Monday, 31 August 2026

वडाला में श्रीरामचरितमानस का संगीतमय पाठ: भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भव्य संगम

वडाला में श्रीरामचरितमानस का संगीतमय पाठ: भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भव्य संगम

देश और समाज में सनातन संस्कृति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से वडाला के वरिष्ठ समाजसेवक रमेश शुक्ला ने अपने आवास पर राकेश पांडेय की अध्यक्षता में श्रीरामचरितमानस का भव्य संगीतमय पाठ आयोजित कराया। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रीराम भक्तों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक सुनील दुबे एवं उनकी पार्टी ने देर रात तक भजन एवं संगीतमय प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रीराम भक्तों को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। भजनों और श्रीरामचरितमानस के पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। शिवसेना (शिंदे) के उपनेता एवं पूर्व सांसद राहुल रमेश शेवाले ने पूजा स्थल पर पहुंचकर दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला एवं उनकी धर्मपत्नी शांति देवी शुक्ला, आरटीआई कार्यकर्ता एवं पत्रकार अनिल गलगली, भाजपा नेता संजय सिंह ठाकुर, मुंबई भाजपा प्रवक्ता उदय प्रताप सिंह, प्रो. दयानंद तिवारी, शिवसेना (शिंदे) व्यापारी सेल के अध्यक्ष लक्ष्मण कोठारी, मुंबई कांग्रेस महासचिव ब्रजमोहन शर्मा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य अमित शेट्टी, वेदभूषण पांडेय, कपिलदेव खरवार तथा दीपनारायण शुक्ला सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान मेजबान रमेश शुक्ला ने उपस्थित अतिथियों को शाल एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला के हाथों 11 महिलाओं को सम्मानित किया गया। शुक्ला परिवार की ओर से प्रेम शुक्ला को श्रीराम भक्त हनुमान की सुंदर एवं आकर्षक प्रतिमा भेंट कर विशेष सम्मान किया गया।

इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में जयप्रकाश तिवारी, गोकरण त्रिपाठी, बालकृष्ण तिवारी, हरिप्रसाद कनौजिया, गुड्डू त्रिपाठी, लाला विश्वकर्मा, मनीष तिवारी, मोहन माली, शशि पटेल, सानूर शेख, हर्ष शुक्ला और अमोष शुक्ला ने सक्रिय भूमिका निभाई।

महिलाओं में मीना मिश्रा, किरण जायसवाल, पार्वती माली, कल्पना तिवारी, मदद सामाजिक संस्था की अध्यक्ष रत्ना राकेश पांडेय तथा श्रुति तिवारी सहित अन्य महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सम्मान समारोह का प्रभावी सूत्रसंचालन एवं आभार प्रदर्शन राकेश पांडेय ने किया। रमेश शुक्ला ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सनातन मूल्यों, सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

Saturday, 29 August 2026

श्रावण मास में अजय चैरिटेबल ट्रस्ट का भव्य रुद्राभिषेक

श्रावण मास में अजय चैरिटेबल ट्रस्ट का भव्य रुद्राभिषेक

श्रावण मास के पावन अवसर पर अंधेरी पूर्व के पंप हाउस क्षेत्र में जानी-मानी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था अजय चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से भव्य रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। यह धार्मिक अनुष्ठान ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय तिवारी के आवास पर विधिवत रूप से संपन्न हुआ।

रुद्राभिषेक के दौरान अजय तिवारी एवं उनकी पत्नी बीनू तिवारी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का अभिषेक किया और सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भारत के जाने-माने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा, अंधेरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक मुरजी भाई पटेल, महाराष्ट्र के चर्चित आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, अंधेरी प्रभाग समिति अध्यक्ष प्रकाश मुसले, शिवसेना नेता अमोल कीर्तिकर, वार्ड 79 की नगरसेविका मधु जुवाटकर, राज त्रिवेदी, हाईवे मेडिकल के निदेशक डॉ. हेमंत दूगड़, ‘सुर्खियां समाज’ के संपादक संजय दुबे, प्रशांत उपाध्याय, नरेंद्र शुक्ला, गोलू पांडे, प्रियंका मुंगेकर, मनीषा यादव, बच्ची सिंह, प्रवीण पाटकर, गोविंद सराफ, राजकुमार तोषनीवाल, राजाराम छापरवाल, डॉ. श्रीकांत बडवे एवं पत्रकार विजय यादव सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

