Sunday, 4 January 2026

पूनम महाजन का कमबैक

पूनम महाजन का कमबैक

भाजपा वसई–विरार की मुख्य चुनाव प्रमुख नियुक्त


महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर पूनम महाजन का प्रभावशाली कमबैक देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने आगामी वसई–विरार महानगरपालिका चुनाव के मद्देनज़र उन्हें भाजपा वसई–विरार की मुख्य चुनाव प्रमुख नियुक्त किया है। यह नियुक्ति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संस्तुति पर भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण द्वारा की गई है। यह फैसला केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं, बल्कि भाजपा की चुनावी रणनीति और राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।


पार्टी नेतृत्व का भरोसा और रणनीतिक निर्णय

पूनम महाजन भाजपा की उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी को शहरी क्षेत्रों में मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है। वे मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुकी हैं और संगठनात्मक, प्रशासनिक व चुनावी अनुभव का लंबा रिकॉर्ड रखती हैं।
वसई–विरार जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में स्थानीय मुद्दों की गहरी समझ, कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद, चुनावी प्रबंधन का अनुभव को देखते हुए भाजपा ने पूनम महाजन को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

मुख्यमंत्री की संस्तुति का महत्व

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संस्तुति पर हुई यह नियुक्ति इस बात का संकेत है कि पार्टी नेतृत्व वसई–विरार चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रहा है। संगठन और सरकार के बीच समन्वय के साथ चुनावी लड़ाई लड़ी जाएगी। अनुभवी नेतृत्व को आगे लाकर पार्टी को निर्णायक बढ़त दिलाने की कोशिश है। प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण द्वारा की गई यह नियुक्ति संगठनात्मक संतुलन और चुनावी तैयारी का स्पष्ट संकेत देती है।

वसई–विरार चुनाव : भाजपा के लिए क्यों अहम


वसई–विरार महानगरपालिका क्षेत्र में बड़ी जनसंख्या, विविध सामाजिक और आर्थिक वर्ग के साथ बुनियादी सुविधाओं, ट्रैफिक, पानी, कचरा प्रबंधन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों के कारण हमेशा से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। यहां भाजपा लंबे समय से संगठन विस्तार और सत्ता में मजबूत उपस्थिति के लिए प्रयासरत है। पूनम महाजन की नियुक्ति से पार्टी को सशक्त चुनावी नेतृत्व, बेहतर माइक्रो-मैनेजमेंट, वार्ड स्तर पर प्रभावी रणनीति मिलने की उम्मीद है। 

मुख्य चुनाव प्रमुख के रूप में भूमिका

मुख्य चुनाव प्रमुख के तौर पर पूनम महाजन की जिम्मेदारियां व्यापक होंगी, जिनमें चुनावी रणनीति और रोडमैप तैयार करना, वार्ड स्तर पर संगठन को सक्रिय करना, उम्मीदवार चयन और प्रचार की दिशा तय करना, कार्यकर्ताओं में समन्वय और उत्साह बनाए रखना और स्थानीय मुद्दों को चुनावी एजेंडे में प्रमुखता देना शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वे जमीनी स्तर पर लगातार संपर्क और डेटा आधारित चुनाव प्रबंधन पर विशेष ध्यान देंगी।

राजनीतिक संदेश और संभावनाएं

पूनम महाजन के कमबैक से भाजपा ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी अनुभव और प्रदर्शन को प्राथमिकता दे रही है। स्थानीय निकाय चुनावों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मजबूत नेतृत्व के साथ मैदान में उतरकर सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य रखा गया है।
यह नियुक्ति न केवल वसई–विरार, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में भाजपा की चुनावी रणनीति को नई धार देने वाली मानी जा रही है।


पूनम महाजन का भाजपा वसई–विरार की मुख्य चुनाव प्रमुख बनना उनके राजनीतिक अनुभव और पार्टी नेतृत्व के भरोसे का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में भाजपा को वसई–विरार महानगरपालिका चुनाव में संगठनात्मक मजबूती, रणनीतिक स्पष्टता और निर्णायक बढ़त मिलने की पूरी संभावना है। यह कमबैक आने वाले चुनावी मुकाबले को और भी दिलचस्प और निर्णायक बनाने वाला माना जा रहा है।

