Saturday, 10 October 2026

विश्व बेघर दिवस: मुंबई में बेघरों के अधिकारों की आवाज बुलंद, अलग राज्यस्तरीय नीति बनाने की जोरदार मांग

विश्व बेघर दिवस: मुंबई में बेघरों के अधिकारों की आवाज बुलंद, अलग राज्यस्तरीय नीति बनाने की जोरदार मांग

विश्व बेघर दिवस के अवसर पर ताड़देव स्थित बॉडीगार्ड लेन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में प्रसिद्ध सूचना अधिकार (RTI) कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार अनिल गलगली उपस्थित रहे। इस अवसर पर बेघर नागरिकों की समस्याओं, आश्रय केंद्रों, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि योजना तथा बेघरों के पुनर्वास के लिए अलग राज्यस्तरीय नीति बनाने की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा हुई।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्य आश्रय निगरानी समिति के अध्यक्ष उज्ज्वल उके और अनिल गलगली द्वारा बेघर नागरिकों के हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।

अनिल गलगली ने पहचान फाउंडेशन के संस्थापक बृजेश आर्य और उनकी टीम के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था लंबे समय से बेघर नागरिकों के उत्थान, पुनर्वास और सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रही है। झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) और पक्के मकानों से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए वे हर संभव सहयोग करेंगे। उन्होंने मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा संचालित आश्रय केंद्रों की जानकारी भी दी।

गलगली ने कहा कि बेघर नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए स्थायी आवास मिलना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ इस विषय पर लगातार प्रयास और अनुवर्ती कार्रवाई की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना और SRA के माध्यम से अगले दो से तीन वर्षों में आवास के प्रश्न पर सकारात्मक प्रगति होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने सभी से पहचान फाउंडेशन के साथ मिलकर काम करने की अपील की।

पहचान फाउंडेशन के संस्थापक बृजेश आर्य ने बेघर नागरिकों के लिए अलग राज्यस्तरीय नीति बनाने की जोरदार मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक बेघर लोगों के पुनर्वास के लिए स्पष्ट और प्रभावी नीति नहीं बनेगी, तब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान मुश्किल है। ऐसी नीति से बेघर नागरिकों को आवास, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद मिलेगी।

आर्य ने बताया कि पहचान फाउंडेशन की टीम मतदान अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ मिलकर मुंबई के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भारतीय निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (Special Intensive Revision—SIR) में सहयोग कर रही है। संस्था का प्रयास है कि किसी भी पात्र भारतीय बेघर नागरिक का नाम मतदाता सूची से न छूटे। इसके लिए जनजागरण और लगातार अनुवर्ती कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने ‘माय मुंबई फोटोग्राफी प्रोजेक्ट 2027’ के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान बेघर महिलाओं ने भी बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं, अनुभव और विचार खुलकर साझा किए। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि बेघर नागरिकों को केवल अस्थायी आश्रय ही नहीं, बल्कि स्थायी घर, सामाजिक सम्मान और सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलना चाहिए।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन पहचान फाउंडेशन के सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष रोकड़े ने किया।

इस अवसर पर पहचान संस्था के सदस्य समीर वायकर, राज सिंह (SIP), बेला खरवा, कोकी, अनिता खरवा, सोनी वातन, कारी, यास्मीन, मंजू बुटिया, अनिता सहित अनेक बेघर नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।


जागतिक बेघर दिनानिमित्त मुंबईत बेघरांच्या हक्कांसाठी आवाज; स्वतंत्र राज्यस्तरीय धोरणाची मागणी

जागतिक बेघर दिनानिमित्त मुंबईत बेघरांच्या हक्कांसाठी आवाज; स्वतंत्र राज्यस्तरीय धोरणाची मागणी

जागतिक बेघर दिनानिमित्त ताडदेव येथील बॉडीगार्ड लेनमध्ये आयोजित विशेष कार्यक्रमात बेघर नागरिकांचे प्रश्न, निवारा केंद्रे, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधी योजना आणि बेघरांच्या पुनर्वसनासाठी स्वतंत्र राज्यस्तरीय धोरण तयार करण्याची गरज यावर सविस्तर चर्चा करण्यात आली. या कार्यक्रमाला प्रमुख पाहुणे म्हणून माहिती अधिकार कार्यकर्ते व ज्येष्ठ पत्रकार अनिल गलगली उपस्थित होते.

