मुंबई के आर्थिक विकास में विशेष योगदान के साथ ही राजस्थानी समाज ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में वैश्विक पटल पर भारत का गौरव बढ़ाया है। विश्वविख्यात सारंगी वादक पंडित रामनारायण के सुपुत्र प्रख्यात सरोद वादक पंडित बृजनारायण इसी परंपरा के एक सशक्त कलाकार हैं।
संगीत के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए पंडित बृजनारायण को 'मरुधरा रत्न पुरस्कार' से अलंकृत किया गया। मुम्बई प्रेस क्लब में 'मरुधरा' संस्था द्वारा एक आत्मीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। पुरस्कार ग्रहण करने के बाद पंडित बृजनारायण ने कहा कि पुरस्कार हमारे लिए एक उत्तरदायित्व है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम अपनी साधना और कला के माध्यम से देश एवं समाज को और भी श्रेष्ठ योगदान दे सकें।
इस अवसर पर पंडित जी की जीवन संगिनी अनीता बृजनारायण, पुत्र और पुत्र वधू एवं पौत्र भी मौजूद थे। पंडित जी की विरासत को उनके सुपुत्र हर्ष नारायण भी बख़ूबी आगे बढ़ा रहे हैं। वे एक प्रतिष्ठित सारंगी वादक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।
समारोह में साहित्य और पत्रकारिता जगत की जानी-मानी हस्तियों ने पंडित ब्रजनारायण के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। विश्वनाथ सचदेव (संपादक नवनीत), सुंदर चन्द ठाकुर (संपादक नवभारत टाइम्स) और कमल पोद्दार (युवा उद्योगपति) ने कला के प्रति पंडित बृजनारायण के समर्पण की सराहना की।
कवि एवं पत्रकार मृदुल ने पंडित बृजनारायण के जीवन और उपलब्धियों पर एक सारगर्भित आलेख प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन सुपरिचित उद्घोषक और शायर देवमणि पांडेय ने किया।
इस आयोजन की कामयाबी में अक्षर विन्यासी जैन कमल, सुरेन्द्र गाड़िया, सुरेशचंद शर्मा, पवन केड़िया और अंजनी गाड़िया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार विमल मिश्र, अनिल गलगली, गजानन महतपुरकर, सुनील मेहरोत्रा, राजीव नौटियाल और कवि गजानन महतपुरकर सहित शहर के कई गणमान्य जन उपस्थित थे।
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