Monday, 29 December 2025

पत्रकारों की सतर्कता से समाज सुरक्षित रहता है : समीर वानखेड़े

पत्रकारों की सतर्कता से समाज सुरक्षित रहता है : समीर वानखेड़े

पीवीएस मीडिया अवॉर्ड्स–2025 में पत्रकारों का हुआ भव्य सम्मान

मुंबई। भारतीय राजस्व सेवा के वरिष्ठ एवं चर्चित अधिकारी समीर वानखेड़े ने कहा कि पत्रकारों की सतर्क और निष्पक्ष निगाह के कारण ही प्रशासन भी अधिक जिम्मेदारी और पारदर्शिता से कार्य करता है। पत्रकार और प्रशासन जब समन्वय के साथ काम करते हैं, तब समाज और लोकतंत्र दोनों सुरक्षित रहते हैं।


श्री वानखेड़े शनिवार को मुंबई के मालाड पश्चिम स्थित साई पैलेस सभागृह में आयोजित पत्रकार विकास संघ (पीवीएस) के 17वें वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर पीवीएस के अध्यक्ष आनंद मिश्र, महासचिव अजय सिंह एवं प्रमुख सलाहकार सुनील सिंह ने उन्हें शाल, श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जोन-11 के डीसीपी संदीप जाधव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

पीवीएस पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित करता आ रहा है। इस वर्ष भी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों, संपादकों और मीडिया कर्मियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

प्रमुख पुरस्कार इस प्रकार रहे—
🔹 श्रेष्ठ संपादक पीवीएस ज्यूरी अवॉर्ड–2025 : संजय सावंत (आपलं महानगर)
🔹 पीवीएस ज्यूरी रजत जयंती अवॉर्ड–2025 : ओमप्रकाश तिवारी (दैनिक जागरण)
🔹 पीवीएस जीवन गौरव (पत्रकारिता) अवॉर्ड–2025 : शेषनाथ सिंह (दोपहर का सामना)
🔹 पीवीएस जीवन गौरव (फोटोग्राफी) : प्रदीप धीवर
अन्य प्रमुख सम्मान—
▪️ बेस्ट पॉलिटिकल रिपोर्टर : दीपक कैतके (दैनिक महासागर)
▪️ बेस्ट रिपोर्टर – जनरल कैटेगरी : भानु प्रकाश मिश्र (दैनिक भास्कर)
▪️ बेस्ट क्राइम रिपोर्टर : डॉ. अखिलेश तिवारी (एनबीटी)
▪️ पीवीएस बेस्ट यंग जर्नलिस्ट : नम्रता अरविंद दुबे
▪️ बेस्ट डिजिटल जर्नलिस्ट : प्रवीण नलावडे
▪️ बेस्ट टीवी रिपोर्टर : कृष्णा सोनारवाडकर
▪️ बेस्ट फोटोग्राफर : शैलेश जाधव
▪️ बेस्ट वीडियो जर्नलिस्ट : राजेंद्र दशरथ धयालकर
▪️ पीवीएस ज्यूरी अवॉर्ड (स्व. शिवा देवनाथ स्मृति) : अनिल शुक्ला (एनबीटी)
▪️ पीवीएस ज्यूरी अवॉर्ड (संपादकीय) : विक्रम जादव

इसके अलावा पत्रकारों के सहयोग एवं सामाजिक योगदान के लिए मुंबई भाजपा के प्रवक्ता उदय प्रताप सिंह, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अजय गुप्ता, गायक प्रेम प्रकाश दुबे, सुनील काबरा एवं अभिषेक जाजू को पीवीएस पत्रकार मित्र सम्मान–2025 से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार अभय मिश्र एवं सुनील सिंह ने किया। सुप्रसिद्ध गायक विनोद दुबे ने गीतों से तथा हास्य कवि महेश दुबे एवं मुकेश गौतम ने काव्य-पाठ से समारोह को मनोरंजक व गरिमामय बनाया।

