप्त हो रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ शांतिकुंज महिला मंडल की प्रमुख आदरणीया शेफाली पंड्या ने किया। इस अवसर पर अस्पताल की प्रभारी डॉ. मंजू चोपदार सहित विश्वविद्यालय के शोध छात्र, शिक्षक एवं चिकित्सा क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

आदरणीया शेफाली पंड्या ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्राचीन योग विद्या और संगीत की मधुर स्वर लहरियों में असाध्य रोगों को जड़ से समाप्त करने की अद्भुत क्षमता निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह शोध न केवल सर्वाइकल रोगियों को शारीरिक पीड़ा से राहत दिलाएगा, बल्कि मानवता के लिए स्वस्थ और संतुलित जीवन की दिशा भी प्रशस्त करेगा।

इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य योग और संगीत के समन्वित प्रभाव से दर्द में कमी लाना तथा रोगियों की नींद की गुणवत्ता में सुधार का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय का यह प्रयास भविष्य में बिना औषधियों के जटिल रोगों के उपचार की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। हरिद्वार से आरंभ हुई यह पहल वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है।

Friday, 24 April 2026

वसई में श्री बद्रीनाथ मंदिर अब भक्तों के लिए खुला

वसई में श्री बद्रीनाथ मंदिर अब भक्तों के लिए खुला

वसई (पश्चिम) में उत्तरांचल मित्र मंडल के तत्वावधान में श्री बद्री विशाल मंदिर एवं मानव कल्याण केंद्र द्वारा 18 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 तक भव्य धार्मिक महोत्सव का सफल आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन के उपरांत वसई में श्री बद्रीनाथ मंदिर अब भक्तों के लिए विधिवत रूप से खोल दिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। यह आयोजन उत्तरांचल मित्र मंडल की लगभग 35 वर्षों की श्रद्धा, साधना और अथक परिश्रम का दिव्य परिणाम है।

महोत्सव के अंतर्गत भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जो स्वामीनारायण मंदिर से प्रारंभ होकर सन सिटी स्थित मंदिर परिसर तक पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर यात्रा की शोभा बढ़ाई। ढोल-ताशों की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।

इस पावन अवसर पर श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी जी महाराज के करकमलों से विधिवत पूजा-अर्चना एवं कलशारोहण सम्पन्न हुआ। देशभर से आए विद्वान ब्राह्मणों ने सनातन परंपरा के अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठानों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों लोक भवन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर महापौर राजीव पाटील, पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकूर, मीरा-भाईंदर के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, पूर्व महापौर नारायण मानकर, आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, राजीव नौटियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत काशी से पधारे विद्वान आचार्य मंडल द्वारा मंडप पूजन एवं गणेश पूजन के साथ हुई। आचार्य हरिश्चंद्र लखेड़ा एवं आचार्य ताराचंद करगेती के सान्निध्य और मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी धार्मिक विधियां विधिवत संपन्न हुईं। इस दौरान संपूर्ण परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। भजन सम्राट अनूप जलोटा ने अपने भक्ति गीतों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक आध्यात्मिक बन गया।

इस महोत्सव को सफल बनाने में अध्यक्ष माधवानंद भट्ट, महासचिव महेश चंद्र नैनवाल, कोषाध्यक्ष कुंदन सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह मेहरा, गोविंद पांडे, महेंद्र सिंह रावत, मनोहर सिंह रौथाण, महेंद्र सिंह धामी, मोहन सिंह राजपूत, नरेंद्र पाल नेगी, गोपाल सिंह कार्की, होशियार सिंह दसोनी, चंद्रकांत शर्मा, हयात सिंह राजपूत, चंद्रशेखर उपाध्याय, महेश भट्ट, नंदन अकोलिया, दिनेश अकोलिया, गणेश भारद्वाज तथा लज्जावंती भट्ट सहित सभी सदस्यों का विशेष योगदान सराहनीय रहा।

पांच दिनों तक चले इस भव्य धार्मिक आयोजन से वसई क्षेत्र पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा और अब मंदिर के खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शन का क्रम निरंतर जारी है।

Thursday, 16 April 2026

गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज के मेधावी विद्यार्थियों ने श्रद्धेया शैलदीदी से लिया आशीर्वाद

गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज के मेधावी विद्यार्थियों ने श्रद्धेया शैलदीदी से लिया आशीर्वाद

हरिद्वार। गायत्री विद्यापीठ, शांतिकुंज के कक्षा दस के छात्र-छात्राओं ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर एक बार फिर संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सभी मेधावी विद्यार्थियों ने संस्था की अधिष्ठात्री एवं विद्यापीठ की अभिभाविका श्रद्धेया शैलदीदी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर श्रद्धेया शैलदीदी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सफलता केवल अंकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि चरित्र, संस्कार और अनुशासन ही जीवन की वास्तविक पूँजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

गायत्री विद्यापीठ व्यवस्था मंडल की प्रमुख शैफाली पण्ड्या ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन का समन्वित परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये विद्यार्थी भविष्य में भी शिक्षा, सेवा और संस्कार के पथ पर अग्रसर रहकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

विद्यालय की टॉपर नित्या उपाध्याय ने 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। उन्होंने भविष्य में सिविल सेवा में जाने की इच्छा व्यक्त की। इसके अतिरिक्त निकुंज रघुवंशी (94.2%), शिवांग बदानी (93.4%), प्रियांश पंवार (93.4%), दीया सैनी (91.8%), सृष्टि पंवार (91.2%), केशव (90.4%), कृष्णा सैनी (89.2%), अभिषेक गौर (86.6%) तथा परिणीति (85.8%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यापीठ का गौरव बढ़ाया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य सीताराम सिन्हा, उप-प्रधानाचार्य विनय शर्मा सहित विद्यापीठ एवं शांतिकुंज परिवार ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उल्लेखनीय है कि गायत्री विद्यापीठ, शांतिकुंज शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के समन्वय पर विशेष बल देता है, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि जीवन मूल्यों में भी उत्कृष्टता प्राप्त कर रहे हैं।

Saturday, 4 April 2026

नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज का वार्षिकोत्सव उत्साह के साथ संपन्न

नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज का वार्षिकोत्सव उत्साह के साथ संपन्न

नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज का वार्षिकोत्सव “नक्षत्र 2026” मिरा रोड स्थित लता मंगेशकर नाट्यगृह में बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष विशेष रूप से अंतर-महाविद्यालयीन फैशन शो प्रतियोगिता “अदा – द वॉक ऑफ ग्रेस” का आयोजन किया गया, जिसमें मुंबई के कई प्रतिष्ठित कॉलेजों ने भाग लिया।

फिल्म जगत के प्रसिद्ध कलाकार अरमान साहिल, नेहा पटेल और दीपा देव ने निर्णायक (जज) की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार दवींद्र खन्ना प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—

प्रथम स्थान: आर ए पोद्दार आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज

द्वितीय स्थान: नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज

तृतीय स्थान: रिद्धी विनायक नर्सिंग कॉलेज


विशेष पुरस्कार:

बेस्ट वॉक: शर्वरी परब, लक्ष्मी परिहार

बेस्ट कॉस्ट्यूम: शिवानी प्रभू, प्रतीक्षा जाधव


इसके पश्चात “नक्षत्र 2025–26” के अंतर्गत विद्यार्थियों ने नृत्य, नाटिका, गायन और फैशन शो जैसे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। साथ ही वर्षभर आयोजित कला, क्रीड़ा और शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

प्रमुख सम्मान:

प्रथम वर्ष आयुर्वेदाचार्य: विशाखा कट्टे

द्वितीय वर्ष आयुर्वेदाचार्य: कशिश पोतदार

अंतिम वर्ष आयुर्वेदाचार्य: वैभवी सोनवणे

“एनएसएस एक्सीलेंस अवॉर्ड”: प्रणव महाजन

“स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2025–26”: सुरेल विनायक भिडे


सभी विजेताओं को सर्टिफिकेट, मेडल और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि फैशन शो विजेताओं को कैश पुरस्कार भी दिए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. उदय निरगुडकर ने वार्षिक पत्रिका “कृति – द वर्ल्ड ऑफ एन ए एम सी 2025–2026” का विमोचन किया, जिसमें कॉलेज की वर्षभर की गतिविधियों की झलक प्रस्तुत की गई। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने लगन, मेहनत, अनुशासन और नवाचार के महत्व पर जोर दिया।

विशेष सम्मानित अतिथि निलेश कारखानीस ने कॉलेज की निरंतर प्रगति की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में संस्था के कोषाध्यक्ष शामसुंदर दुबे, अध्यक्ष जयप्रकाश दुबे, सचिव एवं डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे, विश्वस्त एवं स्त्रीरोग विभाग प्रमुख डॉ. ऋजुता दुबे, प्राचार्या डॉ. हेमलता शेंडे सहित विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में विद्यार्थी परिषद के जनरल सेक्रेटरी गौरव मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Wednesday, 1 April 2026

अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच का भव्य आयोजन

अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच का भव्य आयोजन

सम्मान समारोह एवं पुस्तक लोकार्पण सफलतापूर्वक संपन्न

नवी मुंबई के सानपाड़ा स्थित शिकारा होटल के सभागार में 31 मार्च 2026 की शाम अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच द्वारा वार्षिक सम्मान समारोह एवं पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दयानन्द तिवारी ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार अनुराग त्रिपाठी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में साहित्यकार पवन तिवारी ने अपने विचार व्यक्त किए।

विशेष अतिथियों में 'अग्निशिला' पत्रिका के संपादक अनिल गलगली, वरिष्ठ गीतकार अरविंद शर्मा ‘राही’ तथा अधिवक्ता नागेश मिश्रा, प्रमिला शर्मा शामिल रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन कुमार जैन ने किया।

प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली व्यक्तियों को विभिन्न स्मृति सम्मानों से सम्मानित किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से डॉ. शिवदत्त शुक्ला स्मृति में अग्निशिखा शिरोमणि सम्मान, देवेंद्र पांडे स्मृति में अग्निशिखा समाज गौरव सम्मान, बी.आर. कुमार स्मृति सम्मान, आशुतोष तिवारी स्मृति में अग्निशिखा साहित्य गौरव सम्मान, मीना अग्रवाल स्मृति में अग्निशिखा साहित्य शिरोमणि सम्मान का शुमार था।


सम्मानित होने वाले प्रमुख व्यक्तियों में मंजुला जोशी, गोविंद पाल (छत्तीसगढ़), डॉ. अरुणा बाजपेई (इंदौर), डॉ. सरोजा मेटी (कर्नाटक), सेवासदन प्रसाद (नवी मुंबई), रामस्वरूप साहू (दतिया, म.प्र.), ओम प्रकाश पांडे (उत्तर प्रदेश), अशोक गुप्ता (आजमगढ़), महेश सुथार (वाशी, महाराष्ट्र), चंद्रिका व्यास (खारघर, नवी मुंबई), विजय अय्यर (पलावा), द क्राइम पॉइंट की संपादक कमलेश गुप्ता, द वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक प्रमेन्द्र सिंह, उत्कृष्ट मंच संचालक कुमार जैन तथा पत्रकार संतोष साहू सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।

इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार अलका पांडेय की दोहों की पुस्तक ‘जीवन दोहावली’ का भव्य लोकार्पण किया गया। पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए मुख्य वक्ता पवन तिवारी ने कहा कि यह दोहा संग्रह भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता का उत्कृष्ट प्रतिबिंब है। इसमें भारतीय त्योहारों, देवी-देवताओं और सांस्कृतिक मूल्यों को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम में अनेक विद्वान साहित्यकार एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें सूर्यकांत शुक्ल, ताबिश रामपुरी, नीरजा ठाकुर, रवि यादव, महिमा त्रिपाठी, कविता झा, मालती सिंह, ओम प्रकाश सिंह, नन्दलाल क्षितिज, जागृति सिन्हा, जेपी सिंह, अनुराधा सिंह, अश्विन पांडेय, सीमा त्रिवेदी, रोमा झा, लता तेजेश्वर, त्रिलोचन सिंह अरोरा, वंदना श्रीवास्तव, पूजा सिंह, बृजेश सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

कार्यक्रम ने साहित्य, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

Sunday, 29 March 2026

समरस फाउंडेशन ने वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह को दिया “जौनपुर गौरव सम्मान”

समरस फाउंडेशन ने वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह को दिया “जौनपुर गौरव सम्मान”


जौनपुर। समरस फाउंडेशन, मुंबई के बैनर तले रविवार दोपहर कैलाशपति गोधना में आयोजित एक गरिमामय समारोह में जनपद के वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह को उत्कृष्ट सामाजिक सेवा के लिए “जौनपुर गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान प्रकाश सिंह जैसे महान व्यक्तित्व को सम्मानित करना अपने आप में सम्मान का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे विरले व्यक्तित्व ही होते हैं जिन पर मां सरस्वती और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा होती है। सिंह न केवल समाजसेवी हैं, बल्कि एक संवेदनशील रचनाकार भी हैं, जिनके भीतर समाज के प्रति गहरी पीड़ा और सेवा का भाव है।
उन्होंने आगे कहा कि सिंह ने अपने जीवन को परोपकार के लिए समर्पित कर दिया है। सैकड़ों मंदिरों का जीर्णोद्धार तथा जरूरतमंदों की सहायता कर उन्होंने समाज में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुंबई के वरिष्ठ समाजसेवी पं. राधेश्याम तिवारी ने कहा कि ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा मुंबई से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में किए गए सामाजिक कार्यों की गिनती करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब सिंह मुंबई में नहीं होते, तब भी उनके कार्यों की चर्चा होती रहती है।

