Saturday, 25 April 2026

देव संस्कृति विश्वविद्यालय और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की संयुक्त पहल; योग और संगीत चिकित्सा से होगा सर्वाइकल दर्द का निवारण

देव संस्कृति विश्वविद्यालय और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की संयुक्त पहल

योग और संगीत चिकित्सा से होगा सर्वाइकल दर्द का निवारण

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योग विज्ञान एवं मानव चेतना विभाग ने आधुनिक जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ रही सर्वाइकल दर्द की समस्या के समाधान हेतु एक महत्वपूर्ण शोध पहल शुरू की है। ‘योग एवं संगीत चिकित्सा के संयुक्त प्रभाव’ पर आधारित इस विशेष अध्ययन का शुभारंभ शांतिकुंज, हरिद्वार स्थित शताब्दी चिकित्सालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में किया गया।

यह शोध परियोजना आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के संगम का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा लिमिटलेस ब्रेन लैब, दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि इस अध्ययन में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के निद्रा चिकित्सा विभाग की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक प्रामाणिकता प्राप्त हो रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ शांतिकुंज महिला मंडल की प्रमुख आदरणीया शेफाली पंड्या ने किया। इस अवसर पर अस्पताल की प्रभारी डॉ. मंजू चोपदार सहित विश्वविद्यालय के शोध छात्र, शिक्षक एवं चिकित्सा क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

आदरणीया शेफाली पंड्या ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्राचीन योग विद्या और संगीत की मधुर स्वर लहरियों में असाध्य रोगों को जड़ से समाप्त करने की अद्भुत क्षमता निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह शोध न केवल सर्वाइकल रोगियों को शारीरिक पीड़ा से राहत दिलाएगा, बल्कि मानवता के लिए स्वस्थ और संतुलित जीवन की दिशा भी प्रशस्त करेगा।

इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य योग और संगीत के समन्वित प्रभाव से दर्द में कमी लाना तथा रोगियों की नींद की गुणवत्ता में सुधार का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय का यह प्रयास भविष्य में बिना औषधियों के जटिल रोगों के उपचार की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। हरिद्वार से आरंभ हुई यह पहल वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है।

Friday, 24 April 2026

वसई में श्री बद्रीनाथ मंदिर अब भक्तों के लिए खुला

वसई में श्री बद्रीनाथ मंदिर अब भक्तों के लिए खुला

वसई (पश्चिम) में उत्तरांचल मित्र मंडल के तत्वावधान में श्री बद्री विशाल मंदिर एवं मानव कल्याण केंद्र द्वारा 18 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 तक भव्य धार्मिक महोत्सव का सफल आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन के उपरांत वसई में श्री बद्रीनाथ मंदिर अब भक्तों के लिए विधिवत रूप से खोल दिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। यह आयोजन उत्तरांचल मित्र मंडल की लगभग 35 वर्षों की श्रद्धा, साधना और अथक परिश्रम का दिव्य परिणाम है।

महोत्सव के अंतर्गत भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जो स्वामीनारायण मंदिर से प्रारंभ होकर सन सिटी स्थित मंदिर परिसर तक पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर यात्रा की शोभा बढ़ाई। ढोल-ताशों की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।

इस पावन अवसर पर श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी जी महाराज के करकमलों से विधिवत पूजा-अर्चना एवं कलशारोहण सम्पन्न हुआ। देशभर से आए विद्वान ब्राह्मणों ने सनातन परंपरा के अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठानों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों लोक भवन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर महापौर राजीव पाटील, पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकूर, मीरा-भाईंदर के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, पूर्व महापौर नारायण मानकर, आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, राजीव नौटियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत काशी से पधारे विद्वान आचार्य मंडल द्वारा मंडप पूजन एवं गणेश पूजन के साथ हुई। आचार्य हरिश्चंद्र लखेड़ा एवं आचार्य ताराचंद करगेती के सान्निध्य और मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी धार्मिक विधियां विधिवत संपन्न हुईं। इस दौरान संपूर्ण परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। भजन सम्राट अनूप जलोटा ने अपने भक्ति गीतों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक आध्यात्मिक बन गया।

