Monday, 11 May 2026

डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे “सुश्रुत रत्न” पुरस्कार से सम्मानित

डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे “सुश्रुत रत्न” पुरस्कार से सम्मानित

श्री नरसिंह के दुबे चैरिटेबल ट्रस्ट की ट्रस्टी तथा नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र विभाग की प्रमुख, पालघर जिले की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे को नवी मुंबई स्थित डी. वाय. पाटील यूनिवर्सिटी में आयोजित “अनुशल्य जिज्ञासा” राष्ट्रीय परिसंवाद (National Symposium of Parasurgical Procedures) में “सुश्रुत रत्न” पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान डॉ. मुकुल पटेल, डॉ. महेश कुमार हारित, डॉ. संपदा संत, डॉ. अमरप्रकाश द्विवेदी, राजलक्ष्मी पाटील तथा डॉ. विनय वेलणकर सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

पालघर जिले में आयुर्वेद शिक्षा, स्त्री रोग-प्रसूति तंत्र एवं महिला स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। यह नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के लिए गर्व और खुशी का क्षण है।

महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे, प्राचार्या डॉ. हेमलता शेंडे, सभी अध्यापक, विद्यार्थी, कर्मचारी एवं अस्पताल कर्मियों ने डॉ. ऋजुता दुबे को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Sunday, 10 May 2026

समाजसेवी अरविंद उपाध्याय के रजत जयंती समारोह में जुटीं जानी-मानी हस्तियां

समाजसेवी अरविंद उपाध्याय के रजत जयंती समारोह में जुटीं जानी-मानी हस्तियां

शादी की सालगिरह पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और समर्पण को पुनः स्मरण करने का विशेष अवसर होती है। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जीवन के संघर्षों, खुशियों और साथ निभाने की प्रतिबद्धता का सम्मान भी है। इसी भाव के साथ राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय संरक्षक एवं सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित समाजसेवी अरविंद उपाध्याय ने अपनी धर्मपत्नी संतोषी उपाध्याय के साथ वैवाहिक जीवन की 25वीं वर्षगांठ (रजत जयंती समारोह) को भव्य रूप से मनाया।

मीरा रोड स्थित इस्कॉन मंदिर के भव्य सभागार में आयोजित इस समारोह में मीरा-भायंदर, मुंबई, ठाणे, वसई, विरार, कल्याण और पनवेल सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर, भजन गायक राकेश उपाध्याय ‘चंचल’ तथा जौनपुर के प्रसिद्ध लोकगायक राम अनुज पाठक की मधुर प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी ने सबसे पहले अरविंद उपाध्याय एवं संतोषी उपाध्याय को आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर महानगरपालिका परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अरविंद उपाध्याय, राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज के मानस पुत्र माने जाते हैं। वे शिक्षा दान अभियान फेडरेशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री तथा घर-घर रामायण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पिछले 10 वर्षों से प्रत्येक मंगलवार को अखंड सुंदरकांड पाठ का आयोजन कराने वाले अरविंद उपाध्याय हर वर्ष हजारों जरूरतमंदों को कंबल वितरण करते हैं तथा अपने माता-पिता की पुण्यतिथि वृद्धाश्रम में सेवा कार्य करते हुए मनाते हैं। उनके इस सामाजिक और धार्मिक अभियान में उनकी धर्मपत्नी संतोषी उपाध्याय निरंतर सहयोगी बनी हुई हैं।

