Saturday, 25 April 2026

देव संस्कृति विश्वविद्यालय और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की संयुक्त पहल; योग और संगीत चिकित्सा से होगा सर्वाइकल दर्द का निवारण

देव संस्कृति विश्वविद्यालय और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की संयुक्त पहल

योग और संगीत चिकित्सा से होगा सर्वाइकल दर्द का निवारण

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योग विज्ञान एवं मानव चेतना विभाग ने आधुनिक जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ रही सर्वाइकल दर्द की समस्या के समाधान हेतु एक महत्वपूर्ण शोध पहल शुरू की है। ‘योग एवं संगीत चिकित्सा के संयुक्त प्रभाव’ पर आधारित इस विशेष अध्ययन का शुभारंभ शांतिकुंज, हरिद्वार स्थित शताब्दी चिकित्सालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में किया गया।

यह शोध परियोजना आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के संगम का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा लिमिटलेस ब्रेन लैब, दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि इस अध्ययन में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के निद्रा चिकित्सा विभाग की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक प्रामाणिकता प्राप्त हो रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ शांतिकुंज महिला मंडल की प्रमुख आदरणीया शेफाली पंड्या ने किया। इस अवसर पर अस्पताल की प्रभारी डॉ. मंजू चोपदार सहित विश्वविद्यालय के शोध छात्र, शिक्षक एवं चिकित्सा क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

आदरणीया शेफाली पंड्या ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्राचीन योग विद्या और संगीत की मधुर स्वर लहरियों में असाध्य रोगों को जड़ से समाप्त करने की अद्भुत क्षमता निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह शोध न केवल सर्वाइकल रोगियों को शारीरिक पीड़ा से राहत दिलाएगा, बल्कि मानवता के लिए स्वस्थ और संतुलित जीवन की दिशा भी प्रशस्त करेगा।

इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य योग और संगीत के समन्वित प्रभाव से दर्द में कमी लाना तथा रोगियों की नींद की गुणवत्ता में सुधार का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय का यह प्रयास भविष्य में बिना औषधियों के जटिल रोगों के उपचार की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। हरिद्वार से आरंभ हुई यह पहल वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है।

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