हिंदी साहित्य भारती के महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के उपलक्ष्य में वरिष्ठ साहित्यकार, समाजसेवी एवं अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका पांडेय का भव्य अभिनंदन समारोह मुंबई प्रेस क्लब में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह का आयोजन प्रसिद्ध पत्रिका क्राइम पॉइंट की संपादक कमलेश गुप्ता द्वारा किया गया।
हिंदी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र शुक्ल, वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. दयानंद तिवारी तथा सुनीता मंडल द्वारा व्यक्त विश्वास के आधार पर अलका पांडेय को महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। इसी उपलब्धि के सम्मान में आयोजित समारोह साहित्य, समाज सेवा और सांस्कृतिक जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति से विशेष रूप से गौरवान्वित हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. दयानंद तिवारी ने की, जबकि पवन तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में ममता झा, सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली तथा रामकुमार त्रिपाठी शामिल रहे। कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन पल्लवी रानी ने किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. दयानंद तिवारी ने कहा कि अलका पांडेय की सक्रियता, संगठन क्षमता, साहित्यिक प्रतिबद्धता और सामाजिक सरोकारों को देखते हुए उन्हें इस पद के लिए सर्वाधिक उपयुक्त पाया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और हिंदी साहित्य भारती को नई दिशा एवं गति मिलेगी।
मुख्य अतिथि पवन तिवारी ने अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए अलका पांडेय के साहित्यिक, सामाजिक और संगठनात्मक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके कार्य प्रेरणादायी हैं तथा उनकी नई जिम्मेदारी संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगी।
विशिष्ट अतिथि ममता झा ने महाराष्ट्र महिला इकाई को मजबूत एवं सक्रिय बनाने पर बल देते हुए अलका पांडेय की नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति समर्पण की प्रशंसा की। अनिल गलगली और रामकुमार त्रिपाठी ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल एवं उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की तथा कमलेश गुप्ता द्वारा आयोजित इस अभिनंदन समारोह की सराहना की।
सम्मान के प्रत्युत्तर में अलका पांडेय ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी साहित्यकारों, समाजसेवियों और विशेष रूप से महिलाओं का सम्मान है जो समाज और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में निरंतर योगदान दे रही हैं। उन्होंने आयोजन के लिए कमलेश गुप्ता का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका विश्वास और स्नेह उनके लिए अमूल्य है। उन्होंने हिंदी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र शुक्ल, प्रो. दयानंद तिवारी और सुनीता मंडल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पद केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि साहित्य, समाज और संस्कृति की सेवा का अवसर है, जिसका निर्वहन वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगी।
समारोह में सेवा सदन प्रसाद, ओमप्रकाश पांडेय, नीरज ठाकुर, अनीता झा, सीमा त्रिवेदी, कविता झा, रोमा झा, चंद्रिका व्यास, दिव्या जैन, कलावती मोरया, डॉ. अनु, मृदुल, मनीषा सिंह, सूर्यकांत शुक्ला, रामस्वरूप साहू, नंदलाल क्षितिज, रोशनी किरण, प्रमेन्द्र सिंह, सैयद जाहिद अली, रियासत, संतोष साहू, हेरम्ब तिवारी, चंद्रकांत जाधव, निरज कुमार सहित अनेक साहित्यकार, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में रामकुमार त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।
यह अभिनंदन समारोह केवल एक सम्मान कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहित्य, समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों के सम्मान का प्रेरणादायी उत्सव बन गया, जिसकी गरिमा, आत्मीयता और सकारात्मक संदेश लंबे समय तक स्मरणीय रहेंगे।