आयोजकों के अनुसार, रुद्राभिषेक में करीब 300 श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार एवं समाज के सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

अजय चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने श्रावण मास की धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सद्भावना का संदेश भी दिया।

Friday, 7 August 2026

वसई में ‘कजरी महोत्सव-2026’ का शानदार आयोजन

वसई में ‘कजरी महोत्सव-2026’ का शानदार आयोजन

सुश्री संजोली पाण्डेय के लोकगीतों ने मोहा श्रोताओं का दिल

वसई : संस्कार भारती प्रतिष्ठान व अभियान, मुंबई द्वारा वसई पूर्व स्थित रीजेंसी बैंक्वेट्स में ‘कजरी महोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। सावन की रिमझिम फुहारों और लोक संस्कृति की सुगंध से सराबोर इस सांस्कृतिक संध्या में अयोध्या से आईं सुप्रसिद्ध लोक गायिका सुश्री संजोली पाण्डेय ने अपनी सुरीली आवाज और शानदार प्रस्तुति से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाराष्ट्र सरकार के पूर्व राज्य मंत्री, भाजपा मुंबई के उपाध्यक्ष एवं अभियान के अध्यक्ष अमरजीत मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय लोक कलाओं, लोकगीतों तथा सावन से जुड़ी पारंपरिक सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए संस्कार भारती प्रतिष्ठान व अभियान के प्रयासों की सराहना की।

‘सावन की रिमझिम में लोकगीतों की बहार’ थीम पर आयोजित इस महोत्सव में अयोध्या की सुप्रसिद्ध कजरी गायिका सुश्री संजोली पाण्डेय ने पारंपरिक एवं शास्त्रीय कजरी गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनकी भावपूर्ण गायकी और मधुर स्वर ने ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। दर्शकों ने सावन, विरह, प्रेम और लोकजीवन से जुड़े कजरी गीतों का भरपूर आनंद लिया।

महोत्सव में क्षेत्र की अनेक प्रमुख हस्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें प्रसिद्ध आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, वसई-विरार के प्रतिपक्ष नेता मनोज पाटिल, भाजपा नेता राजीव रतन मिश्रा, नगरसेवक अभय ककड़, नगरसेविका कल्पना नागपुरे, नगरसेविका पिंकी राठोड, समाजसेवक सुरेंद्र मिश्रा, अमित दुबे, शिवकुमार तिवारी, मनोज शांडिल्य, अभय सिंह, अंकित मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

संस्था की ओर से सभी विशिष्ट अतिथियों का शाल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। उपस्थित अतिथियों ने लोक संस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी तक पारंपरिक लोकगीतों को पहुंचाने के लिए इस प्रकार के आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संस्था के सचिव एवं मुख्य आयोजक अखिलेश ज. मिश्रा ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों और कला प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सूत्रसंचालन महेश मिश्रा ने किया। महोत्सव को सफल बनाने में सह-आयोजक अशोक भाटिया, महेंद्र जोशी, रीता राधेश्याम शुक्ला, आर. एन. तिवारी सहित समस्त निवेदक मंडल का विशेष योगदान रहा।

कजरी महोत्सव ने सावन की पारंपरिक लोकधुनों, संगीत और संस्कृति को एक मंच पर लाकर वसई में एक यादगार सांस्कृतिक संध्या का रूप ले लिया। 

भाषाई विदुषी थीं सुषमा स्वराज : राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा

भाषाई विदुषी थीं सुषमा स्वराज : राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा

‘अग्निशिखा सुषमा स्वराज’ के हिंदी संस्करण की प्रथम प्रति राज्यपाल को भेंट

मुंबई। देश की प्रखर राजनेता, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज एक अद्भुत भाषाई विदुषी थीं। उनका संपूर्ण जीवन महिला सशक्तीकरण, सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनके विचार, कार्यशैली और जनसेवा आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी। यह उद्गार महाराष्ट्र के राज्यपाल महामहिम जिष्णु देव वर्मा ने मुंबई स्थित लोकभवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में व्यक्त किए।

