“नरसिंह के. दुबे ‘बाबूजी’ के सत्रहवें पुण्यस्मरण पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन”
श्री नरसिंह के. दुबे चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में स्वर्गीय नरसिंह के. दुबे ‘बाबूजी’ की 17वीं पुण्यतिथि के अवसर पर विविध सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया।
इस अवसर पर नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, सुदृढ़ बालक प्रतियोगिता, पाचन संस्थान पर आधारित वनौषधियों की प्रदर्शनी, संभाषा प्रतियोगिता, भावपूर्ण श्रद्धांजलि समारोह तथा विशुद्ध भोजपुरी–अवधी कवि सम्मेलन जैसे कार्यक्रम संपन्न हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, भगवान धन्वंतरी पूजन एवं बाबूजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। आयोजित नि:शुल्क चिकित्सा शिविर में कुल 1127 मरीजों ने विभिन्न चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया।
शिविर में चिकित्सकों की सलाह अनुसार रक्त जांच, ईसीजी, एक्स-रे जैसी जांचें नि:शुल्क की गईं। साथ ही किफायती दरों पर चश्मा वितरण भी किया गया। महाविद्यालय के सभागृह में सुदृढ़ बालक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में नालासोपारा की प्रसिद्ध बालरोग विशेषज्ञ डॉ. जयश्री देशपांडे तथा आयुर्वेद बालरोग विशेषज्ञ डॉ. सोनम कर्णावत ने निर्णायक की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार ₹1501, द्वितीय पुरस्कार ₹1001 एवं तृतीय पुरस्कार ₹751 के साथ प्रमाणपत्र व ट्रॉफी प्रदान की गई।
6 माह से 2 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम – शिव योगेश दांडेकर, द्वितीय – आदित्य दिगंबर गवळी, तृतीय – ताशविक वैष्णव, 2 से 3 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम – देवांश दीपेश राणे, द्वितीय – गार्गी सचिन चव्हाण, तृतीय – भूमि सिंह, 3 से 5 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम – आश्वि सिंह, द्वितीय – शिवाय मिश्रा, तृतीय – नैन्सी तिवारी
को पुरस्कृत किया गया।
इसी दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन की सूचना मिलने पर, संभाषा प्रतियोगिता के प्रारंभ में ही दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संभाषा प्रतियोगिता के प्राथमिक दौर में चयनित 82 प्रतियोगियों में से 15 प्रतिभागियों ने अंतिम चरण में सहभाग लिया। प्रतियोगिता में महाराष्ट्र राज्य के वैद्यकीय, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथी, नर्सिंग, फिजियोथैरेपी एवं अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
निर्णायक मंडल में निलेश कारखानीस (आर्किटेक्ट, मुंबई), मंदार भानुशे (विभागप्रमुख, साइंस एंड टेक्नोलॉजी,मुंबई विश्वविद्यालय) तथा डॉ. सतीश पांडेय (पूर्व अधिष्ठाता, सोमय्या विद्याविहार, मुंबई विश्वविद्यालय) शामिल रहे। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार – गायत्री प्रभात देसले (येरला आयुर्वेद कॉलेज, खारघर), द्वितीय पुरस्कार – दिव्या दीपक पाटील (नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज), तृतीय पुरस्कार – कृपाली शंकर वटवकर (नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज), उत्तेजनार्थ पुरस्कार – शर्वरी पद्मनाभ कारखानीस (ज्ञानदेव यशवंतराव पाटील कॉलेज, नवी मुंबई) को क्रमशः ₹10,000, ₹7,500, ₹5,000 व ₹3,000, ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
संस्था के कोषाध्यक्ष श्यामसुंदर दुबे, अध्यक्ष जयप्रकाश दुबे, डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे, विश्वस्त नरेश दुबे एवं सभी निर्णायकों के हस्ते पुरस्कार वितरण संपन्न हुआ।
तत्पश्चात भोजपुरी–अवधी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध कवियों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों में जगदीश पंथी, सिपाही पांडे ‘मनमौजी’, निडर ‘जौनपुरी’, रसबिहारी पांडे, एड. राजीव मिश्र, सुभाष यादव, जवाहरलाल ‘निर्झर’, राम सिंह, अरुण दुबे तथा डॉ. श्रीमती मृदुल तिवारी ‘महक’ शामिल थे।
कवियों ने हास्य-व्यंग्य, करुण, श्रृंगार एवं वीर रस की कविताओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता सुभाष यादव ने की, जबकि संचालन निडर ‘जौनपुरी’ ने किया। मुंबई, ठाणे, पालघर, नवी मुंबई, वापी, सिलवासा एवं दमन क्षेत्र के भोजपुरी–अवधी भाषी नागरिकों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।
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