देश और समाज में सनातन संस्कृति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से वडाला के वरिष्ठ समाजसेवक रमेश शुक्ला ने अपने आवास पर राकेश पांडेय की अध्यक्षता में श्रीरामचरितमानस का भव्य संगीतमय पाठ आयोजित कराया। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रीराम भक्तों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक सुनील दुबे एवं उनकी पार्टी ने देर रात तक भजन एवं संगीतमय प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रीराम भक्तों को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। भजनों और श्रीरामचरितमानस के पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। शिवसेना (शिंदे) के उपनेता एवं पूर्व सांसद राहुल रमेश शेवाले ने पूजा स्थल पर पहुंचकर दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला एवं उनकी धर्मपत्नी शांति देवी शुक्ला, आरटीआई कार्यकर्ता एवं पत्रकार अनिल गलगली, भाजपा नेता संजय सिंह ठाकुर, मुंबई भाजपा प्रवक्ता उदय प्रताप सिंह, प्रो. दयानंद तिवारी, शिवसेना (शिंदे) व्यापारी सेल के अध्यक्ष लक्ष्मण कोठारी, मुंबई कांग्रेस महासचिव ब्रजमोहन शर्मा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य अमित शेट्टी, वेदभूषण पांडेय, कपिलदेव खरवार तथा दीपनारायण शुक्ला सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान मेजबान रमेश शुक्ला ने उपस्थित अतिथियों को शाल एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला के हाथों 11 महिलाओं को सम्मानित किया गया। शुक्ला परिवार की ओर से प्रेम शुक्ला को श्रीराम भक्त हनुमान की सुंदर एवं आकर्षक प्रतिमा भेंट कर विशेष सम्मान किया गया।
इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में जयप्रकाश तिवारी, गोकरण त्रिपाठी, बालकृष्ण तिवारी, हरिप्रसाद कनौजिया, गुड्डू त्रिपाठी, लाला विश्वकर्मा, मनीष तिवारी, मोहन माली, शशि पटेल, सानूर शेख, हर्ष शुक्ला और अमोष शुक्ला ने सक्रिय भूमिका निभाई।
महिलाओं में मीना मिश्रा, किरण जायसवाल, पार्वती माली, कल्पना तिवारी, मदद सामाजिक संस्था की अध्यक्ष रत्ना राकेश पांडेय तथा श्रुति तिवारी सहित अन्य महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सम्मान समारोह का प्रभावी सूत्रसंचालन एवं आभार प्रदर्शन राकेश पांडेय ने किया। रमेश शुक्ला ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सनातन मूल्यों, सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं।