Wednesday, 1 July 2026

जौनपुर और ज़फराबाद के प्राचीन इतिहास के अध्ययन एवं संरक्षण हेतु पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान की पहल

जौनपुर और ज़फराबाद के प्राचीन इतिहास के अध्ययन एवं संरक्षण हेतु पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान की पहल

मीरा रोड पूर्व स्थित श्री लल्लन तिवारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सभागार में पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान द्वारा एक सभा आयोजित की गई, जिसमें जौनपुर एवं ज़फराबाद क्षेत्र के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व पर चर्चा की गई तथा उनके अध्ययन, संरक्षण और पुनर्परिभाषा से संबंधित प्रस्ताव पारित किए गए।

सभा को संबोधित करते हुए प्रतिष्ठान के सचिव एवं पत्रकार ओम प्रकाश ने सनातन परंपरा के वैश्विक सांस्कृतिक विस्तार तथा भगवती तारा एवं आदि पराशक्ति से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों पर अपने विचार रखे। वहीं श्री जयशंकर तिवारी ने जौनपुर और ज़फराबाद के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और उनके प्राचीन स्वरूप के अध्ययन से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, शिक्षाविद लल्लन तिवारी, मीरा भायंदर की महापौर डिंपल मेहता, पूर्व सांसद संजय निरुपम, पूर्व मंत्री विद्या ठाकुर, विधायक नरेंद्र मेहता, पद्मश्री डॉ. सोमा घोष, भाजपा नेता आर. यू. सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्वांचल समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सभा में पारित प्रस्तावों में जौनपुर जिले के ज़फराबाद स्थित मनहेच किला और मछलीशहर स्थित सगरेकोट क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर संरक्षित करने, जमैथा एवं मादरडीह क्षेत्रों के व्यापक ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक अध्ययन, क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान पर शोध तथा अटाला मस्जिद से जुड़े विषयों पर संवाद एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान खोजने की मांग शामिल रही।

सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में बख्शा, राजेपुर, सिरकोनी, मल्हनी, मड़ियाहूं, केराकत एवं अन्य क्षेत्रों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण और अध्ययन के लिए विस्तृत प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रस्तुत किए जाएंगे।

दिलीप घोष को ‘डॉ. मुखर्जी स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया

दिलीप घोष को ‘डॉ. मुखर्जी स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया

पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के बाद पहली बार मुंबई पहुंचे पश्चिम बंगाल के ग्राम्य विकास एवं पंचायत राज मंत्री दिलीप घोष ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न (मरणोपरांत) प्रदान किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा में डॉ. मुखर्जी का योगदान ऐतिहासिक रहा है और राष्ट्रहित में उनके योगदान को सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए।

दिलीप घोष मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष अमरजीत मिश्रा की संस्था दीप कमल फाउंडेशन द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। विलेपार्ले (पूर्व) स्थित दीनानाथ मंगेशकर सभागृह में भारतीय जनसंघ एवं भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, भाजपा कार्यकर्ता एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में दिलीप घोष ने कहा कि विभाजन के दौर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल के पश्चिमी हिस्से को भारत में बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व और संकल्प ने उस समय की परिस्थितियों में ऐतिहासिक प्रभाव छोड़ा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुंबई भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम ने की। इस अवसर पर सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रसेवा में योगदान के लिए दिलीप घोष को ‘डॉ. मुखर्जी स्मृति सम्मान’ प्रदान किया गया।

समारोह में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार, राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम, पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद राहुल सिन्हा सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

पिछले 16 वर्षों से आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम की संकल्पना एवं आयोजन के लिए भाजपा नेता अमरजीत मिश्रा की सभी वक्ताओं ने सराहना की। श्री मिश्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

कार्यक्रम का भावनात्मक क्षण तब आया जब उन वीर माताओं का सम्मान किया गया, जिनके पुत्रों ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीद सैनिक दिनकर नाळे की माता यशोदा नाळे तथा मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित कैप्टन आर. सुब्रमण्यम की माता सुब्बलक्ष्मी रामचंद्रन को शाल एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की हालिया चुनावी सफलता को जनसमर्थन और राजनीतिक परिवर्तन का संकेत बताया।

कार्यक्रम में बंगाली संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। बांग्ला संगीत, लोकधुनों, पारंपरिक बंगाली वेशभूषा और ढाक की प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, “मी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी बोलतोय” नाटक के मंचन को भी सराहना मिली।

समारोह में मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों से आए बंगाली संगठनों के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, भाजपा पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में बंगाली समुदाय के नागरिकों ने सहभागिता की। राष्ट्रभक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न यह आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक सहभागिता का भी प्रतीक बना।