रजत जयंती समारोह में महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री एवं विधायक विद्या ठाकुर, वरिष्ठ भाजपा नेता जयप्रकाश ठाकुर, विधायक नरेंद्र मेहता, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे, समाजसेवी डॉ. किशोर सिंह, भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे, उत्तर भारतीय मोर्चा मुंबई अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, उद्योगपति दिनेश त्रिपाठी, डॉ. राधेश्याम तिवारी, डॉ. हृदय नारायण मिश्र, समाजसेवी विजय पंडित, महंत सुरेश गुरु ओझा, प्रोफेसर सुधाकर मिश्रा, नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, भाजपा प्रवक्ता शैलेश पांडे, हेमंत पांडे, उद्योगपति ओमप्रकाश सिंह, हिंदू युवा वाहिनी महाराष्ट्र संयोजक साहब तिवारी, गणेश अग्रवाल, जैकी तिवारी, पूर्व नगरसेवक विजय राय, मनोज चतुर्वेदी, रमेश चंद्र मिश्रा, राधेश्याम मिश्रा, अमर फाउंडेशन के अध्यक्ष अमरनाथ तिवारी, समाजसेविका सुंदरी ठाकुर, रूपा शर्मा, शिवपूजन तिवारी, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, जगदंबा तिवारी, छोटे चेतन, रतन तिवारी, पत्रकार विनोद मिश्र, कृपाशंकर पांडे, वीरेंद्र प्रसाद द्विवेदी, उद्योगपति नवीन सिंह, पत्रकार राजेश उपाध्याय, संतोष उमाशंकर तिवारी, विनोद उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष पांडे, रवि यादव, राकेश उपाध्याय, पंकज मिश्रा, विभांशु त्रिपाठी और अमन जायसवाल का विशेष योगदान रहा। समारोह में अरविंद उपाध्याय के तीनों बच्चे ऋषि, श्रुति और पार्थ भी पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ उपस्थित रहे। अंत में अरविंद उपाध्याय ने सभी अतिथियों एवं शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Saturday, 9 May 2026

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन 


पश्चिम बंगाल की राजनीति में वर्ष 2026 का विधानसभा चुनाव केवल एक सामान्य चुनाव नहीं था, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक दिशा बदलने वाला ऐतिहासिक जनादेश साबित हुआ। लगभग 15 वर्षों तक लगातार सत्ता में रहने वाली तृणमूल कांग्रेस को जनता ने विपक्ष की भूमिका में बैठा दिया और भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाई।

भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम केवल सीटों की हार-जीत नहीं, बल्कि जनता के मूड, सामाजिक समीकरणों, प्रशासनिक असंतोष और राजनीतिक रणनीतियों का संयुक्त परिणाम है।


वर्ष 2011 में ममता बनर्जी ने 34 वर्षों से सत्ता में रही वामपंथी सरकार को हटाकर “परिवर्तन” का नारा दिया था। उस समय जनता ने उन्हें गरीबों, किसानों और आम लोगों की आवाज माना।शुरुआती वर्षों में ममता सरकार ने कई लोककल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, जिनका लाभ महिलाओं, छात्रों और ग्रामीण वर्ग को मिला। “कन्याश्री”, “रूपश्री” और “स्वास्थ्य साथी” जैसी योजनाओं ने तृणमूल कांग्रेस को मजबूत जनाधार दिया। लेकिन समय के साथ जनता के बीच यह धारणा बनने लगी कि सरकार पर कुछ नेताओं और स्थानीय समूहों का अत्यधिक नियंत्रण हो गया है। विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार, कट मनी, सिंडिकेट राज और राजनीतिक हिंसा के आरोप लगाता रहा। यही असंतोष धीरे-धीरे सत्ता विरोधी लहर में बदल गया।


सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति का बड़ा नाम माने जाते हैं। वे लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा रहे और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में शामिल थे। नंदीग्राम आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका ने उन्हें राज्य स्तर पर पहचान दिलाई। बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें बंगाल में अपने सबसे बड़े बंगाली चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया। उनकी राजनीतिक शैली आक्रामक मानी जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ भाजपा के लिए निर्णायक साबित हुई। विशेष रूप से ममता बनर्जी को नंदीग्राम और बाद में भवानीपुर में चुनौती देने के कारण वे भाजपा समर्थकों के बीच “परिवर्तन के प्रतीक” बन गए।


तृणमूल कांग्रेस की हार के प्रमुख कारण सत्ता विरोधी लहर है। लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के कारण सरकार के खिलाफ नाराजगी स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का कहना था कि स्थानीय नेताओं तक पहुंचना कठिन हो गया है।
सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में पक्षपात के आरोप लगते रहे। जनता के एक वर्ग को लगा कि तृणमूल कांग्रेस अब पहले जैसी जनआंदोलन वाली पार्टी नहीं रही, बल्कि सत्ता केंद्रित संगठन बन गई है।

“कट मनी” और भ्रष्टाचार का मुद्दा यह चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बना। राज्य के कई हिस्सों में लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं, आवास, सड़क या अन्य सुविधाओं के लिए स्थानीय नेताओं को पैसा देना पड़ता है। “कट मनी” शब्द बंगाल की राजनीति में आम चर्चा का विषय बन गया। विपक्ष ने इसे जोरदार तरीके से उठाया और भाजपा ने प्रचार किया कि यदि सरकार बदलेगी तो भ्रष्टाचार खत्म होगा। यही कारण रहा कि शहरी मध्यम वर्ग और ग्रामीण गरीब दोनों वर्गों में नाराजगी बढ़ी।

राजनीतिक हिंसा और कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान थे। पश्चिम बंगाल लंबे समय से राजनीतिक हिंसा के लिए चर्चा में रहा है। चुनावों के दौरान हिंसा, कार्यकर्ताओं पर हमले और राजनीतिक संघर्ष की घटनाओं ने राज्य की छवि को प्रभावित किया। महिला सुरक्षा और अपराध के मुद्दे पर भी विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा। कई चर्चित घटनाओं ने जनता के बीच यह संदेश दिया कि राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है।


बेरोजगारी और आर्थिक ठहराव से युवाओं में सबसे अधिक असंतोष दिखाई दिया। राज्य में बड़े उद्योगों का विकास अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ। कई युवा रोजगार के लिए महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों की ओर पलायन करते रहे। भाजपा ने “उद्योग, निवेश और रोजगार” को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया। शहरी युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं ने भाजपा को समर्थन दिया।

संगठनात्मक कमजोरी से एक समय बूथ स्तर तक मजबूत मानी जाने वाली तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष बढ़ने लगा। कई पुराने नेताओं ने पार्टी छोड़ी। स्थानीय स्तर पर गुटबाजी बढ़ी।
कुछ क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच तालमेल कमजोर हुआ। इसके विपरीत भाजपा ने बूथ स्तर तक मजबूत संगठन तैयार किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर प्रचार अभियान चलाया।

हिंदुत्व और पहचान की राजनीति का मुद्दा जोरदार रहा। भाजपा ने बंगाल में सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान के मुद्दों को भी प्रभावी ढंग से उठाया। राम नवमी, दुर्गा पूजा और धार्मिक आयोजनों से जुड़े मुद्दों पर भाजपा ने खुद को हिंदू समाज की आवाज के रूप में प्रस्तुत किया। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस पर “तुष्टिकरण” की राजनीति करने के आरोप लगाए गए। इस रणनीति ने विशेष रूप से सीमावर्ती और शहरी क्षेत्रों में भाजपा को फायदा पहुंचाया।

केंद्रीय योजनाओं का प्रभाव चुनाव में हावी रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं का लाभ भाजपा ने अपने प्रचार में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। भाजपा ने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य सरकार सही तरीके से लागू नहीं कर रही। इसका असर गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के मतदाताओं पर दिखाई दिया।

ममता बनर्जी की बदलती राजनीतिक छवि से भाजपा को अधिक लाभ हुआ। एक समय “दीदी” के नाम से लोकप्रिय ममता बनर्जी की छवि संघर्षशील नेता की थी। लेकिन लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण विरोधियों ने उन पर “अहंकारी नेतृत्व” और “केंद्रीकृत नियंत्रण” के आरोप लगाए। कुछ नेताओं और अधिकारियों पर अत्यधिक निर्भरता ने भी पार्टी की छवि को प्रभावित किया। भवानीपुर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली सीट पर हार को राजनीतिक रूप से बहुत बड़ा संकेत माना जा रहा है।

भाजपा की जीत के पीछे मजबूत नेतृत्व, आक्रामक चुनाव प्रचार की रणनीति लाभदायक साबित हुई। भाजपा ने बंगाल में स्थानीय नेतृत्व तैयार किया। सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल और अन्य नेताओं को आगे बढ़ाया गया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने लगातार बंगाल में रैलियां कीं। भाजपा ने चुनाव को “भ्रष्टाचार बनाम विकास” के रूप में पेश किया।

