Tuesday, 16 June 2026

Inauguration of Vedvyas Flavy’s Pre-School Providing Free Education in Chandivali

Inauguration of Vedvyas Flavy’s Pre-School Providing Free Education in Chandivali

A new initiative to provide free education was launched with the inauguration of Vedvyas Flavy’s Pre-School at Safed Pul, Chandivali, Mumbai, through the efforts of Panchsheel Mahila Mandal. The school was inaugurated by RTI activist Anil Galgali. This social initiative was undertaken by Manali Subhash Gaikwad, while Subhash Gaikwad welcomed all dignitaries and citizens present at the event.

Speaking on the occasion, Anil Galgali stated that free and quality education is the foundation of overall social development and that such initiatives play an important role in bringing positive change to society.

The inauguration ceremony was attended by Educationist Ravi Nair, Adv. Amol Matele, Babu Batteli, Lawrence Baba D’Souza, Sunil Jain, Surya Gowda, Adv. Kailas Agawane, Krishna Nalawade, Ajay Shukla, Uttam Pokharkar, Hirachand Suryavanshi, Raju Sonawane, Rajendra Kamble, Jagnnath Udugade, Adv. Rehman, Banshi Singh, Aziz Khan, Mohsin Shaikh, Saeed Khan, Sarjerao Kamble, Ratnakar Shetty, Pushpendra Goswami, Pankaj Sharma, Pratik Prajapati, Swapnil Chavan, Ishwar Chand, Sandeep Pasalkar, Ram Sahu, Tausif Siddiqui, Dinanath Yadav, Shivaji Londhe, Datta Shelke, Rajshri Patil, Janhavi Dongre, Janhavi D’Souza, along with several other distinguished guests.


चांदिवली में निःशुल्क शिक्षा देने वाले वेदव्यास फ्लेवीज़ प्री स्कूल का शुभारंभ

चांदिवली में निःशुल्क शिक्षा देने वाले वेदव्यास फ्लेवीज़ प्री स्कूल का शुभारंभ

मुंबई के चांदिवली स्थित सफेद पुल परिसर में पंचशील महिला मंडल के माध्यम से निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने वाले वेदव्यास फ्लेवीज़ प्री स्कूल का शुभारंभ किया गया। इस स्कूल का उद्घाटन आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली के हस्ते संपन्न हुआ। इस उपक्रम की पहल मनाली सुभाष गायकवाड द्वारा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं नागरिकों का स्वागत सुभाष गायकवाड ने किया।

इस अवसर पर शिक्षाविद रवि नायर, एड अमोल मातेले, बाबू बत्तेली, लॉरेंस बाबा डिसोझा, सुनील जैन, सूर्या गौडा, एड कैलास आगवणे, कृष्णा नलावडे, अजय शुक्ला, उत्तम पोखरकर, हिराचंद सूर्यवंशी, राजू सोनवणे, राजेंद्र कांबळे, जगन्नाथ उदूगडे, एड रेहमान, बंशी सिंह, अजीज खान, मोहसिन शेख, सईद खान, सर्जेराव कांबळे, रत्नाकर शेट्टी, पुष्पेंद्र गोस्वामी, पंकज शर्मा, प्रतीक प्रजापती, स्वप्निल चव्हाण, ईश्वर चंद, संदीप पासलकर, राम साहू, तौसिफ सिद्दीकी, दीनानाथ यादव, शिवाजी लोंढे, दत्ता शेळके, राजश्री पाटील, जान्हवी डोंगरे एवं जान्हवी डिसोझा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अनिल गलगली ने कहा कि निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के सर्वांगीण विकास का आधार है तथा ऐसे उपक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

चांदिवली में निःशुल्क शिक्षा देने वाले वेदव्यास फ्लेवीज़ प्री स्कूल का शुभारंभ

चांदिवली में निःशुल्क शिक्षा देने वाले वेदव्यास फ्लेवीज़ प्री स्कूल का शुभारंभ

मुंबई के चांदिवली स्थित सफेद पुल परिसर में पंचशील महिला मंडल के माध्यम से निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने वाले वेदव्यास फ्लेवीज़ प्री स्कूल का शुभारंभ किया गया। इस स्कूल का उद्घाटन आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली के हस्ते संपन्न हुआ। इस उपक्रम की पहल मनाली सुभाष गायकवाड द्वारा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं नागरिकों का स्वागत सुभाष गायकवाड ने किया।

इस अवसर पर शिक्षाविद रवि नायर, एड अमोल मातेले, बाबू बत्तेली, लॉरेंस बाबा डिसोझा, सुनील जैन, सूर्या गौडा, एड कैलास आगवणे, कृष्णा नलावडे, अजय शुक्ला, उत्तम पोखरकर, हिराचंद सूर्यवंशी, राजू सोनवणे, राजेंद्र कांबळे, जगन्नाथ उदूगडे, एड रेहमान, बंशी सिंह, अजीज खान, मोहसिन शेख, सईद खान, सर्जेराव कांबळे, रत्नाकर शेट्टी, पुष्पेंद्र गोस्वामी, पंकज शर्मा, प्रतीक प्रजापती, स्वप्निल चव्हाण, ईश्वर चंद, संदीप पासलकर, राम साहू, तौसिफ सिद्दीकी, दीनानाथ यादव, शिवाजी लोंढे, दत्ता शेळके, राजश्री पाटील, जान्हवी डोंगरे एवं जान्हवी डिसोझा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अनिल गलगली ने कहा कि निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के सर्वांगीण विकास का आधार है तथा ऐसे उपक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Monday, 15 June 2026

चांदिवली येथे मोफत शिक्षण देणाऱ्या वेदव्यास फ्लेवीज प्री स्कूलचे उद्घाटन

चांदिवली येथे मोफत शिक्षण देणाऱ्या वेदव्यास फ्लेवीज प्री स्कूलचे उद्घाटन

मुंबईतील चांदिवली येथील सफेद पूल परिसरात पंचशील महिला मंडळाच्या माध्यमातून लहान मुलांना मोफत व गुणवत्तापूर्ण शिक्षण उपलब्ध करून देण्याच्या उद्देशाने सुरू करण्यात आलेल्या वेदव्यास फ्लेवीज प्री स्कूलचे उद्घाटन करण्यात आले. या शाळेचे उद्घाटन माहिती अधिकार कार्यकर्ते अनिल गलगली यांच्या हस्ते संपन्न झाले.

या सामाजिक उपक्रमाची संकल्पना व पुढाकार मनाली सुभाष गायकवाड यांनी घेतला असून कार्यक्रमात उपस्थित मान्यवर व नागरिकांचे स्वागत सुभाष गायकवाड यांनी केले.

या प्रसंगी शिक्षण तज्ञ रवि नायर, ॲड. अमोल मातेले, बाबू बत्तेली, लॉरेन्स बाबा डिसोझा, सुनील जैन, सूर्या गौडा, ॲड. कैलास आगवणे, कृष्णा नलावडे, अजय शुक्ला, उत्तम पोखरकर, हिराचंद सूर्यवंशी, राजू सोनवणे, राजेंद्र कांबळे, जगन्नाथ उदूगडे, सुभाष गायकवाड, ॲड. रेहमान, बंशी सिंह, अजीज खान, मोहसिन शेख, सईद खान, सर्जेराव कांबळे, रत्नाकर शेट्टी, पुष्पेंद्र गोस्वामी, पंकज शर्मा, प्रतीक प्रजापती, स्वप्निल चव्हाण, ईश्वर चंद, संदीप पासलकर, राम साहू, तौसिफ सिद्दीकी, दीनानाथ यादव, शिवाजी लोंढे, दत्ता शेळके, राजश्री पाटील, जान्हवी डोंगरे आणि जान्हवी डिसोझा यांच्यासह अनेक मान्यवर उपस्थित होते.

यावेळी अनिल गलगली म्हणाले की, समाजातील प्रत्येक मुलापर्यंत शिक्षण पोहोचणे ही काळाची गरज असून मोफत शिक्षणाची संकल्पना सामाजिक समतेचा पाया मजबूत करते. आर्थिक परिस्थितीमुळे कोणतेही मूल शिक्षणापासून वंचित राहू नये, या उद्देशाने सुरू करण्यात आलेले असे उपक्रम समाजात सकारात्मक बदल घडवून आणण्यासाठी महत्त्वपूर्ण ठरतात. मोफत, सुलभ आणि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण देण्याचा हा उपक्रम चांदिवली परिसरातील अनेक कुटुंबांसाठी आशेचा किरण ठरणार असल्याचे मत यावेळी व्यक्त करण्यात आले.



Friday, 5 June 2026

महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष बनने पर अलका पांडेय का भव्य अभिनंदन

महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष बनने पर अलका पांडेय का भव्य अभिनंदन

हिंदी साहित्य भारती के महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के उपलक्ष्य में वरिष्ठ साहित्यकार, समाजसेवी एवं अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका पांडेय का भव्य अभिनंदन समारोह मुंबई प्रेस क्लब में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह का आयोजन प्रसिद्ध पत्रिका क्राइम पॉइंट की संपादक कमलेश गुप्ता द्वारा किया गया।

हिंदी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र शुक्ल, वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. दयानंद तिवारी तथा सुनीता मंडल द्वारा व्यक्त विश्वास के आधार पर अलका पांडेय को महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। इसी उपलब्धि के सम्मान में आयोजित समारोह साहित्य, समाज सेवा और सांस्कृतिक जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति से विशेष रूप से गौरवान्वित हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. दयानंद तिवारी ने की, जबकि पवन तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में ममता झा, सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली तथा रामकुमार त्रिपाठी शामिल रहे। कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन पल्लवी रानी ने किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. दयानंद तिवारी ने कहा कि अलका पांडेय की सक्रियता, संगठन क्षमता, साहित्यिक प्रतिबद्धता और सामाजिक सरोकारों को देखते हुए उन्हें इस पद के लिए सर्वाधिक उपयुक्त पाया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और हिंदी साहित्य भारती को नई दिशा एवं गति मिलेगी।

मुख्य अतिथि पवन तिवारी ने अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए अलका पांडेय के साहित्यिक, सामाजिक और संगठनात्मक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके कार्य प्रेरणादायी हैं तथा उनकी नई जिम्मेदारी संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगी।

विशिष्ट अतिथि ममता झा ने महाराष्ट्र महिला इकाई को मजबूत एवं सक्रिय बनाने पर बल देते हुए अलका पांडेय की नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति समर्पण की प्रशंसा की। अनिल गलगली और रामकुमार त्रिपाठी ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल एवं उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की तथा कमलेश गुप्ता द्वारा आयोजित इस अभिनंदन समारोह की सराहना की।

सम्मान के प्रत्युत्तर में अलका पांडेय ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी साहित्यकारों, समाजसेवियों और विशेष रूप से महिलाओं का सम्मान है जो समाज और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में निरंतर योगदान दे रही हैं। उन्होंने आयोजन के लिए कमलेश गुप्ता का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका विश्वास और स्नेह उनके लिए अमूल्य है। उन्होंने हिंदी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र शुक्ल, प्रो. दयानंद तिवारी और सुनीता मंडल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पद केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि साहित्य, समाज और संस्कृति की सेवा का अवसर है, जिसका निर्वहन वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगी।

समारोह में सेवा सदन प्रसाद, ओमप्रकाश पांडेय, नीरज ठाकुर, अनीता झा, सीमा त्रिवेदी, कविता झा, रोमा झा, चंद्रिका व्यास, दिव्या जैन, कलावती मोरया, डॉ. अनु, मृदुल, मनीषा सिंह, सूर्यकांत शुक्ला, रामस्वरूप साहू, नंदलाल क्षितिज, रोशनी किरण, प्रमेन्द्र सिंह, सैयद जाहिद अली, रियासत, संतोष साहू, हेरम्ब तिवारी, चंद्रकांत जाधव, निरज कुमार सहित अनेक साहित्यकार, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अंत में रामकुमार त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

