चित्रा वाघ का महिला दिवस पर संदेश
भाजपा विधायिका चित्रा वाघ ने कहा कि “स्त्री परमेश्वर द्वारा रचित सबसे उत्कृष्ट कृति है, इसलिए महिलाओं को कभी खुद को कम नहीं आंकना चाहिए।” वे दादर (पश्चिम) स्थित श्री छत्रपति शिवाजी मंदिर में ‘जाणीव उद्याची स्त्रीमनाची’ कार्यक्रम के दौरान महिला दिवस के अवसर पर संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया, जिसके कारण आज महिलाएं समाज में सशक्त रूप से आगे बढ़ रही हैं। साथ ही नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया, जिससे देश की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कार्यक्रम की आयोजिका एवं पत्रकार सोनल खानोलकर की सराहना करते हुए इस पहल को प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत इला वालावलकर (हार्मोनियम विशारद), सुमेधा शिंगाडे (तबला विशारद) और श्रावणी वागळे (गायिका) के सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। उद्यमी जान्हवी सप्रे-लाडे का भी इस अवसर पर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य सलाहकार डॉ. विजया वाड ने ऑडियो संदेश के माध्यम से महिलाओं को अपनी इच्छाओं और स्वतंत्रता को बनाए रखने का संदेश दिया। आयोजिका सोनल खानोलकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 15 वर्ष पूर्व शुरू किए गए ‘मनातली जाणीव’ दिवाली अंक का उद्देश्य एक मन की संवेदनाओं को दूसरे मन तक पहुंचाना था और इस यात्रा में उन्हें कई लोगों का सहयोग मिला।
खादी ग्रामोद्योग मंडल के सभापति रवींद्र साठे ने कहा कि पुरुषों में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जैसे मधुमक्खी विभिन्न फूलों से मध इकट्ठा करती है, उसी प्रकार एक महिला अपने परिवार के लिए अथक परिश्रम करती है। खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से मधुमक्खी पालन जैसे उपक्रमों द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
परिसंवाद सत्र में प्रसिद्ध एंकर स्मिता गवाणकर ने अतिथियों से संवाद कर उनके विचारों को सामने रखा। लेखिका रानी दुर्वे ने कहा कि पाठकों के सकारात्मक अभिप्राय से लेखन को सही दिशा मिलती है। अभिनेत्री विजया बाबर और साक्षी सुभाष भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।
सेलिब्रिटी फिटनेस विशेषज्ञ लीना मोगरे ने साइबर अपराध का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि सही समर्थन मिलने पर महिला हर चुनौती का मजबूती से सामना कर सकती है। उन्होंने 40 वर्ष के बाद नियमित व्यायाम करने की सलाह दी। फिल्म निर्माता अमृता राव ने बताया कि ‘श्यामची आई’ फिल्म के निर्माण ने उन्हें कठिन समय से उबरने में मदद की।
कोकण हार्टेड गर्ल अंकिता प्रभू-वालावलकर ने शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर जोर देते हुए परिवार को प्राथमिकता देने की बात कही। तन्वी हर्बल्स की डॉ. मानसी मेहेंदळे-धामणकर ने अपने अनुभवों और श्लोकों से कार्यक्रम को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अंत में, जान्हवी सप्रे-लाडे ने महिलाओं को एक-दूसरे का सहयोग करने, प्रेरित करने और आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम में लकी ड्रॉ के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए तथा नव-निर्वाचित नगरसेविकाओं का भी सम्मान किया गया।