यावेळी अनिल गलगली यांनी पहचान फाउंडेशनचे संस्थापक बृजेश आर्य आणि त्यांच्या टीमच्या बेघर नागरिकांच्या उत्थान, पुनर्वसन व सक्षमीकरणासाठी सुरू असलेल्या कार्याचे कौतुक केले. झोपडपट्टी पुनर्वसन प्राधिकरणाच्या (SRA) माध्यमातून पक्की घरे मिळवताना येणाऱ्या अडचणी सोडवण्यासाठी सहकार्य करण्याचे आश्वासन त्यांनी दिले. तसेच, मुंबई महानगरपालिकेमार्फत चालविण्यात येणाऱ्या निवारा केंद्रांची माहिती देऊन बेघर नागरिकांनी उपलब्ध योजनांचा लाभ घ्यावा, असे आवाहन केले.

बेघर नागरिकांना सन्मानाने जगण्यासाठी कायमस्वरूपी निवारा मिळणे हा त्यांच्या हक्काचा विषय आहे. प्रधानमंत्री आवास योजना आणि SRA च्या माध्यमातून पक्क्या घरांचे स्वप्न साकार करण्यासाठी सातत्याने पाठपुरावा सुरू आहे,” असे गलगली यांनी सांगितले. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्यासोबत या विषयावर पाठपुरावा सुरू असल्याचे नमूद करत त्यांनी पुढील दोन ते तीन वर्षांत घरांच्या प्रश्नावर सकारात्मक प्रगती होईल, असा विश्वास व्यक्त केला. राज्य निवारा सनियंत्रण समितीचे अध्यक्ष उज्ज्वल उके यांच्या प्रयत्नांचाही यावेळी गौरव करण्यात आला.

पहचान फाउंडेशनचे संस्थापक बृजेश आर्य यांनी बेघर नागरिकांच्या प्रश्नांवर कायमस्वरूपी तोडगा काढण्यासाठी स्वतंत्र राज्यस्तरीय बेघर पुनर्वसन धोरण तयार करण्याची तीव्र मागणी केली. अशा धोरणामुळे बेघर नागरिकांना निवारा, पुनर्वसन आणि शासकीय योजनांचा लाभ मिळवून देण्यासाठी प्रभावी व्यवस्था निर्माण होऊ शकेल, असे त्यांनी स्पष्ट केले.

याशिवाय, पहचान फाउंडेशनची टीम मतदान अधिकारी आणि बूथस्तरीय अधिकारी (BLO) यांच्या सहकार्याने मुंबईतील विविध विधानसभा क्षेत्रांमध्ये भारतीय निवडणूक आयोगाच्या विशेष सखोल पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रियेत मदत करत आहे. कोणत्याही पात्र भारतीय बेघर नागरिकाचे नाव मतदार यादीतून वगळले जाऊ नये, यासाठी संस्था जनजागृती आणि पाठपुरावा करत असल्याची माहिती आर्य यांनी दिली. त्यांनी ‘माय मुंबई फोटोग्राफी प्रोजेक्ट २०२७’विषयीही चर्चा केली.

कार्यक्रमात बेघर महिलांनी आपले प्रश्न, अडचणी आणि अनुभव निर्भीडपणे मांडले. बेघर नागरिकांना केवळ तात्पुरता निवारा नव्हे, तर सुरक्षित घर, सामाजिक सन्मान आणि शासकीय योजनांचा लाभ मिळावा, हा कार्यक्रमाचा प्रमुख सूर होता.

कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन व आभार प्रदर्शन पहचान फाउंडेशनचे सामाजिक कार्यकर्ते सुभाष रोकडे यांनी केले. यावेळी संस्थेचे सदस्य समीर वायकर, राज सिंग, बेला खरवा, कोकी, अनिता खरवा, सोनी वातन, कारी, यास्मीन, मंजू बुटीया, अनिता यांच्यासह अनेक बेघर नागरिक व सामाजिक कार्यकर्ते उपस्थित होते.