यह अभिनंदन समारोह केवल एक सम्मान कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहित्य, समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों के सम्मान का प्रेरणादायी उत्सव बन गया, जिसकी गरिमा, आत्मीयता और सकारात्मक संदेश लंबे समय तक स्मरणीय रहेंगे।

महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष बनने पर अलका पांडेय का भव्य अभिनंदन

महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष बनने पर अलका पांडेय का भव्य अभिनंदन

हिंदी साहित्य भारती के महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के उपलक्ष्य में वरिष्ठ साहित्यकार, समाजसेवी एवं अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका पांडेय का भव्य अभिनंदन समारोह मुंबई प्रेस क्लब में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह का आयोजन प्रसिद्ध पत्रिका क्राइम पॉइंट की संपादक कमलेश गुप्ता द्वारा किया गया।

हिंदी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र शुक्ल, वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. दयानंद तिवारी तथा सुनीता मंडल द्वारा व्यक्त विश्वास के आधार पर अलका पांडेय को महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। इसी उपलब्धि के सम्मान में आयोजित समारोह साहित्य, समाज सेवा और सांस्कृतिक जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति से विशेष रूप से गौरवान्वित हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. दयानंद तिवारी ने की, जबकि पवन तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में ममता झा, सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली तथा रामकुमार त्रिपाठी शामिल रहे। कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन पल्लवी रानी ने किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. दयानंद तिवारी ने कहा कि अलका पांडेय की सक्रियता, संगठन क्षमता, साहित्यिक प्रतिबद्धता और सामाजिक सरोकारों को देखते हुए उन्हें इस पद के लिए सर्वाधिक उपयुक्त पाया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र महिला प्रकोष्ठ नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और हिंदी साहित्य भारती को नई दिशा एवं गति मिलेगी।

मुख्य अतिथि पवन तिवारी ने अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए अलका पांडेय के साहित्यिक, सामाजिक और संगठनात्मक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके कार्य प्रेरणादायी हैं तथा उनकी नई जिम्मेदारी संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगी।

विशिष्ट अतिथि ममता झा ने महाराष्ट्र महिला इकाई को मजबूत एवं सक्रिय बनाने पर बल देते हुए अलका पांडेय की नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति समर्पण की प्रशंसा की। अनिल गलगली और रामकुमार त्रिपाठी ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल एवं उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की तथा कमलेश गुप्ता द्वारा आयोजित इस अभिनंदन समारोह की सराहना की।

सम्मान के प्रत्युत्तर में अलका पांडेय ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी साहित्यकारों, समाजसेवियों और विशेष रूप से महिलाओं का सम्मान है जो समाज और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में निरंतर योगदान दे रही हैं। उन्होंने आयोजन के लिए कमलेश गुप्ता का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका विश्वास और स्नेह उनके लिए अमूल्य है। उन्होंने हिंदी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र शुक्ल, प्रो. दयानंद तिवारी और सुनीता मंडल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पद केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि साहित्य, समाज और संस्कृति की सेवा का अवसर है, जिसका निर्वहन वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगी।

समारोह में सेवा सदन प्रसाद, ओमप्रकाश पांडेय, नीरज ठाकुर, अनीता झा, सीमा त्रिवेदी, कविता झा, रोमा झा, चंद्रिका व्यास, दिव्या जैन, कलावती मोरया, डॉ. अनु, मृदुल, मनीषा सिंह, सूर्यकांत शुक्ला, रामस्वरूप साहू, नंदलाल क्षितिज, रोशनी किरण, प्रमेन्द्र सिंह, सैयद जाहिद अली, रियासत, संतोष साहू, हेरम्ब तिवारी, चंद्रकांत जाधव, निरज कुमार सहित अनेक साहित्यकार, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अंत में रामकुमार त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