इस महोत्सव को सफल बनाने में अध्यक्ष माधवानंद भट्ट, महासचिव महेश चंद्र नैनवाल, कोषाध्यक्ष कुंदन सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह मेहरा, गोविंद पांडे, महेंद्र सिंह रावत, मनोहर सिंह रौथाण, महेंद्र सिंह धामी, मोहन सिंह राजपूत, नरेंद्र पाल नेगी, गोपाल सिंह कार्की, होशियार सिंह दसोनी, चंद्रकांत शर्मा, हयात सिंह राजपूत, चंद्रशेखर उपाध्याय, महेश भट्ट, नंदन अकोलिया, दिनेश अकोलिया, गणेश भारद्वाज तथा लज्जावंती भट्ट सहित सभी सदस्यों का विशेष योगदान सराहनीय रहा।

पांच दिनों तक चले इस भव्य धार्मिक आयोजन से वसई क्षेत्र पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा और अब मंदिर के खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शन का क्रम निरंतर जारी है।

Thursday, 16 April 2026

गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज के मेधावी विद्यार्थियों ने श्रद्धेया शैलदीदी से लिया आशीर्वाद

गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज के मेधावी विद्यार्थियों ने श्रद्धेया शैलदीदी से लिया आशीर्वाद

हरिद्वार। गायत्री विद्यापीठ, शांतिकुंज के कक्षा दस के छात्र-छात्राओं ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर एक बार फिर संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सभी मेधावी विद्यार्थियों ने संस्था की अधिष्ठात्री एवं विद्यापीठ की अभिभाविका श्रद्धेया शैलदीदी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर श्रद्धेया शैलदीदी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सफलता केवल अंकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि चरित्र, संस्कार और अनुशासन ही जीवन की वास्तविक पूँजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

गायत्री विद्यापीठ व्यवस्था मंडल की प्रमुख शैफाली पण्ड्या ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन का समन्वित परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये विद्यार्थी भविष्य में भी शिक्षा, सेवा और संस्कार के पथ पर अग्रसर रहकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

विद्यालय की टॉपर नित्या उपाध्याय ने 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। उन्होंने भविष्य में सिविल सेवा में जाने की इच्छा व्यक्त की। इसके अतिरिक्त निकुंज रघुवंशी (94.2%), शिवांग बदानी (93.4%), प्रियांश पंवार (93.4%), दीया सैनी (91.8%), सृष्टि पंवार (91.2%), केशव (90.4%), कृष्णा सैनी (89.2%), अभिषेक गौर (86.6%) तथा परिणीति (85.8%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यापीठ का गौरव बढ़ाया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य सीताराम सिन्हा, उप-प्रधानाचार्य विनय शर्मा सहित विद्यापीठ एवं शांतिकुंज परिवार ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उल्लेखनीय है कि गायत्री विद्यापीठ, शांतिकुंज शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के समन्वय पर विशेष बल देता है, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि जीवन मूल्यों में भी उत्कृष्टता प्राप्त कर रहे हैं।

Saturday, 4 April 2026

नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज का वार्षिकोत्सव उत्साह के साथ संपन्न

नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज का वार्षिकोत्सव उत्साह के साथ संपन्न

नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज का वार्षिकोत्सव “नक्षत्र 2026” मिरा रोड स्थित लता मंगेशकर नाट्यगृह में बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष विशेष रूप से अंतर-महाविद्यालयीन फैशन शो प्रतियोगिता “अदा – द वॉक ऑफ ग्रेस” का आयोजन किया गया, जिसमें मुंबई के कई प्रतिष्ठित कॉलेजों ने भाग लिया।

फिल्म जगत के प्रसिद्ध कलाकार अरमान साहिल, नेहा पटेल और दीपा देव ने निर्णायक (जज) की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार दवींद्र खन्ना प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—

प्रथम स्थान: आर ए पोद्दार आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज

द्वितीय स्थान: नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज

तृतीय स्थान: रिद्धी विनायक नर्सिंग कॉलेज


विशेष पुरस्कार:

बेस्ट वॉक: शर्वरी परब, लक्ष्मी परिहार

बेस्ट कॉस्ट्यूम: शिवानी प्रभू, प्रतीक्षा जाधव


इसके पश्चात “नक्षत्र 2025–26” के अंतर्गत विद्यार्थियों ने नृत्य, नाटिका, गायन और फैशन शो जैसे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। साथ ही वर्षभर आयोजित कला, क्रीड़ा और शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

प्रमुख सम्मान:

प्रथम वर्ष आयुर्वेदाचार्य: विशाखा कट्टे

द्वितीय वर्ष आयुर्वेदाचार्य: कशिश पोतदार

अंतिम वर्ष आयुर्वेदाचार्य: वैभवी सोनवणे

“एनएसएस एक्सीलेंस अवॉर्ड”: प्रणव महाजन

“स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2025–26”: सुरेल विनायक भिडे


सभी विजेताओं को सर्टिफिकेट, मेडल और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि फैशन शो विजेताओं को कैश पुरस्कार भी दिए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. उदय निरगुडकर ने वार्षिक पत्रिका “कृति – द वर्ल्ड ऑफ एन ए एम सी 2025–2026” का विमोचन किया, जिसमें कॉलेज की वर्षभर की गतिविधियों की झलक प्रस्तुत की गई। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने लगन, मेहनत, अनुशासन और नवाचार के महत्व पर जोर दिया।

विशेष सम्मानित अतिथि निलेश कारखानीस ने कॉलेज की निरंतर प्रगति की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में संस्था के कोषाध्यक्ष शामसुंदर दुबे, अध्यक्ष जयप्रकाश दुबे, सचिव एवं डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे, विश्वस्त एवं स्त्रीरोग विभाग प्रमुख डॉ. ऋजुता दुबे, प्राचार्या डॉ. हेमलता शेंडे सहित विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में विद्यार्थी परिषद के जनरल सेक्रेटरी गौरव मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Wednesday, 1 April 2026

अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच का भव्य आयोजन

अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच का भव्य आयोजन

सम्मान समारोह एवं पुस्तक लोकार्पण सफलतापूर्वक संपन्न

नवी मुंबई के सानपाड़ा स्थित शिकारा होटल के सभागार में 31 मार्च 2026 की शाम अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच द्वारा वार्षिक सम्मान समारोह एवं पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दयानन्द तिवारी ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार अनुराग त्रिपाठी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में साहित्यकार पवन तिवारी ने अपने विचार व्यक्त किए।

विशेष अतिथियों में 'अग्निशिला' पत्रिका के संपादक अनिल गलगली, वरिष्ठ गीतकार अरविंद शर्मा ‘राही’ तथा अधिवक्ता नागेश मिश्रा, प्रमिला शर्मा शामिल रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन कुमार जैन ने किया।

प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली व्यक्तियों को विभिन्न स्मृति सम्मानों से सम्मानित किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से डॉ. शिवदत्त शुक्ला स्मृति में अग्निशिखा शिरोमणि सम्मान, देवेंद्र पांडे स्मृति में अग्निशिखा समाज गौरव सम्मान, बी.आर. कुमार स्मृति सम्मान, आशुतोष तिवारी स्मृति में अग्निशिखा साहित्य गौरव सम्मान, मीना अग्रवाल स्मृति में अग्निशिखा साहित्य शिरोमणि सम्मान का शुमार था।


सम्मानित होने वाले प्रमुख व्यक्तियों में मंजुला जोशी, गोविंद पाल (छत्तीसगढ़), डॉ. अरुणा बाजपेई (इंदौर), डॉ. सरोजा मेटी (कर्नाटक), सेवासदन प्रसाद (नवी मुंबई), रामस्वरूप साहू (दतिया, म.प्र.), ओम प्रकाश पांडे (उत्तर प्रदेश), अशोक गुप्ता (आजमगढ़), महेश सुथार (वाशी, महाराष्ट्र), चंद्रिका व्यास (खारघर, नवी मुंबई), विजय अय्यर (पलावा), द क्राइम पॉइंट की संपादक कमलेश गुप्ता, द वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक प्रमेन्द्र सिंह, उत्कृष्ट मंच संचालक कुमार जैन तथा पत्रकार संतोष साहू सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।

इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार अलका पांडेय की दोहों की पुस्तक ‘जीवन दोहावली’ का भव्य लोकार्पण किया गया। पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए मुख्य वक्ता पवन तिवारी ने कहा कि यह दोहा संग्रह भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता का उत्कृष्ट प्रतिबिंब है। इसमें भारतीय त्योहारों, देवी-देवताओं और सांस्कृतिक मूल्यों को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम में अनेक विद्वान साहित्यकार एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें सूर्यकांत शुक्ल, ताबिश रामपुरी, नीरजा ठाकुर, रवि यादव, महिमा त्रिपाठी, कविता झा, मालती सिंह, ओम प्रकाश सिंह, नन्दलाल क्षितिज, जागृति सिन्हा, जेपी सिंह, अनुराधा सिंह, अश्विन पांडेय, सीमा त्रिवेदी, रोमा झा, लता तेजेश्वर, त्रिलोचन सिंह अरोरा, वंदना श्रीवास्तव, पूजा सिंह, बृजेश सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