समरस फाउंडेशन के महासचिव शिवपूजन पाण्डेय ने बताया कि यह सम्मान लंबे समय से एक योग्य व्यक्तित्व की प्रतीक्षा कर रहा था और एकादशी के पावन अवसर पर ज्ञान प्रकाश सिंह को सम्मानित कर संस्था स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है। उन्होंने सम्मान पत्र का वाचन करते हुए कहा कि श्री सिंह के प्रेरणादायक कार्यों को शब्दों में समेटना संभव नहीं है।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दुबे, डॉ. मंगलेश्वर (मुन्ना) त्रिपाठी, डॉ. मधुकर तिवारी, पत्रकार रामदयाल द्विवेदी, पत्रकार देवी सिंह, पत्रकार चंद्रकांत दुबे, पत्रकार अंकित जायसवाल, शिवा सिंह, अजय शुक्ला, विवेक मिश्रा, विनीत तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार प्रमोद पांडे ने किया।

शांतिकुंज में ‘अर्थ ऑवर’ के तहत एक घंटे बंद रही बिजली

शांतिकुंज में ‘अर्थ ऑवर’ के तहत एक घंटे बंद रही बिजली

वैश्विक पर्यावरण जागरूकता अभियान Earth Hour के तहत शांतिकुंज में शनिवार शाम 8:30 से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए बिजली बंद रखी गई। इस दौरान अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी विद्युत उपकरण बंद कर दिए गए। अभियान के अंतर्गत देवसंस्कृति विश्वविद्यालय और ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान में भी यही व्यवस्था लागू की गई।

यह वैश्विक अभियान World Wide Fund for Nature (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) द्वारा संचालित किया जाता है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाना है।

गौरतलब है कि Earth Hour की शुरुआत वर्ष 2007 में सिडनी से हुई थी, जिसमें पहली बार लगभग 22 लाख लोगों ने भाग लिया था। वर्तमान में यह अभियान 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से समाज में जागरूकता बढ़ती है और लोगों को ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि शांतिकुंज और विश्वविद्यालय में पिछले कई दिनों से बिजली बचत के उद्देश्य से आवश्यक उपकरणों को छोड़कर एक घंटे के लिए विद्युत उपयोग सीमित किया जा रहा है।

शांतिकुंज मीडिया विभाग के अनुसार, इस अभियान के तहत अखिल विश्व गायत्री परिवार के विभिन्न प्रज्ञा संस्थानों में भी देश-विदेश में एक साथ आवश्यक उपकरणों को छोड़कर सभी बिजली उपकरण बंद रखे गए।

Saturday, 28 March 2026

डोंबिवली महिला महासंघ की ओर से नगरसेविकाओं का सम्मान, शहर विकास के लिए आगे आने का संकल्प

डोंबिवली महिला महासंघ की ओर से नगरसेविकाओं का सम्मान, शहर विकास के लिए आगे आने का संकल्प

डोंबिवली (संवाददाता) – कल्याण-डोंबिवली के विकास के लिए नागरिकों के सहयोग से निरंतर कार्य करने का आश्वासन डोंबिवली की नवनिर्वाचित नगरसेविकाओं ने दिया। डोंबिवली महिला महासंघ की ओर से महिला दिवस के अवसर पर पूर्व और पश्चिम क्षेत्र की नवनिर्वाचित नगरसेविकाओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान आयोजित परिसंवाद (चर्चा सत्र) में नगरसेविकाओं ने अपने-अपने प्रभाग के विकास के लिए सदैव तत्पर रहने का विश्वास व्यक्त किया।

इस परिसंवाद में नगरसेविका खुशबू चौधरी, रंजना पेणकर, ज्योति मराठे, आर्या नाटेकर, अधिवक्ता कविता म्हात्रे, मंदा म्हात्रे, रसिका पाटील, रविना माळी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। महासंघ की संस्थापक अध्यक्ष एवं कार्यवाह सीए जयश्री कर्वे ने नगरसेविकाओं के साथ संवाद साधा।