इस अवसर पर मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष, पूर्व राज्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अमरजीत मिश्र ने लेखिका मेधा किरीट सोमैया द्वारा लिखित मराठी पुस्तक ‘अग्निशिखा सुषमा स्वराज’ के अपने हिंदी अनुवाद की प्रथम प्रति राज्यपाल को भेंट की।

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि सुषमा स्वराज की भाषा अत्यंत संस्कृतनिष्ठ, प्रभावशाली और ओजस्वी थी। अपनी वाक्पटुता, भाषाई समृद्धता और विषयों पर गहरी पकड़ के कारण उन्होंने भारतीय राजनीति में एक विशिष्ट पहचान स्थापित की। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज केवल एक सफल राजनेता ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और भाषाई गौरव की सशक्त प्रतिनिधि थीं।

कार्यक्रम के दौरान लेखिका मेधा किरीट सोमैया ने सुषमा स्वराज के जीवन, संघर्ष, राजनीतिक यात्रा और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए उनके साथ जुड़े अनेक भावनात्मक संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज का संवेदनशील नेतृत्व, सहज व्यक्तित्व और जनसेवा का भाव आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है।

अमरजीत मिश्र ने अपने संबोधन में सुषमा स्वराज की अद्भुत भाषाई क्षमता, प्रभावशाली वक्तृत्व शैली और दूरदर्शी सोच का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, भाषाओं और मूल्यों के प्रति उनका समर्पण असाधारण था। उन्होंने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नेतृत्व में मॉरीशस में आयोजित 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन में सहभागिता के अपने संस्मरण भी साझा किए।

राज्यपाल ने सुषमा स्वराज के संस्कृत ज्ञान का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वे शिव तांडव स्तोत्र का अत्यंत प्रभावशाली पाठ करती थीं, जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनके गहरे लगाव का परिचायक था। उन्होंने कहा कि संस्कृत का अध्ययन बचपन से विद्यालयों में कराया जाना चाहिए, क्योंकि बाल्यावस्था में अर्जित ज्ञान जीवनभर स्मरण रहता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आज भी उन्हें बचपन में सीखे गए संस्कृत के अनेक श्लोक और स्तोत्र कंठस्थ हैं।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला भी है। भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर पूर्व सांसद किरीट सोमैया, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व कार्याध्यक्ष डॉ. शीतला प्रसाद दुबे, पत्रकार विकास संघ के अध्यक्ष आनंद मिश्र, गायिका संजोली पांडेय, के. एस. मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव, सुनील सिंह सहित साहित्य, राजनीति, शिक्षा और पत्रकारिता जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित थीं।

समारोह में सुषमा स्वराज के जीवन-मूल्यों, उनके संघर्ष, महिला सशक्तीकरण के प्रयासों तथा समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई। साहित्य, संस्कृति, भाषा और प्रेरणा के इस संगम ने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। सुषमा स्वराज का व्यक्तित्व आज भी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है जो समाजसेवा, नेतृत्व और सकारात्मक परिवर्तन के पथ पर आगे बढ़ना चाहते हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए उनका जीवन आत्मविश्वास, संघर्ष और सफलता का अनुपम उदाहरण है। 

Sunday, 2 August 2026

गुरु सद्ज्ञान प्रदान करने वाले और जीवन को सही दिशा देने वाले प्रकाश-स्तंभ हैं - शैफाली पंड्या

गुरु सद्ज्ञान प्रदान करने वाले और जीवन को सही दिशा देने वाले प्रकाश-स्तंभ हैं - शैफाली पंड्या 

अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा गुरुपूर्णिमा पर ‘महाशक्ति की लोकयात्रा’ कार्यक्रम संपन्न

अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा गुरुपूर्णिमा पर्व के अवसर पर ‘महाशक्ति की लोकयात्रा’ कार्यक्रम का आयोजन बोरीवली पश्चिम स्थित प्रबोधनकार ठाकरे सभागार में हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शांतिकुंज, हरिद्वार के महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती शैफाली पंड्या के संरक्षण एवं गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