World Homeless Day: Voices Raised for the Rights of Mumbai’s Homeless; Strong Demand for a Dedicated State-Level Policy

World Homeless Day: Voices Raised for the Rights of Mumbai’s Homeless; Strong Demand for a Dedicated State-Level Policy

On the occasion of World Homeless Day, a special programme was organised at Bodyguard Lane, Tardeo, Mumbai, to highlight the challenges faced by homeless citizens and advocate for their rights, rehabilitation and access to permanent housing. Renowned Right to Information (RTI) activist and senior journalist Anil Galgali attended the programme as the Chief Guest.

The programme featured detailed discussions on the problems of homeless people, shelter facilities, the Pradhan Mantri Awas Yojana, the PM SVANidhi scheme and the urgent need for a dedicated state-level policy for the rehabilitation and empowerment of homeless citizens.

The efforts of Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis, State Shelter Monitoring Committee Chairman Ujjwal Uke and Anil Galgali in addressing issues concerning homeless people were appreciated during the event.

Anil Galgali praised the work of Brijesh Arya, Founder of Pehchaan Foundation, and his team for their consistent efforts towards the welfare, rehabilitation and empowerment of homeless citizens over the years. Addressing issues related to the Slum Rehabilitation Authority (SRA) and the demand for permanent housing, Galgali assured the community of his support in resolving the difficulties they face. He also provided information about shelter homes operated by the Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC).

Galgali emphasised that access to permanent housing is essential for homeless citizens to live with dignity. He stated that sustained follow-up was being undertaken in coordination with Chief Minister Devendra Fadnavis to address the housing concerns of the homeless. Expressing hope that the Pradhan Mantri Awas Yojana and SRA initiatives would bring positive progress over the next two to three years, he urged everyone to stand firmly with Pehchaan Foundation and continue working towards this goal.

Brijesh Arya, Founder of Pehchaan Foundation, strongly demanded a dedicated state-level policy for homeless citizens. He emphasised that a comprehensive and effective policy is essential for ensuring meaningful rehabilitation and providing homeless people with access to housing, government welfare schemes and other necessary support.

Arya also informed the gathering that Pehchaan Foundation’s team is assisting election officials and Booth Level Officers (BLOs) in the Election Commission of India’s Special Intensive Revision (SIR) process across various Assembly constituencies in Mumbai. The organisation is conducting awareness activities and following up to ensure that no eligible Indian citizen experiencing homelessness is left out of the electoral rolls. He also discussed the *My Mumbai Photography Project 2027* in detail.

During the programme, several homeless women courageously shared their experiences, concerns and difficulties. Their participation highlighted the importance of listening to the voices of homeless citizens and ensuring that their concerns are addressed through effective policies and sustained action.

The programme was successfully conducted by Subhash Rokade, social worker associated with Pehchaan Foundation, who also proposed the vote of thanks.

Among those present were Pehchaan Foundation members Sameer Vaykar, Raj Singh (SIP), Bela Kharwa, Koki, Anita Kharwa, Sony Vatan, Kari, Yasmin, Manju Butiya and Anita, along with several other homeless citizens and social workers.

The programme concluded with a strong message that homeless citizens deserve more than temporary shelter—they deserve permanent homes, social dignity, equal rights and access to government welfare schemes. A dedicated state-level policy was highlighted as a crucial step towards achieving these objectives.


शारदीय नवरात्रि 2026: हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, सुख-समृद्धि का शुभ संकेत; जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और जरूरी सावधानियां

शारदीय नवरात्रि 2026: हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, सुख-समृद्धि का शुभ संकेत; जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और जरूरी सावधानियां

शारदीय नवरात्रि कब से शुरू होगी?

हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तजन उपवास, जप, पाठ, हवन और कन्या पूजन के माध्यम से मां भगवती की आराधना करते हैं।

वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ रविवार, 11 अक्टूबर से होगा। नवरात्रि के नौ दिनों के बाद मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

‘नवरात्रि’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है—‘नव’ अर्थात नौ और ‘रात्रि’ अर्थात रातें। हिंदू परंपरा में वर्षभर में चार प्रमुख नवरात्रियां मानी जाती हैं। इनमें चैत्र और आश्विन मास की नवरात्रियां प्रत्यक्ष नवरात्रि तथा आषाढ़ और माघ मास की नवरात्रियां गुप्त नवरात्रि कहलाती हैं। प्रत्यक्ष नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों और गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की उपासना की जाती है।