सोशल मीडिया और आईटी अभियान का अत्याधिक उपयोग हुआ।युवाओं तक पहुंचने के लिए भाजपा ने सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग किया। व्हाट्सऐप, फेसबुक और डिजिटल प्रचार ने शहरी क्षेत्रों में बड़ा प्रभाव डाला।



राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि तृणमूल कांग्रेस अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ग्रामीण बंगाल, अल्पसंख्यक समाज और महिला मतदाताओं में पार्टी का प्रभाव अभी भी मौजूद है। यदि पार्टी संगठन में सुधार करती है, नए नेतृत्व को मौका देती है और भ्रष्टाचार के आरोपों पर नियंत्रण करती है, तो भविष्य में वापसी संभव हो सकती है।


पश्चिम बंगाल का 2026 विधानसभा चुनाव राज्य की राजनीति का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। जनता ने लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को हटाकर भाजपा को मौका दिया। सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार से अब विकास, रोजगार, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की अपेक्षा की जा रही है। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी खोई हुई विश्वसनीयता और संगठनात्मक ताकत को वापस हासिल करना होगी। आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या भाजपा बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रख पाती है या तृणमूल कांग्रेस फिर से वापसी करती है।

अनिल गलगली 

Friday, 8 May 2026

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3”

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3”

सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जुड़ाव और आर्थिक सहयोग पर होगा मंथन

आनंद स्वरूप शुक्ला के मार्गदर्शन में “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3” का आयोजन 9 मई 2026 को शाम 6 बजे से Sahara Star में किया जाएगा। “सामाजिक समरसता | संगम ऑफ़ स्ट्रेंथ: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को एक साथ लाते हुए” थीम पर आधारित यह समिट विकसित भारत 2036 के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक सशक्त ग्रोथ कॉरिडोर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

समिट में महाराष्ट्र विधान परिषद के विधायक प्रवीण दरेकर तथा लोढा फाउंडेशन के चेयरपर्सन मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में दो विशेष कीनोट संबोधन भी आयोजित किए जाएंगे।

संदीप गुप्ता “Boosting India Together: The Uttar Pradesh-Maharashtra Growth Model for Next Decade” विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। वहीं डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला “Vasudhaiva Kutumbkam: Leading India’s Message of World Peace” विषय पर कीनोट स्पीकर के रूप में संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी। समिट के दौरान ग्रामीण औद्योगीकरण, विलेज टूरिज्म, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्यमिता विकास और सांस्कृतिक सद्भाव जैसे विषयों पर विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे।

“एकता समिट अध्याय 3” की मेंटर टीम में रश्मि उपाध्याय, आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल गलगली, डॉ. गौरीशंकर चौबे एवं बलवंत वर्मा शामिल हैं।

संस्कृति, समुदाय और सामाजिक जुड़ाव का उत्सव माने जा रहे इस समिट का उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विज़न को मजबूत करते हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सामूहिक शक्तियों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

मुंबई महानगरपालिकेच्या सार्वजनिक आरोग्य समितीचे अध्यक्ष हरिष भांदिर्गे यांच्या कार्यकाळात आरोग्य विभागात नवे बदल

अत्याधुनिक आरोग्य सुविधांचे लोकार्पण

मुंबई महानगरपालिकेच्या सार्वजनिक आरोग्य समितीचे अध्यक्ष हरिष भांदिर्गे यांच्या कार्यकाळात आरोग्य विभागात नवे बदल

'जागतिक थॅलेसेमिया दिनी 'बोन मॅरो ट्रान्सप्लांट, बालरोग, रक्तदोष व कर्करोग विभागाचा' लोकार्पण सोहळा

मुंबईच्या प्रथम नागरिक, महापौर श्रीमती रितूताई तावडे यांच्या हस्ते लोकार्पण

KEM रुग्णालयात नवजात अतिदक्षता विभाग, अत्याधुनिक मॅमोग्राफी मशीन, सर्जिकल पॅथॉलॉजी आणि फिजिओलॉजी सेमिनार हॉलचे लोकार्पण

मुंबईतील प्राण्यांच्या आरोग्यसेवेसाठी एक महत्त्वपूर्ण पाऊल!

