एआई और आध्यात्मिक समाधान पर भारतीय राजदूत से वारसॉ में हुई चर्चा
अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने विदेश प्रवास के क्रम में वारसॉ (पोलैंड) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत की नवनियुक्त राजदूत एवं भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) की वरिष्ठ अधिकारी नीता भूषण से शिष्टाचार भेंट की। अपनी रणनीतिक कार्यशैली और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने के लिए विख्यात राजदूत भूषण के साथ हुई यह मुलाकात सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
शांतिकुंज के मीडिया विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भेंट के दौरान डॉ. पंड्या ने पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के सद्विचार “समस्त विश्व को भारत के अजस्र अनुदान” को केंद्र में रखते हुए गायत्री परिवार के वैश्विक विस्तार पर विस्तृत चर्चा की।
बातचीत का एक प्रमुख हिस्सा वर्तमान समय की बड़ी तकनीकी चुनौती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उससे जुड़े वैश्विक खतरों पर केंद्रित रहा, जहाँ अध्यात्म और नैतिक मूल्यों के माध्यम से इन चुनौतियों के समाधान पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही भारत और पोलैंड के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर भी गहन मंथन हुआ।
भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार तथा मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना हेतु कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संयुक्त रूप से कार्य करने की सहमति बनी। राजदूत नीता भूषण ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
डॉ. पंड्या के इस दौरे से पोलैंड में भारतीय समुदाय के बीच नई चेतना का संचार हुआ है तथा भविष्य में सांस्कृतिक समन्वय के नए द्वार खुलने की संभावनाएँ भी मजबूत हुई हैं।
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