इस अवसर पर परम वंदनीया श्रीमती भगवती देवी शर्मा (माताजी) के जीवन एवं कृतित्व पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। इसके पश्चात पार्श्व गायिका ईशिता विश्वकर्मा ने प्रज्ञा गीत एवं भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। गायत्री परिवार के बच्चों ने नशा मुक्ति एवं व्यसन उन्मूलन विषय पर प्रभावशाली लघु नाटक प्रस्तुत किया। वहीं बाल संस्कारशाला के बच्चों ने गुरु वंदना की सुंदर प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत अपने संबोधन में श्रीमती शैफाली पंड्या ने कहा कि गुरुपूर्णिमा आत्मचिंतन, आत्मानुशासन, आत्मविश्लेषण, श्रद्धा के अभिवर्धन और ज्ञान के पूजन का पावन पर्व है। व्यास पूर्णिमा के इस दिव्य अवसर पर हमें उन महापुरुषों को गुरु रूप में स्वीकार करना चाहिए, जिन्होंने अपनी तपश्चर्या, साधना और त्यागमय जीवन से मानवता के लिए आदर्श स्थापित किए। गुरु सद्ज्ञान प्रदान करने वाले और जीवन को सही दिशा देने वाले प्रकाश-स्तंभ हैं। उनके प्रति श्रद्धा, समर्पण और उनके आदर्शों को जीवन में उतारना ही सच्ची गुरु-पूजा है।

उन्होंने आगे कहा कि परम वंदनीया माताजी ने लगभग चार दशक पूर्व ही नारी जागरण आंदोलन का शुभारंभ किया था। उसी प्रेरणा से अखिल विश्व गायत्री परिवार इस वर्ष को ‘नारी सशक्तिकरण वर्ष’ के रूप में मना रहा है। इस अवसर पर देश-विदेश में विभिन्न कार्यक्रमों एवं जनजागरण अभियानों का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर बोरीवली एवं दहिसर क्षेत्र की विधायक मनीषा चौधरी ने कहा कि गायत्री परिवार वर्षों से समाज में व्यक्ति निर्माण और नैतिक मूल्यों के संवर्धन का जो कार्य कर रहा है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र में अद्भुत आध्यात्मिक शक्ति निहित है और नियमित रूप से इसका जप करने से व्यक्ति मानसिक, आध्यात्मिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जी सकता है।

कार्यक्रम में विनय शाह, उषा शाह, नेशनल हाउसिंग बैंक के चेयरमैन महेश पुजारा, नगरसेविका अंजली सामंत, पूर्व नगरसेवक कमलेश यादव, अभिजीत सामंत तथा नानावटी मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के ट्रांसपोर्ट को-ऑर्डिनेटर अमोल कदम सहित अखिल विश्व गायत्री परिवार के हजारों कार्यकर्ता, परिजन एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम श्रद्धा, आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ |

Tuesday, 28 July 2026

मानवता के नवजागरण का आधार हैं पूज्य आचार्यश्री : शैफाली पण्ड्या

मानवता के नवजागरण का आधार हैं पूज्य आचार्यश्री : शैफाली पण्ड्या

गुरुपूर्णिमा पर्व का शुभारंभ, गुरुधाम शांतिकुंज में उमड़े हजारों गायत्री साधक

करोड़ों गायत्री साधकों की आस्था के प्रमुख केंद्र शांतिकुंज में दो दिवसीय गुरुपूर्णिमा पर्व का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण में हुआ। प्रातःकाल माँ गायत्री की आरती, ध्यान-साधना एवं सामूहिक उपासना के साथ पर्व की शुरुआत हुई।

विश्व कल्याण और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की मंगलकामना के साथ 24 घंटे के अखण्ड गायत्री महामंत्र जप का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए एक हजार से अधिक साधकों ने सहभागिता की।

हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में साधकों को संबोधित करते हुए शांतिकुंज के युवा प्रतिनिधि एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष-2026 युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है। यह वर्ष उनके आदर्शों को जीवन में उतारते हुए व्यक्ति, परिवार और समाज के नव निर्माण का संकल्प वर्ष है।

उन्होंने कहा कि संस्कार, सेवा, साधना, पर्यावरण संरक्षण, नारी जागरण और युवा चेतना से जुड़े रचनात्मक अभियानों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाना है। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि पूज्य आचार्यश्री ने विचार क्रांति का जो दीप प्रज्वलित किया था, उसे और अधिक प्रखर बनाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने जन्मशताब्दी वर्ष की कार्ययोजना और विभिन्न उत्तरदायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

गुरुपूर्णिमा पर्व के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए शांतिकुंज महिला मंडल प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने कहा कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता के उत्थान और विश्व में सद्भावना के विस्तार के लिए समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि अपने तप, त्याग, प्रेम और दूरदर्शी चिंतन के आधार पर पूज्य आचार्यश्री ने अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना की, जो आज एक विराट वटवृक्ष के रूप में विश्वभर में संस्कार, सेवा और साधना का संदेश पहुंचा रहा है।

श्रीमती पण्ड्या ने साधकों से पूज्य गुरुदेव के विचारों को जीवन में आत्मसात कर परिवार, समाज और राष्ट्र के नव निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर ‘देवसंस्कृति दिग्दर्शन’ के नवीन स्वरूप का लोकार्पण भी किया गया।

शांतिकुंज मीडिया के अनुसार गुरुपूर्णिमा पर्व का मुख्य कार्यक्रम बुधवार को आयोजित होगा। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुधाम शांतिकुंज पहुंच चुके हैं और आध्यात्मिक आयोजनों में भाग ले रहे हैं। 

Monday, 27 July 2026

मुंबई में गूंजा 'ऊर्जा, चेतना और राष्ट्र निर्माण' का संदेश

मुंबई में गूंजा 'ऊर्जा, चेतना और राष्ट्र निर्माण' का संदेश

ओज उत्सव 2026 में आध्यात्मिक नेतृत्व, सामाजिक सरोकार और विकसित भारत के संकल्प पर हुआ मंथन

मुंबई के जुहू स्थित नोवोटेल होटल में आयोजित ओज फाउंडेशन के भव्य ओज उत्सव 2026 ने आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण पर गंभीर एवं प्रेरक विमर्श का मंच प्रदान किया। इस अवसर पर सार्वजनिक जीवन, उद्योग, कला, प्रशासन, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने सहभागिता करते हुए उत्तरदायी नेतृत्व, मानवीय मूल्यों और विकसित भारत के निर्माण पर अपने विचार रखे।

ओओजे फाउंडेशन के संस्थापक योगी प्रियव्रत अनिमेष ने अपने संबोधन में कहा कि ओज उत्सव केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि चेतना, संस्कृति, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व को जोड़ने वाला एक सतत अभियान है। उन्होंने समाज, उद्योग, प्रशासन, शिक्षा और आध्यात्मिक जगत के बीच समन्वय को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सुमन मंत्री, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, डॉ. योगेश लखानी, वरिष्ठ अभिनेत्री एवं निर्माता सुषमा शिरोमणी, उद्योगपति राजेंद्र बग्गा, प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन, रुचिता मेहरा, अरिजीत दत्ता, सहित कॉर्पोरेट जगत, उद्योग, पत्रकारिता, फिल्म जगत और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान ओज फाउंडेशन की वार्षिक गतिविधियों, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं को समर्पित वार्षिक प्रतिवेदन (एनुअल रिपोर्ट) का औपचारिक लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर "आकाश" पुस्तक का भी विमोचन हुआ, जिसमें चेतना, मानवीय विकास और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विचारों को प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित विशेष स्मारक ग्रंथ का सामूहिक प्रतीकात्मक विमोचन रहा। मंच पर उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों ने इस ग्रंथ का लोकार्पण करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और भारतीय जीवन मूल्यों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

अपने संबोधनों में वक्ताओं ने आध्यात्मिक चेतना, नैतिक नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व, युवा सशक्तिकरण तथा विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थायी एवं समावेशी विकास के लिए मानवीय मूल्य, सामाजिक सहयोग और जिम्मेदार नेतृत्व सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।

कार्यक्रम का समापन विशिष्ट अतिथियों के सम्मान, स्मृति-चिह्न प्रदान, सामूहिक छायाचित्र तथा राष्ट्र और मानवता के कल्याण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। आयोजकों के अनुसार ओज उत्सव 2026 विविध क्षेत्रों के बीच संवाद, सहयोग और सकारात्मक नेतृत्व को नई दिशा देने वाली एक सार्थक पहल के रूप में स्थापित हुआ।