रामनवमी के पावन अवसर पर मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में आयुर्वेद चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके चार दशकों से अधिक योगदान के लिए वैद्य डॉ. हरीश कुमार बी. सिंह को प्रतिष्ठित “आयुर्वेद जीवन गौरव पुरस्कार” (Lifetime Achievement Award) से सम्मानित किया गया।
विश्व आयुर्वेद परिषद, महाराष्ट्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सा, अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को सराहा गया। डॉ. सिंह ने 42 वर्षों से अधिक समय तक आयुर्वेद के क्षेत्र में सेवाएं दी हैं और उन्होंने कई पीढ़ियों के छात्रों को प्रशिक्षण दिया है। उनके प्रयासों से न केवल आयुर्वेदिक चिकित्सा की पहुँच बढ़ी है, बल्कि शोध और नवाचार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संजीव सोनावणे (कुलपति, महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विश्वविद्यालय), डॉ. शुभा राउल (पूर्व महापौर, मुंबई महानगरपालिका) और संजोग काबरे (उपायुक्त, मुंबई महानगरपालिका) उपस्थित थे। उन्होंने डॉ. सिंह के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका समर्पण और कड़ी मेहनत आयुर्वेद को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में मददगार रही है।
इस अवसर पर कई वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक, शोधकर्ता और छात्रों ने भी भाग लिया। समारोह में डॉ. सिंह के करियर और उपलब्धियों पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दिखाई गई, जिसमें उनके द्वारा किए गए शोध, प्रकाशित पुस्तकें और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के प्रयासों को दर्शाया गया।
डॉ. सिंह ने अपने संक्षिप्त धन्यवाद भाषण में कहा, “यह सम्मान मेरे लिए गर्व का क्षण है। आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन शैली है। मैं हमेशा से इसे समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने और छात्रों को ज्ञान प्रदान करने के लिए प्रयासरत रहा हूँ।”
विशेषज्ञों के अनुसार, डॉ. सिंह के योगदान ने आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा के साथ संतुलित करने में मदद की है और उनकी शिक्षाओं से देश और विदेश में कई आयुर्वेदिक संस्थानों का विकास हुआ है। समारोह का समापन उनके सम्मान और आयुर्वेदिक समुदाय की ओर से उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ हुआ।
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