Sunday, 29 March 2026

समरस फाउंडेशन ने वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह को दिया “जौनपुर गौरव सम्मान”

समरस फाउंडेशन ने वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह को दिया “जौनपुर गौरव सम्मान”


जौनपुर। समरस फाउंडेशन, मुंबई के बैनर तले रविवार दोपहर कैलाशपति गोधना में आयोजित एक गरिमामय समारोह में जनपद के वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह को उत्कृष्ट सामाजिक सेवा के लिए “जौनपुर गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान प्रकाश सिंह जैसे महान व्यक्तित्व को सम्मानित करना अपने आप में सम्मान का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे विरले व्यक्तित्व ही होते हैं जिन पर मां सरस्वती और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा होती है। सिंह न केवल समाजसेवी हैं, बल्कि एक संवेदनशील रचनाकार भी हैं, जिनके भीतर समाज के प्रति गहरी पीड़ा और सेवा का भाव है।
उन्होंने आगे कहा कि सिंह ने अपने जीवन को परोपकार के लिए समर्पित कर दिया है। सैकड़ों मंदिरों का जीर्णोद्धार तथा जरूरतमंदों की सहायता कर उन्होंने समाज में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुंबई के वरिष्ठ समाजसेवी पं. राधेश्याम तिवारी ने कहा कि ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा मुंबई से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में किए गए सामाजिक कार्यों की गिनती करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब सिंह मुंबई में नहीं होते, तब भी उनके कार्यों की चर्चा होती रहती है।

समरस फाउंडेशन के महासचिव शिवपूजन पाण्डेय ने बताया कि यह सम्मान लंबे समय से एक योग्य व्यक्तित्व की प्रतीक्षा कर रहा था और एकादशी के पावन अवसर पर ज्ञान प्रकाश सिंह को सम्मानित कर संस्था स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है। उन्होंने सम्मान पत्र का वाचन करते हुए कहा कि श्री सिंह के प्रेरणादायक कार्यों को शब्दों में समेटना संभव नहीं है।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दुबे, डॉ. मंगलेश्वर (मुन्ना) त्रिपाठी, डॉ. मधुकर तिवारी, पत्रकार रामदयाल द्विवेदी, पत्रकार देवी सिंह, पत्रकार चंद्रकांत दुबे, पत्रकार अंकित जायसवाल, शिवा सिंह, अजय शुक्ला, विवेक मिश्रा, विनीत तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार प्रमोद पांडे ने किया।

शांतिकुंज में ‘अर्थ ऑवर’ के तहत एक घंटे बंद रही बिजली

शांतिकुंज में ‘अर्थ ऑवर’ के तहत एक घंटे बंद रही बिजली

वैश्विक पर्यावरण जागरूकता अभियान Earth Hour के तहत शांतिकुंज में शनिवार शाम 8:30 से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए बिजली बंद रखी गई। इस दौरान अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी विद्युत उपकरण बंद कर दिए गए। अभियान के अंतर्गत देवसंस्कृति विश्वविद्यालय और ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान में भी यही व्यवस्था लागू की गई।

यह वैश्विक अभियान World Wide Fund for Nature (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) द्वारा संचालित किया जाता है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाना है।

गौरतलब है कि Earth Hour की शुरुआत वर्ष 2007 में सिडनी से हुई थी, जिसमें पहली बार लगभग 22 लाख लोगों ने भाग लिया था। वर्तमान में यह अभियान 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से समाज में जागरूकता बढ़ती है और लोगों को ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि शांतिकुंज और विश्वविद्यालय में पिछले कई दिनों से बिजली बचत के उद्देश्य से आवश्यक उपकरणों को छोड़कर एक घंटे के लिए विद्युत उपयोग सीमित किया जा रहा है।

शांतिकुंज मीडिया विभाग के अनुसार, इस अभियान के तहत अखिल विश्व गायत्री परिवार के विभिन्न प्रज्ञा संस्थानों में भी देश-विदेश में एक साथ आवश्यक उपकरणों को छोड़कर सभी बिजली उपकरण बंद रखे गए।

