ओज उत्सव 2026 में आध्यात्मिक नेतृत्व, सामाजिक सरोकार और विकसित भारत के संकल्प पर हुआ मंथन
मुंबई के जुहू स्थित नोवोटेल होटल में आयोजित ओज फाउंडेशन के भव्य ओज उत्सव 2026 ने आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण पर गंभीर एवं प्रेरक विमर्श का मंच प्रदान किया। इस अवसर पर सार्वजनिक जीवन, उद्योग, कला, प्रशासन, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने सहभागिता करते हुए उत्तरदायी नेतृत्व, मानवीय मूल्यों और विकसित भारत के निर्माण पर अपने विचार रखे।
ओओजे फाउंडेशन के संस्थापक योगी प्रियव्रत अनिमेष ने अपने संबोधन में कहा कि ओज उत्सव केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि चेतना, संस्कृति, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व को जोड़ने वाला एक सतत अभियान है। उन्होंने समाज, उद्योग, प्रशासन, शिक्षा और आध्यात्मिक जगत के बीच समन्वय को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सुमन मंत्री, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, डॉ. योगेश लखानी, वरिष्ठ अभिनेत्री एवं निर्माता सुषमा शिरोमणी, उद्योगपति राजेंद्र बग्गा, प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन, रुचिता मेहरा, अरिजीत दत्ता, सहित कॉर्पोरेट जगत, उद्योग, पत्रकारिता, फिल्म जगत और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान ओज फाउंडेशन की वार्षिक गतिविधियों, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं को समर्पित वार्षिक प्रतिवेदन (एनुअल रिपोर्ट) का औपचारिक लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर "आकाश" पुस्तक का भी विमोचन हुआ, जिसमें चेतना, मानवीय विकास और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विचारों को प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित विशेष स्मारक ग्रंथ का सामूहिक प्रतीकात्मक विमोचन रहा। मंच पर उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों ने इस ग्रंथ का लोकार्पण करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और भारतीय जीवन मूल्यों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
अपने संबोधनों में वक्ताओं ने आध्यात्मिक चेतना, नैतिक नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व, युवा सशक्तिकरण तथा विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थायी एवं समावेशी विकास के लिए मानवीय मूल्य, सामाजिक सहयोग और जिम्मेदार नेतृत्व सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।
कार्यक्रम का समापन विशिष्ट अतिथियों के सम्मान, स्मृति-चिह्न प्रदान, सामूहिक छायाचित्र तथा राष्ट्र और मानवता के कल्याण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। आयोजकों के अनुसार ओज उत्सव 2026 विविध क्षेत्रों के बीच संवाद, सहयोग और सकारात्मक नेतृत्व को नई दिशा देने वाली एक सार्थक पहल के रूप में स्थापित हुआ।
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