Monday, 2 February 2026

वीर सावरकर के जीवन और विचारधारा पर आधारित पुस्तक का मुंबई में विमोचन

वीर सावरकर के जीवन और विचारधारा पर आधारित पुस्तक का मुंबई में विमोचन

वीर सावरकर के जीवन, विचारधारा और राष्ट्रवादी दर्शन पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण पुस्तक का विमोचन मुंबई के विलेपार्ले पूर्व  में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर देश के प्रख्यात विचारक, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्व हिंदू फाउंडेशन के संस्थापक एवं वैश्विक अध्यक्ष तथा प्रसिद्ध विचारक स्वामी विज्ञानंद सरस्वती और महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर लेखिका डॉ. वैदेही तमन द्वारा लिखित वीर सावरकर पर आधारित एक ही पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसे पाठकों की व्यापक पहुँच के उद्देश्य से तीन भाषाओं—अंग्रेज़ी, हिंदी और मराठी—में प्रकाशित किया गया है।

अंग्रेज़ी में Reclaiming Bharat, हिंदी में वीर सावरकर की क्रांतिकारी यात्रा तथा मराठी में वीर सावरकरांची क्रांतिकारी यात्रा शीर्षक से प्रकाशित यह पुस्तक वीर सावरकर के क्रांतिकारी जीवन, उनके अडिग राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।

कार्यक्रम में विद्वानों, लेखकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जो समकालीन संदर्भ में वीर सावरकर के विचारों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है। पुस्तक विमोचन के पश्चात आयोजित संवाद सत्र में श्रोताओं ने सावरकर की विचारधारा, ऐतिहासिक व्याख्याओं और राष्ट्र निर्माण की दृष्टि पर विचार साझा किए।

सभा को संबोधित करते हुए मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि कुछ वर्ग इतिहास को तोड़-मरोड़ कर वीर सावरकर की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सावरकर को समझने के लिए उनके मूल विचारों और लेखन का अध्ययन करें तथा कहा कि डॉ. वैदेही तमन द्वारा लिखी गई यह पुस्तक युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।

अपने संबोधन में स्वामी विज्ञानंद सरस्वती ने वीर सावरकर की दूरदर्शी सोच पर प्रकाश डालते हुए उद्यमिता, आत्मनिर्भरता, सशक्त राष्ट्रीय सुरक्षा, हिंदू एकता और समग्र राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को रेखांकित किया। उन्होंने जटिल वैचारिक विषयों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत करने के लिए डॉ. वैदेही तमन की विशेष सराहना की।

कार्यक्रम का समापन लेखिका डॉ. वैदेही तमन के सम्मान के साथ हुआ। आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि वीर सावरकर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और उन्हें बहुभाषी, तथ्यपरक और पाठक-हितैषी पुस्तकों के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता है।

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