Saturday, 28 March 2026

डोंबिवली महिला महासंघ की ओर से नगरसेविकाओं का सम्मान, शहर विकास के लिए आगे आने का संकल्प

डोंबिवली महिला महासंघ की ओर से नगरसेविकाओं का सम्मान, शहर विकास के लिए आगे आने का संकल्प

डोंबिवली (संवाददाता) – कल्याण-डोंबिवली के विकास के लिए नागरिकों के सहयोग से निरंतर कार्य करने का आश्वासन डोंबिवली की नवनिर्वाचित नगरसेविकाओं ने दिया। डोंबिवली महिला महासंघ की ओर से महिला दिवस के अवसर पर पूर्व और पश्चिम क्षेत्र की नवनिर्वाचित नगरसेविकाओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान आयोजित परिसंवाद (चर्चा सत्र) में नगरसेविकाओं ने अपने-अपने प्रभाग के विकास के लिए सदैव तत्पर रहने का विश्वास व्यक्त किया।

इस परिसंवाद में नगरसेविका खुशबू चौधरी, रंजना पेणकर, ज्योति मराठे, आर्या नाटेकर, अधिवक्ता कविता म्हात्रे, मंदा म्हात्रे, रसिका पाटील, रविना माळी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। महासंघ की संस्थापक अध्यक्ष एवं कार्यवाह सीए जयश्री कर्वे ने नगरसेविकाओं के साथ संवाद साधा।

चर्चा के दौरान प्रभागों में अनधिकृत निर्माण, फेरीवालों की समस्या, महानगरपालिका स्कूलों में सुधार, लोकसहभाग बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्योग सृजन पर काम करने की बात कही गई। नगरसेविकाओं ने बेहतर सड़कें, पथदीप, फुटपाथ, स्वच्छ और सुंदर उद्यान, वाचनालय, अध्ययन कक्ष तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाएं विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।

इस अवसर पर मंदा म्हात्रे, रविना माळी, अलका म्हात्रे, आर्या नाटेकर, रंजना पेणकर, ज्योति मराठे, खुशबू चौधरी, ज्योति पाटील, शारदा चौधरी, डॉ. रविना म्हात्रे, अधिवक्ता कविता म्हात्रे, आसावरी नवरे, रसिका पाटील, मृदुला नाख्ये, डॉ. रसिका पाटील सहित अनेक नगरसेविकाओं का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में ठाणे जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की संरक्षण अधिकारी निकिता साबळे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं, एकल महिलाओं और अनाथ विद्यार्थियों के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डोंबिवली महिला महासंघ की अध्यक्षा डॉ. विंदा भुस्कुटे ने की। उन्होंने सभी नगरसेविकाओं को शुभकामनाएं देते हुए शहर को आदर्श बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन एवं प्रस्तावना महासंघ की उपाध्यक्ष नेत्रा फडके ने किया, जबकि कोषाध्यक्ष सुनीति रायकर ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद साडविलकर, गोविंद मोरे, श्रद्धा अष्टीवकर, रीटा ठक्कर, जोया पाटील, अधिवक्ता तृप्ती पाटील, अधिवक्ता मनीषा तुळपुळे, संगीता देशपांडे, पूजा तोतला, सई बने, ललिता छेडा, आरती मुनीश्वर, मीना गोडखिंडी सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा संपादित "अग्निशिला" मासिक भी भेंट स्वरूप प्रदान किया गया।

“ये शेर हैं अंधेरों से लड़ते जहीर के” — राजेंद्र गुप्ता

“ये शेर हैं अंधेरों से लड़ते जहीर के” — राजेंद्र गुप्ता

जहीर कुरेशी स्मृति व्याख्यानमाला–5 में जुटे साहित्यिक दिग्गज

प्रख्यात अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जहीर कुरेशी जीवन को बारीकी से देखने वाले ग़ज़लकार थे। उन्होंने कहा कि एक अभिनेता होने के नाते उन्हें कविताएँ सुनना और उनका पाठ करना प्रिय है, और जहीर कुरेशी की ग़ज़लें उन्हें विशेष रूप से प्रभावित करती हैं। उन्होंने उनकी पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए कहा कि 

“किस्से नहीं हैं यह किसी विरहन की पीर के,
ये शेर हैं अंधेरों से लड़ते जहीर के”
और बताया कि ये पंक्तियाँ एक शायर की प्रतिबद्धता और संघर्षशीलता को उजागर करती हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद ओबैद आज़म आज़मी ने की। प्रख्यात शायर नवाब आरज़ू ने कहा, “शायर कभी मरता नहीं, वह दिलों में जीवित रहता है—जहीर कुरेशी आज भी हमारे बीच हैं।”
फिल्मकार संदीप नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जहीर कुरेशी से मिले संस्कार उनके जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुए।

आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कथाकार व पत्रकार हरीश पाठक ने कहा कि जीवन के कठिन समय में जहीर कुरेशी ने उन्हें दिशा दिखाई। “वे मेरे जीवन का कोमल कोना हैं, उन्हें भूल पाना असंभव है।”

“कथा”, दीनदयाल मुरारका फाउंडेशन और “जलधारा” के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन विवेक अग्रवाल ने किया। स्वागत भाषण दीनदयाल मुरारका तथा आभार प्रदर्शन श्रीमती कमलेश पाठक ने किया।

दूसरे सत्र में रचना-पाठ का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता नवाब आरज़ू ने की। इस सत्र में राजेंद्र गौतम, अशोक कुमार नीरद, संध्या यादव, अनिल गौड़ और सुभाष पाठक जिया ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं।

इस अवसर पर विष्णु शर्मा, श्रुति भट्टाचार्य मंजू श्री,अंजू शर्मा, सुरेश शर्मा, ओमप्रकाश तिवारी, धनंजय कुमार, शैलेन्द्र गौड़, बनमाली चतुर्वेदी, हेमा चंदानी, कमर हाजीपुरी, प्रमोद दुबे, संतोष ओझा सहित साहित्य, कला और संस्कृति जगत के अनेक रचनाकार उपस्थित रहे, जिससे आयोजन को गरिमामयी स्वरूप प्राप्त हुआ।

Friday, 27 March 2026

चैत्र नवरात्र एवं श्रीराम नवमी के पावन अवसर पर स्वानंद बाबा आश्रम में भव्य आयोजन

चैत्र नवरात्र एवं श्रीराम नवमी के पावन अवसर पर स्वानंद बाबा आश्रम में भव्य आयोजन 

प. पू. स्वानंद बाबा सेवा न्यास द्वारा प. पू. स्वानंद बाबा आश्रम, येऊर हिल्स, येऊर, ठाणे (प.) में चैत्र नवरात्र और श्रीराम नवमी के पावन पर्व पर भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आश्रम परिसर पूरी तरह धार्मिक वातावरण में रंगा हुआ था, जहाँ भक्तों की भारी उपस्थिति देखने को मिली।

कार्यक्रम के अंतर्गत भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर भगवान श्रीराम और माँ दुर्गा के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों की मधुर धुनों ने उपस्थित सभी भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

इस पावन अवसर पर महाभंडारा का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों और स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया। सेवा भावना से परिपूर्ण इस भंडारे में सभी के लिए भोजन की उत्तम व्यवस्था की गई थी।

विशेष रूप से बालिकाओं का पूजन (कन्या पूजन) किया गया, जो नवरात्र के महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों में से एक है। बालिकाओं को माँ दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका आदर-सत्कार किया गया तथा उन्हें उपहार और प्रसाद प्रदान किया गया।

इस आयोजन में प. पू. स्वानंद बाबा सेवा न्यास के मुख्य न्यासी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला एवं शांति शुक्ला ने सभी आगंतुकों और श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया।

कार्यक्रम में प. दुर्गाप्रसाद पाठक, आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, डॉ. दीप नारायण शुक्ला, पत्रकार सूर्यप्रकाश मिश्रा, श्री नारायण तिवारी, केके तिवारी, शिवकुमार तिवारी, डॉ धीरज सिंह, श्रीश उपाध्याय तथा शिवसागर मिश्रा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में एकता, सेवा और संस्कारों के प्रसार का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।