समारोह में बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक व मीडिया जगत की विशिष्ट हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें विधायक संजय उपाध्याय, विधायक असलम शेख, भाजपा नेता आचार्य पवन त्रिपाठी, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, पूर्व राज्यमंत्री अमरजीत मिश्र, कन्हैयालाल जी. सराफ, डॉ. राधेश्याम तिवारी, विनोद मिश्र, डॉ. एन.एन. पांडेय, गंगाराम जमनानी, दिलीप सपाटे, राजा अदाटे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।


Sunday, 28 December 2025

मुलुंड में ‘नारी शक्ति नवयुग जननी’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन

मुलुंड में ‘नारी शक्ति नवयुग जननी’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन

अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा आयोजित “नारी शक्ति नवयुग जननी” कार्यक्रम का भव्य आयोजन मुंबई के मुलुंड स्थित कालिदास ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देशभर की सशक्त नारियों को नारी जागरण एवं सशक्तिकरण विषय पर विचार-विमर्श हेतु आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने अखंड दीप प्रज्वलन एवं परम वंदनीया माताजी भगवती देवी शर्मा के जन्म-शताब्दी वर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि माताजी ने भारतवर्ष में नारी जागरण की जो अलख जगाई, वह आज एक सशक्त आंदोलन का रूप ले चुकी है।

उन्होंने बताया कि नारी जागरण कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा, आत्मविश्वास, समान अधिकार और सामाजिक चेतना के विकास पर विशेष बल दिया गया। यह वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से महिलाएँ अपने अधिकारों, कर्तव्यों और क्षमताओं को पहचानकर समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब उसकी आधी आबादी—नारी—सशक्त और जागरूक हो।

श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे स्वयं पिछले 40 वर्षों से गायत्री परिवार से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा, “सशक्त नारी शोर नहीं करती, वह परिवार में संस्कारों का संचार कर एक सशक्त समाज का निर्माण करती है।”
उन्होंने मोदी सरकार द्वारा नारी सशक्तिकरण हेतु संचालित योजनाओं—बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, सुकन्या समृद्धि योजना तथा लाड़ली बहना योजना का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए न्यूक्लियर साइंटिस्ट श्रीमती दीप्ति भचावत ने विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान बाहरी जगत की खोज है, जबकि अध्यात्म आंतरिक जगत की। एक नारी जब परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करती है, तो वह समाज के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करती है।

इसके अतिरिक्त डॉ. संध्या शेनॉय, पूर्णिमा शिरीशकर, भाग्यलक्ष्मी गोहोकर, शायना एनसी एवं मंजुश्री पाटील ने भी अपने विचार व्यक्त किए। ‘वंडर वुमन ऑफ इंडिया’ के नाम से विख्यात श्रीमती सीमा राव, जो भारतीय विशेष रक्षा बलों को प्रशिक्षण देती हैं, ने वैश्विक स्तर पर भारतीय नारी के बढ़ते वर्चस्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के समापन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रति-कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि प्राचीन भारतीय समाज में नारी को अत्यंत सम्मानपूर्ण स्थान प्राप्त था। गार्गी, मैत्रेयी और इला जैसी विदुषियों ने ज्ञान के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने न्याय, धर्म और जनकल्याण के सिद्धांतों पर आधारित आदर्श शासन दिया तथा काशी विश्वनाथ मंदिर सहित देशभर में अनेक धार्मिक और सामाजिक संरचनाओं का निर्माण कराया।

डॉ. पंड्या ने कहा कि आधुनिक युग में शिक्षा, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक आंदोलनों के कारण नारी जागरण को नई दिशा मिली है। आज महिलाएँ शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, खेल, प्रशासन और व्यापार जैसे क्षेत्रों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। पंचायत से लेकर संसद तक उनकी भागीदारी सशक्तिकरण का सशक्त प्रमाण है।