नवरात्रि 2026 की तिथियां और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 9 बजकर 19 मिनट पर प्रारंभ होकर 11 अक्टूबर की रात लगभग 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर नवरात्रि का आरंभ 11 अक्टूबर को माना जाएगा।

मुंबई के लिए घटस्थापना मुहूर्त:  उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार, 11 अक्टूबर को सुबह 6:31 बजे से 10:27 बजे तक तथा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 बजे से 12:49 बजे तक बताया गया है। स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि कर लें।

मां दुर्गा के आगमन का वाहन: शास्त्रीय मान्यता

नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन को लेकर धार्मिक परंपराओं में विशेष विचार मिलता है। प्रचलित श्लोक है—

“शशि सूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे।
गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्तिता॥”

इस प्रचलित मान्यता के अनुसार रविवार या सोमवार से नवरात्रि प्रारंभ होने पर मां दुर्गा का वाहन हाथी माना जाता है। वर्ष 2026 में नवरात्रि रविवार से शुरू हो रही है, इसलिए धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जा रहा है।

हाथी को ऐश्वर्य, समृद्धि, वर्षा और शुभता का प्रतीक माना जाता है। इस आधार पर मां दुर्गा का हाथी पर आगमन सुख-समृद्धि और मंगल की कामना से जोड़ा जाता है। यह धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यता है, न कि भविष्य की घटनाओं का निश्चित प्रमाण।

शारदीय नवरात्रि में नौ देवियों की पूजा का क्रम

- 11 अक्टूबर, रविवार: मां शैलपुत्री की पूजा एवं घटस्थापना।
- 12 अक्टूबर, सोमवार: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा।
- 13 अक्टूबर, मंगलवार: मां चंद्रघंटा की पूजा।
- 14 अक्टूबर, बुधवार: मां कूष्मांडा की पूजा।
- 15 अक्टूबर, गुरुवार: मां स्कंदमाता की पूजा।
- 16 अक्टूबर, शुक्रवार: मां कात्यायनी की पूजा।
- 17 अक्टूबर, शनिवार: मां कालरात्रि की पूजा।
- 18 अक्टूबर, रविवार: मां महागौरी की पूजा एवं महाष्टमी।
- 19 अक्टूबर, सोमवार: मां सिद्धिदात्री की पूजा एवं महानवमी।
- 20 अक्टूबर, मंगलवार: विजयादशमी और दशहरा।

अष्टमी और नवमी के व्रत, हवन तथा कन्या पूजन का समय स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा के अनुसार निर्धारित करना चाहिए।

मां दुर्गा का प्राकट्य कैसे हुआ?

देवी भागवत और दुर्गा सप्तशती की धार्मिक कथाओं में मां दुर्गा के प्राकट्य और महिषासुर वध का वर्णन मिलता है। कथा के अनुसार, महिषासुर ने अपनी शक्ति के बल पर देवताओं को पराजित कर स्वर्ग पर अधिकार कर लिया था। इससे परेशान होकर देवताओं ने ब्रह्मा, विष्णु और महादेव सहित दिव्य शक्तियों की शरण ली।

देवताओं की संयुक्त दिव्य ऊर्जा से आदिशक्ति का प्राकट्य हुआ। विभिन्न देवताओं ने देवी को अस्त्र-शस्त्र और शक्तियां प्रदान कीं। देवी ने महिषासुर से युद्ध किया और अंततः उसका वध किया। इसी कारण मां दुर्गा को ‘महिषासुरमर्दिनी’ भी कहा जाता है।

मां दुर्गा का सिंह पर विराजमान स्वरूप शक्ति, साहस और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है।

नवरात्रि नौ दिनों तक क्यों मनाई जाती है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक युद्ध हुआ और दसवें दिन देवी ने महिषासुर का वध किया। इसी कथा को नवरात्रि और विजयादशमी से जोड़कर देखा जाता है।

नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित हैं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई, अज्ञान पर ज्ञान और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है।