Thursday, 26 March 2026

वैद्य डॉ. हरीश कुमार बी. सिंह को “आयुर्वेद जीवन गौरव पुरस्कार” से सम्मानित

वैद्य डॉ. हरीश कुमार बी. सिंह को “आयुर्वेद जीवन गौरव पुरस्कार” से सम्मानित

रामनवमी के पावन अवसर पर मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में आयुर्वेद चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके चार दशकों से अधिक योगदान के लिए वैद्य डॉ. हरीश कुमार बी. सिंह को प्रतिष्ठित “आयुर्वेद जीवन गौरव पुरस्कार” (Lifetime Achievement Award) से सम्मानित किया गया।

विश्व आयुर्वेद परिषद, महाराष्ट्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सा, अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को सराहा गया। डॉ. सिंह ने 42 वर्षों से अधिक समय तक आयुर्वेद के क्षेत्र में सेवाएं दी हैं और उन्होंने कई पीढ़ियों के छात्रों को प्रशिक्षण दिया है। उनके प्रयासों से न केवल आयुर्वेदिक चिकित्सा की पहुँच बढ़ी है, बल्कि शोध और नवाचार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संजीव सोनावणे (कुलपति, महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विश्वविद्यालय), डॉ. शुभा राउल (पूर्व महापौर, मुंबई महानगरपालिका) और संजोग काबरे (उपायुक्त, मुंबई महानगरपालिका) उपस्थित थे। उन्होंने डॉ. सिंह के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका समर्पण और कड़ी मेहनत आयुर्वेद को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में मददगार रही है।

इस अवसर पर कई वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक, शोधकर्ता और छात्रों ने भी भाग लिया। समारोह में डॉ. सिंह के करियर और उपलब्धियों पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दिखाई गई, जिसमें उनके द्वारा किए गए शोध, प्रकाशित पुस्तकें और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के प्रयासों को दर्शाया गया।

डॉ. सिंह ने अपने संक्षिप्त धन्यवाद भाषण में कहा, “यह सम्मान मेरे लिए गर्व का क्षण है। आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन शैली है। मैं हमेशा से इसे समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने और छात्रों को ज्ञान प्रदान करने के लिए प्रयासरत रहा हूँ।”

विशेषज्ञों के अनुसार, डॉ. सिंह के योगदान ने आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा के साथ संतुलित करने में मदद की है और उनकी शिक्षाओं से देश और विदेश में कई आयुर्वेदिक संस्थानों का विकास हुआ है। समारोह का समापन उनके सम्मान और आयुर्वेदिक समुदाय की ओर से उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ हुआ।

श्रीराम नवमी पर घाटकोपर में भव्य धार्मिक आयोजन, हरिकीर्तन व महाप्रसाद से गूंजा साईनाथ मंदिर परिसर

श्रीराम नवमी पर घाटकोपर में भव्य धार्मिक आयोजन, हरिकीर्तन व महाप्रसाद से गूंजा साईनाथ मंदिर परिसर


श्रीराम नवमी के पावन अवसर पर घाटकोपर (पश्चिम) स्थित गोलीबार रोड के साईनाथ मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। अंकुर स्पोर्ट्स क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।


इस अवसर पर हरिकीर्तन का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें श्री क्षेत्र पळचील (गांव) की सावरीची वाडी के प्रसिद्ध हरिकीर्तनकार ह.भ.प. दीपक महाराज फालके ने अपनी ओजस्वी वाणी से उपस्थित भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, कर्तव्य और भक्ति का अत्यंत प्रभावशाली वर्णन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।


कार्यक्रम के अंतर्गत श्री सत्यनारायण महापूजा का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ भाग लेकर अपने परिवार के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इसके पश्चात साई पालखी परिक्रमा निकाली गई, जिसमें साई बाबा की पालखी के साथ भक्तों ने भजन-कीर्तन करते हुए पूरे परिसर में श्रद्धापूर्वक भ्रमण किया। “जय श्रीराम” और “साईराम” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।


कार्यक्रम का समापन श्री साई महाप्रसाद वितरण के साथ किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

अंकुर स्पोर्ट्स क्लब के इस सराहनीय प्रयास से क्षेत्र में धार्मिक एकता, भक्ति भावना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिला। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।