कार्यक्रम ने साहित्य, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

Sunday, 29 March 2026

समरस फाउंडेशन ने वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह को दिया “जौनपुर गौरव सम्मान”

समरस फाउंडेशन ने वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह को दिया “जौनपुर गौरव सम्मान”


जौनपुर। समरस फाउंडेशन, मुंबई के बैनर तले रविवार दोपहर कैलाशपति गोधना में आयोजित एक गरिमामय समारोह में जनपद के वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह को उत्कृष्ट सामाजिक सेवा के लिए “जौनपुर गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान प्रकाश सिंह जैसे महान व्यक्तित्व को सम्मानित करना अपने आप में सम्मान का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे विरले व्यक्तित्व ही होते हैं जिन पर मां सरस्वती और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा होती है। सिंह न केवल समाजसेवी हैं, बल्कि एक संवेदनशील रचनाकार भी हैं, जिनके भीतर समाज के प्रति गहरी पीड़ा और सेवा का भाव है।
उन्होंने आगे कहा कि सिंह ने अपने जीवन को परोपकार के लिए समर्पित कर दिया है। सैकड़ों मंदिरों का जीर्णोद्धार तथा जरूरतमंदों की सहायता कर उन्होंने समाज में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुंबई के वरिष्ठ समाजसेवी पं. राधेश्याम तिवारी ने कहा कि ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा मुंबई से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में किए गए सामाजिक कार्यों की गिनती करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब सिंह मुंबई में नहीं होते, तब भी उनके कार्यों की चर्चा होती रहती है।

समरस फाउंडेशन के महासचिव शिवपूजन पाण्डेय ने बताया कि यह सम्मान लंबे समय से एक योग्य व्यक्तित्व की प्रतीक्षा कर रहा था और एकादशी के पावन अवसर पर ज्ञान प्रकाश सिंह को सम्मानित कर संस्था स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है। उन्होंने सम्मान पत्र का वाचन करते हुए कहा कि श्री सिंह के प्रेरणादायक कार्यों को शब्दों में समेटना संभव नहीं है।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दुबे, डॉ. मंगलेश्वर (मुन्ना) त्रिपाठी, डॉ. मधुकर तिवारी, पत्रकार रामदयाल द्विवेदी, पत्रकार देवी सिंह, पत्रकार चंद्रकांत दुबे, पत्रकार अंकित जायसवाल, शिवा सिंह, अजय शुक्ला, विवेक मिश्रा, विनीत तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार प्रमोद पांडे ने किया।

शांतिकुंज में ‘अर्थ ऑवर’ के तहत एक घंटे बंद रही बिजली

शांतिकुंज में ‘अर्थ ऑवर’ के तहत एक घंटे बंद रही बिजली

वैश्विक पर्यावरण जागरूकता अभियान Earth Hour के तहत शांतिकुंज में शनिवार शाम 8:30 से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए बिजली बंद रखी गई। इस दौरान अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी विद्युत उपकरण बंद कर दिए गए। अभियान के अंतर्गत देवसंस्कृति विश्वविद्यालय और ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान में भी यही व्यवस्था लागू की गई।

यह वैश्विक अभियान World Wide Fund for Nature (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) द्वारा संचालित किया जाता है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाना है।

गौरतलब है कि Earth Hour की शुरुआत वर्ष 2007 में सिडनी से हुई थी, जिसमें पहली बार लगभग 22 लाख लोगों ने भाग लिया था। वर्तमान में यह अभियान 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से समाज में जागरूकता बढ़ती है और लोगों को ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि शांतिकुंज और विश्वविद्यालय में पिछले कई दिनों से बिजली बचत के उद्देश्य से आवश्यक उपकरणों को छोड़कर एक घंटे के लिए विद्युत उपयोग सीमित किया जा रहा है।

शांतिकुंज मीडिया विभाग के अनुसार, इस अभियान के तहत अखिल विश्व गायत्री परिवार के विभिन्न प्रज्ञा संस्थानों में भी देश-विदेश में एक साथ आवश्यक उपकरणों को छोड़कर सभी बिजली उपकरण बंद रखे गए।