नवरात्रि पूजन की आवश्यक सामग्री

पूजा से पहले आवश्यक सामग्री व्यवस्थित कर लें। प्रमुख सामग्री इस प्रकार है—

- मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र, चौकी और लाल वस्त्र।
- कलश, स्वच्छ जल या गंगाजल, आम के पत्ते, नारियल और मौली।
- जौ बोने के लिए मिट्टी और पात्र।
- रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत, चंदन और सिंदूर।
- लाल पुष्प, पुष्पमाला, दूर्वा और बेलपत्र, जहां परंपरा में प्रचलित हों।
- धूप, दीपक, घी या तेल, रुई की बत्ती और कपूर।
- फल, मिठाई, पंचमेवा, दूध, दही, शहद और अन्य नैवेद्य सामग्री।
- सुपारी, पान, लौंग, इलायची और सिक्का।
- दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा की पुस्तक।
- हवन सामग्री, हवनकुंड और कन्या पूजन की सामग्री, आवश्यकता के अनुसार।

पूजन सामग्री परिवार, क्षेत्र और संप्रदाय की परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

कलश स्थापना की सरल विधि

1. पूजा स्थल की तैयारी: पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें। चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं और मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

2. जौ बोना: स्वच्छ पात्र में मिट्टी भरकर जौ बोएं और हल्का जल छिड़कें।

3. कलश तैयार करना: कलश में स्वच्छ जल या गंगाजल डालें। परंपरा के अनुसार उसमें अक्षत, सुपारी और सिक्का रखा जा सकता है। कलश के मुख पर आम के पत्ते लगाएं।

4. नारियल स्थापित करना: नारियल पर लाल कपड़ा या चुनरी लपेटकर मौली बांधें। उसे कलश के ऊपर स्थापित करें। कलश को स्थिर और सुरक्षित स्थान पर रखें।

5. संकल्प और पूजन: मां दुर्गा का ध्यान करके पूजा का संकल्प लें। गणेश पूजन, कलश पूजन और देवी का आह्वान करें। इसके बाद चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।

6. प्रतिदिन की आराधना: सुबह और शाम आरती करें। दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती या अपनी परंपरा के अनुसार देवी मंत्र का पाठ करें।

कलश स्थापना और अन्य अनुष्ठान अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार या योग्य पुरोहित के मार्गदर्शन में करें।

नवरात्रि में क्या करें?

1. घर और पूजा स्थल को स्वच्छ रखें।
2. प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा, आरती और मंत्र-जप करें।
3. अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार उपवास रखें।
4. सात्त्विक भोजन करें और मन, वाणी तथा व्यवहार में संयम रखें।
5. जरूरतमंदों की सहायता करें और यथाशक्ति दान करें।
6. महिलाओं, कन्याओं, बुजुर्गों और सभी लोगों के प्रति सम्मान का भाव रखें।
7. अष्टमी या नवमी पर अपनी परंपरा के अनुसार कन्या पूजन और हवन करें।
8. अखंड ज्योति जलाने पर उसकी सुरक्षा और पर्याप्त निगरानी सुनिश्चित करें।

नवरात्रि में किन बातों का ध्यान रखें?

1. पूजा और व्रत में स्वच्छता तथा अनुशासन बनाए रखें।
2. व्रत के दौरान बार-बार अनियोजित भोजन करने के बजाय अपनी व्रत-परंपरा के अनुसार आहार लें।
3. मांसाहार, मदिरा, प्याज और लहसुन से परहेज करना अनेक परिवारों की धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।
4. क्रोध, कटु वचन, निंदा, छल और किसी का अपमान करने से बचें।
5. व्रत में अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखें। अस्वस्थता होने पर स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
6. बाल, दाढ़ी और नाखून न काटने तथा जमीन पर सोने जैसी बातें कुछ परंपराओं में प्रचलित हैं; इन्हें सभी के लिए अनिवार्य शास्त्रीय नियम न माना जाए।
7. काले वस्त्र न पहनने या चमड़े की वस्तुओं का उपयोग न करने जैसी मान्यताएं भी परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।
8. अखंड दीपक को पर्दे, कागज, कपड़े और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।

नवरात्रि का आध्यात्मिक संदेश

नवरात्रि केवल पूजा और उपवास का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, अनुशासन, करुणा और शक्ति की उपासना का अवसर है। मां दुर्गा के नौ स्वरूप हमें साहस, तपस्या, धैर्य, सृजन, मातृत्व, न्याय और ज्ञान जैसे गुणों की प्रेरणा देते हैं।

आइए, शारदीय नवरात्रि 2026 में मां भगवती की आराधना के साथ समाज में सद्भाव, सेवा, नारी सम्मान और मानवता के मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लें।

जय माता दी!