अंत में उन्होंने कहा कि नारी जागरण केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब नारी सशक्त होगी, तभी परिवार सुदृढ़ होगा और राष्ट्र प्रगति करेगा। अखिल विश्व गायत्री परिवार नारी जागरण की पताका लेकर विश्वभर में ऐसा संदेश दे रहा है, जिसे वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया जा रहा है। इन्हीं शब्दों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के हजारों कार्यकर्ताओं के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री प्रेम शुक्ल, श्रीमती शांति प्रेम शुक्ल, वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिल गलगली, अमित नारायण, विनीता नारायण, मीनल मित्तल, उपेंद्र चौबे, डॉ. वरुण मानेक, इंद्रभूषण गोखले एवं प्रह्लाद पांचाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Wednesday, 24 December 2025

“कीर्तनमंदाकिनीचा सूर हरपला…”

“कीर्तनमंदाकिनीचा सूर हरपला…”

दि. २४ डिसेंबर २०२५ रोजी सुप्रसिद्ध ज्येष्ठ कीर्तनकार, ह.भ.प. मंजुश्रीताई खाडिलकर यांचे पुण्यात अल्प आजाराने दुःखद निधन झाले. त्या ८६ वर्षांच्या होत्या. गेली ६८ वर्षे अविरत अखंड कीर्तनसेवेत रममाण असलेल्या मंजुश्रीताई या केवळ श्रेष्ठ कीर्तनकारच नव्हे, तर माझ्या कीर्तनगुरू व सासूबाई सुद्धा होत्या.
वयाच्या अवघ्या १५व्या वर्षी त्यांनी नारदीय कीर्तन परंपरेचे व्रत हाती घेतले. महाराष्ट्र, गोवा, दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश आदी अनेक प्रांतांत त्यांनी कीर्तनाच्या माध्यमातून समाजजागृतीचे महान कार्य केले. विशेष म्हणजे, पंजाबमधील अमृतसर येथील सुवर्ण मंदिरात त्यांनी थेट खलिस्तानवादी अतिरेकी भिंद्रांवालेसमोर हिंदी व पंजाबी भाषेत निर्भय कीर्तन केले, हा त्यांच्या धाडसाचा आणि वैचारिक ठामपणाचा विलक्षण दाखला होता. इंग्लंड, अमेरिका व कॅनडा येथे तब्बल तीन महिने कीर्तनसेवेच्या माध्यमातून भारतीय संस्कृती व कलेचा प्रचार-प्रसार करणाऱ्या त्या युरोप व अमेरिका दौरा करणाऱ्या पहिल्या भारतीय महिला कीर्तनकार ठरल्या.

त्यांच्या कार्याचा एक अत्यंत महत्त्वाचा पैलू म्हणजे स्वातंत्र्यवीर सावरकर यांच्या जीवनावर संपूर्ण भारतभर त्यांनी सादर केलेली १०० कीर्तने. या कीर्तनांतून मिळालेले संपूर्ण मानधन त्यांनी दादर येथील स्वा. सावरकर स्मारकाच्या उभारणीस अर्पण केले.
मंजुश्रीताईंनी ६५ वर्षे महिलांना भजन-कीर्तनाचे शिक्षण देत ज्ञानदानाचे कार्य अविरत सुरू ठेवले. सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्त्या उषाताई विश्वनाथ कराड यांना त्या गुरुस्थानी होत्या. संत सखू, लाखा कोलाटी व नरसी मेहता यांच्या आख्यानांवर त्यांची विशेष श्रद्धा होती. आजच्या अनेक नवोदित कीर्तनकारांना त्यांनी हा वैचारिक व कलात्मक ठेवा दिला..अत्यंत मधुर आवाज, उच्च प्रत्युत्पन्नमती, शास्त्रीय व नाट्यसंगीताचा प्रभावी वापर, रसपूर्ण कथनशैली – हे त्यांच्या यशस्वी कीर्तनाचे वैशिष्ट्य होते.

वारकरी संप्रदायाचे गुरुवर्य साक्षात धुंडा महाराज देगलीकर यांनी त्यांना सन्मानार्थ वीणा प्रदान केली, तर करवीरपीठाच्या शंकराचार्यांच्या हस्ते त्यांना “कीर्तनमंदाकिनी” ही उपाधी बहाल करण्यात आली. अनेक सन्मान व पुरस्कार मिळूनही त्या आजवर शासकीय पुरस्कारापासून वंचित राहिल्या, याची खंत त्यांची सून व कीर्तनकार ह.भ.प. वीणा त्यागराज खाडिलकर यांनी व्यक्त केली आहे.