चर्चा के दौरान प्रभागों में अनधिकृत निर्माण, फेरीवालों की समस्या, महानगरपालिका स्कूलों में सुधार, लोकसहभाग बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्योग सृजन पर काम करने की बात कही गई। नगरसेविकाओं ने बेहतर सड़कें, पथदीप, फुटपाथ, स्वच्छ और सुंदर उद्यान, वाचनालय, अध्ययन कक्ष तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाएं विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।

इस अवसर पर मंदा म्हात्रे, रविना माळी, अलका म्हात्रे, आर्या नाटेकर, रंजना पेणकर, ज्योति मराठे, खुशबू चौधरी, ज्योति पाटील, शारदा चौधरी, डॉ. रविना म्हात्रे, अधिवक्ता कविता म्हात्रे, आसावरी नवरे, रसिका पाटील, मृदुला नाख्ये, डॉ. रसिका पाटील सहित अनेक नगरसेविकाओं का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में ठाणे जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की संरक्षण अधिकारी निकिता साबळे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं, एकल महिलाओं और अनाथ विद्यार्थियों के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डोंबिवली महिला महासंघ की अध्यक्षा डॉ. विंदा भुस्कुटे ने की। उन्होंने सभी नगरसेविकाओं को शुभकामनाएं देते हुए शहर को आदर्श बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन एवं प्रस्तावना महासंघ की उपाध्यक्ष नेत्रा फडके ने किया, जबकि कोषाध्यक्ष सुनीति रायकर ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद साडविलकर, गोविंद मोरे, श्रद्धा अष्टीवकर, रीटा ठक्कर, जोया पाटील, अधिवक्ता तृप्ती पाटील, अधिवक्ता मनीषा तुळपुळे, संगीता देशपांडे, पूजा तोतला, सई बने, ललिता छेडा, आरती मुनीश्वर, मीना गोडखिंडी सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा संपादित "अग्निशिला" मासिक भी भेंट स्वरूप प्रदान किया गया।

“ये शेर हैं अंधेरों से लड़ते जहीर के” — राजेंद्र गुप्ता

“ये शेर हैं अंधेरों से लड़ते जहीर के” — राजेंद्र गुप्ता

जहीर कुरेशी स्मृति व्याख्यानमाला–5 में जुटे साहित्यिक दिग्गज

प्रख्यात अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जहीर कुरेशी जीवन को बारीकी से देखने वाले ग़ज़लकार थे। उन्होंने कहा कि एक अभिनेता होने के नाते उन्हें कविताएँ सुनना और उनका पाठ करना प्रिय है, और जहीर कुरेशी की ग़ज़लें उन्हें विशेष रूप से प्रभावित करती हैं। उन्होंने उनकी पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए कहा कि 

“किस्से नहीं हैं यह किसी विरहन की पीर के,
ये शेर हैं अंधेरों से लड़ते जहीर के”
और बताया कि ये पंक्तियाँ एक शायर की प्रतिबद्धता और संघर्षशीलता को उजागर करती हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद ओबैद आज़म आज़मी ने की। प्रख्यात शायर नवाब आरज़ू ने कहा, “शायर कभी मरता नहीं, वह दिलों में जीवित रहता है—जहीर कुरेशी आज भी हमारे बीच हैं।”
फिल्मकार संदीप नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जहीर कुरेशी से मिले संस्कार उनके जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुए।

आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कथाकार व पत्रकार हरीश पाठक ने कहा कि जीवन के कठिन समय में जहीर कुरेशी ने उन्हें दिशा दिखाई। “वे मेरे जीवन का कोमल कोना हैं, उन्हें भूल पाना असंभव है।”

“कथा”, दीनदयाल मुरारका फाउंडेशन और “जलधारा” के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन विवेक अग्रवाल ने किया। स्वागत भाषण दीनदयाल मुरारका तथा आभार प्रदर्शन श्रीमती कमलेश पाठक ने किया।

दूसरे सत्र में रचना-पाठ का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता नवाब आरज़ू ने की। इस सत्र में राजेंद्र गौतम, अशोक कुमार नीरद, संध्या यादव, अनिल गौड़ और सुभाष पाठक जिया ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं।

इस अवसर पर विष्णु शर्मा, श्रुति भट्टाचार्य मंजू श्री,अंजू शर्मा, सुरेश शर्मा, ओमप्रकाश तिवारी, धनंजय कुमार, शैलेन्द्र गौड़, बनमाली चतुर्वेदी, हेमा चंदानी, कमर हाजीपुरी, प्रमोद दुबे, संतोष ओझा सहित साहित्य, कला और संस्कृति जगत के अनेक रचनाकार उपस्थित रहे, जिससे आयोजन को गरिमामयी स्वरूप प्राप्त हुआ।