लेखक: पंडित आशीष कुमार तिवारी

Saturday, 3 October 2026

आशीर्वाद का 34वां भाषा सेतु एवं राजभाषा पुरस्कार समारोह संपन्न

आशीर्वाद का 34वां भाषा सेतु एवं राजभाषा पुरस्कार समारोह संपन्न

आईआईटी मुंबई के प्रांगण में हिंदी सेवा और राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान

मुंबई। मुंबई की प्रतिष्ठित सामाजिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘आशीर्वाद’ के हिंदी सेवा के 57 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 34वां भाषा सेतु एवं राजभाषा पुरस्कार समारोह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में भव्य रूप से आयोजित किया गया।

समारोह में फिल्म निर्देशक रमेश तलवार, संगीतकार कुलदीप सिंह, निर्देशक तरुण माथुर, वरिष्ठ पत्रकार विमल मिश्र, अभिनेता विष्णु शर्मा, आशीर्वाद के चेयरमैन बृजमोहन अग्रवाल, अध्यक्ष सुधा सिंह, समाजसेवी सुभाष अग्रवाल, आईआईटी मुंबई के डीन प्रो. रवींद्र गुडी, कुलसचिव गणेश बोरकडे, शायरा दीप्ति मिश्रा, सुप्रसिद्ध अभिनेता एवं यूथ आइकन विद्युत जामवाल तथा आशीर्वाद की निदेशक नीता बाजपेयी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के सांस्कृतिक सचिव राजेश विक्रांत ने आशीर्वाद की गतिविधियों एवं हिंदी सेवा की यात्रा का परिचय देते हुए किया। ‘अपनी भाषा, अपना गौरव’ विषय पर आयोजित परिचर्चा का संचालन क्राइम पत्रकार विवेक अग्रवाल ने किया। परिचर्चा में आईआईटी मुंबई के संयुक्त कुलसचिव चिंतामणि जोगलेकर, आईआईएम मुंबई के डीन प्रो. निखिल मेहता, एसबीआई के सतीश सिंह तथा बैंक ऑफ इंडिया के सरताज मोहम्मद शकील ने अपने विचार रखे।

राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, आरसीएफ, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, एलआईसी, कोंकण रेलवे और भारतीय कपास निगम सहित विभिन्न संस्थानों को सम्मानित किया गया। गृहपत्रिका वर्ग में आईडीबीआई, न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन, माझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, सेंट्रल बैंक और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को पुरस्कार प्रदान किए गए। नवोन्मेषी कार्य पुरस्कार आईआईएम मुंबई को दिया गया।

कार्यालयों में हिंदी के प्रभावी प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन के लिए ‘आशीर्वाद रत्न सम्मान’ आईआईटी मुंबई के साथ-साथ एलआईसी की कार्यकारी निदेशक गिरिजा सुकुमारन और भारत पेट्रोलियम के कार्यपालक निदेशक शंकर एम. को प्रदान किया गया। ‘गौरव सम्मान’ आईडीबीआई के नरेश बराल एवं बैंक ऑफ महाराष्ट्र के रामचंद्र रागिरी को प्रदान किया गया।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के दृष्टिबाधित प्रबंधक निशांत शाह एवं रक्षा लेखा कार्यालय के नीरज कुमार को ‘प्रेरणा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया, जबकि केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान की प्राची म्हात्रे को ‘महिला प्रचारक पुरस्कार’ प्रदान किया गया।

अभिनेता एवं यूथ आइकन विद्युत जामवाल ने अपने संबोधन में योग और ध्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा योग आज के प्रतिस्पर्धात्मक एवं चुनौतीपूर्ण वातावरण में तनाव को नियंत्रित करने तथा मन की शांति बनाए रखने में सहायक है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखकर व्यक्ति विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ सकता है। इस अवसर पर उन्होंने लघु वीडियो फिल्म प्रतियोगिता के विजेता आईआईटी के पीएचडी विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया।