मुंबई महानगरपालिकेच्या आरोग्य आणि सार्वजनिक सेवांना अधिक सक्षम, आधुनिक आणि नागरिकाभिमुख बनविण्याच्या दृष्टीने विविध महत्त्वपूर्ण उपक्रमांचे आज लोकार्पण आणि शुभारंभ सोहळे उत्साहात संपन्न झाले. 

लोकमान्य टिळक महानगरपालिका सर्वसाधारण रुग्णालय (सायन हॉस्पिटल) संलग्नित लोकनेते मा. श्री. एकनाथराव गायकवाड नागरी आरोग्य केंद्र, धारावी येथे अत्याधुनिक सुविधांनी सुसज्ज बालरोग, रक्तदोष, कर्करोग व बोनमॅरो ट्रान्सप्लांट सेंटरचे लोकार्पण करण्यात आले. 

जागतिक थॅलेसेमिया दिनाचे औचित्य साधून सुरू करण्यात आलेल्या या केंद्रामुळे रक्तदोष आणि कर्करोगाने ग्रस्त रुग्णांना अधिक आधुनिक व सुलभ उपचार सुविधा उपलब्ध होणार आहेत. विशेषतः बोनमॅरो ट्रान्सप्लांटसारखी जटिल उपचार सुविधा महानगरपालिकेच्या माध्यमातून सर्वसामान्यांसाठी उपलब्ध होणे ही आरोग्य क्षेत्रातील अत्यंत महत्त्वाची बाब मानली जात आहे.

तसेच सेठ गोर्धनदास सुंदरदास वैद्यकीय महाविद्यालय व रा. ए. स्मा. रुग्णालय, परळ (KEM) येथे नवजात अतिदक्षता विभाग (NICU), अत्याधुनिक मॅमोग्राफी मशीन, सर्जिकल पॅथॉलॉजी सेमिनार हॉल आणि फिजिओलॉजी सेमिनार हॉलचे उद्घाटन व लोकार्पण करण्यात आले. या सुविधांमुळे नवजात बालकांना अधिक दर्जेदार उपचार, महिलांसाठी अत्याधुनिक आरोग्य तपासणी सुविधा तसेच वैद्यकीय विद्यार्थ्यांना आणि डॉक्टरांना संशोधन व प्रशिक्षणासाठी सक्षम व्यासपीठ उपलब्ध होणार आहे.

या सर्व कार्यक्रमांना मुंबईच्या प्रथम नागरिक तथा महापौर श्रीमती रितू तावडे , सार्वजनिक आरोग्य समितीचे अध्यक्ष हरिष भांदिर्गे सार्वजनिक आरोग्य विभागाचे उपायुक्त शरद उघडे , संबंधित रुग्णालयांचे अधिष्ठाता, डॉक्टर, कर्मचारी, संस्थांचे पदाधिकारी तसेच मान्यवर मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.

वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को तरुण कला संगम द्वारा पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया

वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को तरुण कला संगम द्वारा पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया

मुंबई की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था तरुण कला संगम द्वारा चर्चगेट स्थित सम्राट होटल में आयोजित भव्य समारोह में नवभारत टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को “पत्रकारिता पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महाराष्ट्र सरकार के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक श्रीकांत भारतीय, तरुण कला संगम के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह, संस्था के महासचिव भाई दीपक सिंह, वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र द्विवेदी, बोरीवली के विधायक संजय उपाध्याय तथा महाराष्ट्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राधा के हाथों प्रदान किया गया। पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपये, स्मृति चिन्ह एवं शाल-श्रीफल भेंट किया गया।

समारोह को मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, महासचिव विजय सिंह कौशिक, मंत्रालय पत्रकार संघ के कोषाध्यक्ष विनोद यादव तथा आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडेय ने किया।

समारोह में मुंबई भाजपा के प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, पूर्व नगरसेवक रामबचन मुराई, उद्योगपति विजय सिंह, भाजपा प्रवक्ता ओमप्रकाश चौहान मुन्ना, समाजसेवी ललित जैन, भारत मर्चेंट चैंबर के ट्रस्टी राजीव सिंगल, उद्योगपति अजय सिंघानिया, उद्योगपति निलेश गुप्ता, वेंचुरा सिक्योरिटी के निदेशक डीपी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार सुनील मेहरोत्रा, वरिष्ठ पत्रकार हरि मृदुल, वरिष्ठ पत्रकार मनोज दुबे, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र मिश्र, समाजसेवी एस.एन. सिंह, वरिष्ठ पत्रकार विजय पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार अशोक शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार नवीन पांडेय, समाजसेवी हरि सिंह राजपुरोहित, समाजसेवी यूके सिंह, वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश पांडे तथा समाजसेवी सूरज पांडे सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