आपल्या भजन-कीर्तन परंपरेचा वारसा त्यांनी राज्ञी, मोक्षा, तेजसा, ग्रीष्मा, सोहमादित्य व यशराज या नातवंडांसह असंख्य शिष्यांना सुपूर्त केला. त्यांच्या पश्चात तीन अपत्ये – सुप्रसिद्ध गायक त्यागराज खाडिलकर, नटराज खाडिलकर व अमृता खाडिलकर – संगीत क्षेत्रात अविरत सेवा देत आहेत.
शेवटच्या श्वासापर्यंत भजनात रममाण असलेल्या, कीर्तनमंदाकिनी ह.भ.प. मंजुश्रीताई खाडिलकर यांच्या कीर्तनसेवेला
शेवटचा रामकृष्ण हरी…!!
ईश्वर त्यांच्या आत्म्यास चिरशांती देवो, हीच प्रार्थना. 🙏

© लेखिका :
कीर्तनकार डॉ. वीणा त्यागराज खाडिलकर

Tuesday, 23 December 2025

शताब्दी समारोह परिसर में माता भगवती भोजनालय का शुभारंभ


शताब्दी समारोह परिसर में माता भगवती भोजनालय का शुभारंभ

श्रद्धेया शैलदीदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया उद्घाटन

अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित होने जा रहे परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी जन्म शताब्दी एवं अखंड दीप प्राकट्य शताब्दी महोत्सव के यज्ञ क्रम अंतर्गत राजा दक्ष की नगरी कनखल स्थित बैरागी द्वीप में माता भगवती भोजनालय का विधिवत शुभारंभ हो गया।

भोजनालय का उद्घाटन श्रद्धेया शैलदीदी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिपूर्वक पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, महिला मंडल प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या, सहित देश-विदेश से पधारे अनेक परिजन उपस्थित रहे।

शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि ने जानकारी दी कि यह भोजनालय शताब्दी समारोह के समापन तक निरंतर संचालित रहेगा। यहाँ प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्वयंसेवक, कार्यकर्ता एवं आगंतुक माता जी के स्नेह-संस्कार से परिपूर्ण सात्विक भोजन प्रसाद ग्रहण करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर आगामी दिनों में एक अतिरिक्त भोजनालय प्रारंभ करने की भी योजना है।

भोजनालय विभाग प्रभारी श्री जमना विश्वकर्मा ने बताया कि समारोह में सेवा देने वाले प्रत्येक स्वयंसेवक के लिए भोजन प्रसाद की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही समारोह में आने वाले विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट अतिथियों तथा पत्रकारों के लिए भी अलग से भोजन व्यवस्था रहेगी।

उल्लेखनीय है कि 20 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले इस विराट शताब्दी समारोह में भारत सहित विश्व के 30 से अधिक देशों से स्वयंसेवक एवं कार्यकर्ता सहभागिता करेंगे। वर्तमान में ही बैरागी द्वीप स्थित शताब्दी नगर में पाँच हजार से अधिक स्वयंसेवक विभिन्न सेवा विभागों में सक्रिय रूप से सेवारत हैं।
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Sunday, 21 December 2025

महाराष्ट्र नगर परिषद एवं नगर पंचायत चुनाव 2025: BJP No. 1

नगर परिषद एवं नगर पंचायत चुनाव 2025: BJP No. 1

नगर परिषद एवं नगर पंचायत चुनाव 2025 के अंतिम नतीजों ने महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति की स्पष्ट तस्वीर सामने रख दी है। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 117 सीटों के साथ सबसे मजबूत प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बढ़त बनाई है। यह परिणाम न केवल संगठनात्मक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता का भी संकेत देता है।