‘आशीर्वाद नव रत्न’ सम्मान

‘आशीर्वाद नव रत्न सम्मान’ साहित्यकार राजेश रेड्डी, अभिनेता विद्युत जामवाल, पद्मश्री डॉ. सोमा घोष, वरिष्ठ मराठी अभिनेत्री उषा नाडकर्णी, डॉ. कृष्ण कुमार मिश्र, समाजसेवी डॉ. अलका पाण्डेय, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, वृत्तचित्र निर्माता संतोषी गुलाबकली मिश्रा, रंगकर्मी एवं एनएसडी प्रशिक्षित अशोक बन्थिया तथा जापान से आईं मायो हितोमी को प्रदान किया गया। मायो हितोमी ने हिंदी में अपने विचार व्यक्त कर उपस्थित लोगों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

‘आशीर्वाद मूल साहित्यिक कृति सम्मान’ असलम हसन की ‘पोटली में चांद’, सतीश सिंह की ‘तपती धूप में जिंदगी’ तथा ममता सिंह की ‘बीज और आकाश’ को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रख्यात फिल्म निर्माता-निर्देशक, कवि एवं अभिनेता रवि यादव ने किया। पुरस्कारों के चयन में अमर त्रिपाठी, राजेश विक्रांत एवं डॉ. जे. पी. बघेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रख्यात गायक विनोद दुबे की संगीतमय प्रस्तुति ने समारोह में रंग भर दिया।

समारोह में डॉ. बनमाली चतुर्वेदी, डॉ. सुलभा कोरे, वैशाली बहुलकर, आफताब आलम, नवीन चतुर्वेदी, अतुल राजकुले, श्रेयांस शुक्ला, डॉ. मंजुला जगतरामका, अग्निशिला के संपादक एवं आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, अशोक त्रिवेदी, राजीव रोहित, कृष्णा गौतम, गिरीश सेठिया, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, राजकिशोर तिवारी, शामी एन. इरफान, सलाम शेख एवं अनिल कुमार राही सहित बड़ी संख्या में साहित्यसेवी, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं हिंदीप्रेमी उपस्थित रहे।

अंत में नीता बाजपेयी ने सभी अतिथियों, पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दृष्टिबाधित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रबंधक निशांत शाह को ‘प्रेरणा पुरस्कार’ से सम्मानित करते हुए उनके मुख्य प्रबंधक शुभांशु सक्सेना, आशीर्वाद के चेयरमैन बृजमोहन अग्रवाल, समाजसेवी सुभाष अग्रवाल एवं वरिष्ठ पत्रकार-स्तंभकार विमल मिश्र।

Saturday, 5 September 2026

शिक्षक दिवस पर भारतीय सदविचार मंच ने 7 वरिष्ठ शिक्षकों को किया सम्मानित

शिक्षक दिवस पर भारतीय सदविचार मंच ने 7 वरिष्ठ शिक्षकों को किया सम्मानित

मुंबई: शिक्षक दिवस के अवसर पर भारतीय सदविचार मंच (शिक्षक प्रकोष्ठ) द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह दहिसर (पूर्व) स्थित भारतीय सदविचार मंच सभागार में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 7 वरिष्ठ शिक्षकों डॉ. उमेशचन्द्र शुक्ला, गिरिजाशंकर त्रिपाठी, राम सिंह, राधेश्याम पाण्डेय, माता प्रसाद चतुर्वेदी, सुशील कुमार दुबे एवं मिथिलेश मिश्रा को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. राधेश्याम तिवारी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र का वास्तविक निर्माता होता है। वह केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि समाज को सही दिशा और संस्कार भी प्रदान करता है।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. हृदयनारायण मिश्रा, दिनेशचंद्र उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अभय मिश्रा एवं आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षकों के योगदान और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में सुभाष उपाध्याय, अनिरुद्ध पांडे, डॉ. सुभाष चौबे, संदीप तिवारी, विनोद तिवारी एवं हरिशंकर तिवारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्था के महामंत्री नागेन्द्र मिश्रा ने किया, जबकि स्वागत भाषण संस्था अध्यक्ष डॉ. शिवश्याम तिवारी ने दिया।