संस्था के संयोजक राधेश्याम मिश्र, अभिषेक सिंह, आशीष सिंह एवं वेदांत सिंह ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। अंत में संस्था के महासचिव दीपक सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।समारोह अत्यंत भव्य, प्रेरणादायी और यादगार रहा।

Monday, 4 May 2026

मुंबई में गरिमामयी अंदाज़ में संपन्न हुआ 18वां न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026

मुंबई में गरिमामयी अंदाज़ में संपन्न हुआ 18वां न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026

मुंबई में आयोजित 18वां न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026 शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ। यह शाम गरिमा, विश्वसनीयता और वास्तविक प्रतिभाओं के सम्मान को समर्पित रही, जहां विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।

इस प्रतिष्ठित समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल विष्णु देव वर्मा की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ सुप्रसिद्ध गायक हरिहरन, सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर, विज्ञापन जगत के दिग्गज भरत दाभोलकर तथा प्रसिद्ध नृत्यांगना संध्या पुरेचा जैसी अनेक हस्तियां उपस्थित थीं। कार्यक्रम ने शासन, कला, मीडिया, सामाजिक सेवा, खेल और जननेतृत्व जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता का भव्य उत्सव प्रस्तुत किया।

डॉ. वैदेही तामन द्वारा मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सभागृह में आयोजित इस समारोह में देशभर के प्रेरणादायी व्यक्तित्वों और परिवर्तनकारी कार्य करने वालों को एक मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और विशेष क्षण रहा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स का सम्मान, जो उषा मंगेशकर, हरिहरन, पूजा बेदी, दिलीप जोशी, संजीव कपूर, वागीश गोस्वामी, अतुल तिवारी, विजय कुंभार, रुबेन मस्कारेन्हास, राही भिडे,अनुजा धाक्रस, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, सुषमा देशपांडे, दत्ता बरगजे, देवेंद्र वाल्मिकी, अनिस गावंडे, कृष्णा मोहिनी, आर्यन पाशा, किशोर भानुशाली, भारत भूषण, डॉ आशा मिरगे, IFS कुशाग्र पाठक, जैसी महान हस्तियों को प्रदान किया गया। इन सभी को उनके दशकों लंबे योगदान और समाज पर पड़े स्थायी प्रभाव के लिए सम्मानित किया गया।

इसके अलावा मनोरंजन, रंगमंच, वेलनेस, पारदर्शिता, पत्रकारिता, ग्रामीण शिक्षा और वन्यजीव संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दिलीप जोशी, अतुल तिवारी, पूजा बेदी, देविंदर वाल्मीकि, विजय कुंभार, अनुजा धाक्रस, अज्जीबाईची शाला और कुशाग्र पाठक सहित अनेक प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान दिलीप जोशी ने मनोरंजन जगत में अपने लंबे सफर के लिए आभार व्यक्त किया, वहीं संजीव कपूर ने नई पीढ़ी से सीखने के महत्व पर जोर दिया। हरिहरन ने संगीत और कला को सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम बताते हुए कहा कि कला का उद्देश्य समाज में खुशी और प्रेरणा फैलाना है।

यह आयोजन केवल एक पुरस्कार समारोह नहीं था, बल्कि संघर्ष, उद्देश्य और राष्ट्र निर्माण की भावना का उत्सव था। न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026 ने एक बार फिर साबित किया कि यह मंच दिखावे से अधिक वास्तविक उपलब्धियों और सार्थक योगदानों को सम्मान देने के लिए जाना जाता है।

भागती-दौड़ती मुंबई ने इस शाम उत्कृष्टता को सलाम करने के लिए ठहरकर जश्न मनाया, और वर्ष 2026 का यह आयोजन लंबे समय तक याद रखा जाएगा।