शिवसेना ने 53 सीटें हासिल कर दूसरा स्थान बनाए रखा है, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को 37 और कांग्रेस को 28 सीटों पर संतोष करना पड़ा। गौरतलब है कि अमान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों ने भी 28 सीटें जीतकर यह स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय नेतृत्व को मतदाता गंभीरता से महत्व दे रहे हैं।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को 9 और एनसीपी (शरद पवार) को 7 सीटें मिली हैं, जो यह दर्शाता है कि विभाजन के बाद इन दलों की स्थानीय पकड़ सीमित रही। मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों को 4 तथा अपक्ष उम्मीदवारों को 5 सीटें प्राप्त हुई हैं, जो कई नगर निकायों में सत्ता संतुलन तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कुल मिलाकर, यह चुनाव परिणाम इस ओर इशारा करते हैं कि मतदाता स्थिर नेतृत्व, विकासपरक एजेंडा और स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्य को प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले दिनों में इन नतीजों का असर नगर परिषदों और नगर पंचायतों की प्रशासनिक दिशा, गठबंधन की राजनीति तथा राज्य की व्यापक राजनीतिक रणनीति पर स्पष्ट रूप से दिखाई।

Thursday, 18 December 2025

भगवती नरसिंह दुबे की चतुर्थ पुण्यतिथि पर श्रद्धा व भक्ति का भव्य संगम

भगवती नरसिंह दुबे की चतुर्थ पुण्यतिथि पर श्रद्धा व भक्ति का भव्य संगम

कई विशिष्टजनों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

अपनी बगिया के फूलों को प्रेम और एकता रूपी माला में स्नेह से पिरोकर रखने वाली स्वर्गीय भगवती नरसिंह दुबे की चतुर्थ पुण्यतिथि के अवसर पर दो दिवसीय श्री अखंड हरिकीर्तन (अष्टयाम), श्रद्धांजलि सभा, भजन संध्या एवं महाप्रसाद भंडारे का भव्य आयोजन किया गया।

दुबे परिवार की ओर से नालासोपारा पूर्व स्थित दुबे इस्टेट परिसर में आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ 16 दिसंबर को सुबह 10 बजे श्री अखंड हरिकीर्तन के साथ हुआ। यह कीर्तन निरंतर दूसरे दिन बुधवार को पूर्णाहुति, पूजन, हवन एवं आरती के उपरांत संपन्न हुआ।

इसके पश्चात सायं 5 बजे से श्रद्धांजलि सभा एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित भजन गायक कलाकारों ने अपने सुमधुर स्वरों से संगीतमय भजनों की प्रस्तुति कर स्वर्गीय माताजी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान महाप्रसाद भंडारे का भी भव्य आयोजन किया गया, जो देर रात तक अनवरत चलता रहा।

यह आयोजन श्यामसुंदर नरसिंह दुबे, डॉ. ओमप्रकाश नरसिंह दुबे, श्रीमती उषा शैलेश दुबे, जयप्रकाश नरसिंह दुबे, श्रीमती आशा अवधेश दुबे, नरेश नरसिंह दुबे सहित संपूर्ण दुबे परिवार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री रमेश दुबे, कृपाशंकर सिंह, नालासोपारा विधायक राजन नाईक, वसई विधायक स्नेहा दुबे पंडित, दैनिक नवभारत के संपादक बृजमोहन पांडे सहित अशोक लेलैंड एवं टोयोटा के भूतपूर्व जनरल मैनेजर दिनेशचंद्र उपाध्याय, ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के महासचिव देवेंद्र तिवारी, भारतीय सद्विचार मंच के डॉ. हृदयनारायण मिश्रा, डॉ. शिवश्याम तिवारी, पंकज मिश्रा, रमेश मिश्रा, अनुराग त्रिपाठी, अनिल गलगली, उदयप्रताप सिंह, उत्तर भारतीय संघ के संजय सिंह, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे सहित पालघर, ठाणे, मुंबई, नवी मुंबई, वापी, दमन, सिलवासा एवं सूरत से आए समाज के अनेक लब्धप्रतिष्ठित मान्यवरों ने सहभाग लेकर माताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

अखंड हरिकीर्तन में 85 से अधिक गायक एवं वादकों ने सहभाग लिया, वहीं भजन संध्या में आरोही प्रभुदेसाई, नीरज तिवारी, हुकुम प्रजापति, मदन काजळे, प्रियंका मौर्य, अरुण सिंह सहित विख्यात गायकों ने 16 वादकों से समृद्ध वाद्यवृंद के साथ भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।