समारोह में संस्था के कोषाध्यक्ष महेंद्र मिश्रा, मनोज चतुर्वेदी, गणेश पांडे, राम प्रकाश तिवारी एवं कमलाकांत त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। अंत में मार्गदर्शन मंडल के मार्गदर्शक ब्रज प्रसाद मिश्रा ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। शिक्षकों के सम्मान और उनके अमूल्य योगदान को समर्पित यह समारोह प्रेरणादायी एवं यादगार रहा।

Tuesday, 1 September 2026

राष्ट्रीय एकजूट वाहतूक संगठन की पहल से मुंबई के 2770 ऑटो-टैक्सी चालकों ने सीखी मराठी

राष्ट्रीय एकजूट वाहतूक संगठन की पहल से मुंबई के 2770 ऑटो-टैक्सी चालकों ने सीखी मराठी

भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम के हाथों प्रमाणपत्र वितरित

‘मराठी सीखें, महाराष्ट्र की संस्कृति से जुड़ें’—भाषा के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश

मुंबई : मुंबई में ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण देकर उन्हें महाराष्ट्र की भाषा, संस्कृति और परंपरा से जोड़ने की दिशा में भारतीय जनता पार्टी प्रणित राष्ट्रीय एकजूट वाहतूक संगठन की ओर से महत्वपूर्ण पहल की गई है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर आयोजित मराठी भाषा प्रशिक्षण अभियान में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 2770 ऑटो एवं टैक्सी चालकों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रमाणपत्र वितरण समारोह में भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम के हाथों प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।


मुंबई देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले लोगों को रोजगार और व्यवसाय के अवसर प्रदान करने वाला महानगर है। ऑटो और टैक्सी चालक प्रतिदिन हजारों स्थानीय और बाहर से आने वाले यात्रियों के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में उन्हें मराठी भाषा का ज्ञान हो, इसके लिए भाजपा की ओर से यह विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया गया। इस पहल का उद्देश्य केवल भाषा सिखाना नहीं, बल्कि मुंबई में रहने और काम करने वाले विभिन्न भाषाई समुदायों को महाराष्ट्र की भाषा और संस्कृति से जोड़ना भी है।

मराठी भाषा का प्राथमिक ज्ञान होने से ऑटो-टैक्सी चालकों को यात्रियों के साथ संवाद करने में सुविधा होगी। साथ ही स्थानीय नागरिकों और अन्य भाषाई समुदायों के बीच बेहतर संवाद और सामाजिक समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। 


प्रमाणपत्र वितरण के अवसर पर भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम ने मराठी भाषा सीखने वाले ऑटो एवं टैक्सी चालकों का अभिनंदन किया और ऐसे सामाजिक एवं जनसंपर्क आधारित अभियानों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर अमित साटम ने कहा कि मराठी सीखना किसी भाषा को छोड़ना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की संस्कृति को समझने और उसका सम्मान करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि मुंबई में काम करने वाले विभिन्न समाज और भाषाई वर्गों को साथ लेकर चलना तथा महाराष्ट्र की भाषा एवं संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना आवश्यक है।


कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकजूट वाहतूक संगठन के अध्यक्ष बलवीर नेगी, उपाध्यक्ष राजेश घारे, कोषाध्यक्ष अभिषेक राऊत, भाजपा कामगार नेता संतोष धुरी, संयुक्त महासचिव कन्हैया सिंह, सचिव इरशाद अली सहित दीपक कांदलगांवकर, हाजी यूनुस शाह (जब्बार), सुनील कदम, अमोल देसाई, राजेश येल्लना, नीलेश कुशे और अविनाश घाग उपस्थित रहे।


इस अभियान को सफल बनाने में मुंबई मराठी साहित्य संघ की रचना पाटील का विशेष योगदान रहा। उन्होंने ऑटो एवं टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से “मराठी भाषा सीखें, महाराष्ट्र की संस्कृति से नाता जोड़ें” का संदेश दिया गया। राष्ट्रीय एकजूट वाहतूक संगठन की इस पहल से 2740 ऑटो एवं टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण मिलने के साथ ही भाषा, रोजगार, सामाजिक संवाद और सांस्कृतिक समन्वय को जोड़ने का एक सकारात्मक प्रयास सामने आया है।

यह अभियान मुंबई जैसे महानगर में स्थानीय भाषा के सम्मान के साथ सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में भाजपा की सक्रिय पहल के रूप में देखा जा रहा है।