यह अभिनंदन समारोह केवल एक सम्मान कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहित्य, समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों के सम्मान का प्रेरणादायी उत्सव बन गया, जिसकी गरिमा, आत्मीयता और सकारात्मक संदेश लंबे समय तक स्मरणीय रहेंगे।

'पीवीएस कप 2026' जीतकर नगरसेवक बने चैंपियन

'पीवीएस कप 2026' जीतकर नगरसेवक बने चैंपियन

पत्रकार विकास संघ का क्रिकेट टूर्नामेंट बना एकता, सौहार्द और सामाजिक समरसता का प्रतीक

पत्रकार विकास संघ द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित 'पीवीएस कप 2026' क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य आयोजन गोरेगांव पश्चिम स्थित गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब में उत्साह, उमंग और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। पत्रकारों, पुलिस अधिकारियों, वकीलों, कारोबारियों, कवियों और जनप्रतिनिधियों की टीमों के बीच हुए रोमांचक मुकाबलों ने पूरे दिन दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

आठ टीमों के बीच खेले गए मुकाबलों के बाद फाइनल मैच में नगरसेवकों की टीम ने मुंबई पुलिस जोन-12 की टीम को पराजित कर 'पीवीएस कप 2026' की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की। विजेता टीम के खिलाड़ियों ने शानदार बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण का प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।

यह आयोजन केवल क्रिकेट प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता, भाईचारे और सहयोग का सशक्त संदेश देने वाला आयोजन साबित हुआ। पत्रकार विकास संघ के अध्यक्ष आनंद मिश्र, महासचिव अजय सिंह तथा प्रमुख सलाहकार सुनील सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र श्रीवास्तव ने किया, जबकि आशीष पांडेय, अर्जुन कांबले और यश उपाध्याय ने शानदार कमेंट्री के माध्यम से मैचों का रोमांच बनाए रखा।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं विधायक असलम शेख, पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक विद्या ठाकुर, विधायक संजय उपाध्याय, पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त अमरजीत मिश्र, श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पवन त्रिपाठी, शिवसेना (उबाठा) के प्रवक्ता आनंद दुबे, प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. श्याम अग्रवाल, मुंबई भाजपा के महासचिव विनोद शेलार, मनपा सभागृह के गुट नेता गणेश खणकर, उपनगर स्थापत्य समिति की अध्यक्ष संगीता शर्मा, नगरसेवक योगेश वर्मा, धवल वोरा, सिद्धार्थ शर्मा, रफीक शेख, मनोनीत नगरसेवक वीरेंद्र चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम में हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, क्राइम रिपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल सिंह, उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त पत्रकार संघ के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, नवभारत के संपादक बृजमोहन पांडेय, अखंड राजपूताना सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह, व्यापारी संघ पंचदेव के शीतला यादव एवं नीलेश भाई सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और व्यवसायी उपस्थित रहे।

आयोजन का विशेष आकर्षण मशहूर क्रिकेट कोच एवं स्टार स्पोर्ट्स के आधिकारिक कमेंटेटर ज्वाला सिंह की उपस्थिति रही। वहीं कार्यक्रम की सफलता में भानुप्रकाश मिश्रा, अमर त्रिपाठी, अभय मिश्र, श्रीश उपाध्याय, रणजीत सिंह श्रीनेत, भगवती मिश्रा, धर्मेंद्र तिवारी, शमीउल्ला खान, मुरारी सिंह, ब्रिजेश त्रिपाठी, चेतन महोबिया, विपुल मीनावाला, देवांश मिश्रा, शिवलाल यादव, विक्रम जाधव, कवि महेश दुबे, संतोष पांडेय, तुफेल खान, अब्दुल चौधरी एवं अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

सुबह से देर रात तक चले मुकाबलों ने दर्शकों को लगातार रोमांचित रखा। खेल भावना, आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला यह आयोजन प्रतिभागियों और दर्शकों के लिए लंबे समय तक यादगार बना रहेगा।

Wednesday, 3 June 2026

भाषा विवाद का माध्यम नहीं हो सकती : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

भाषा विवाद का माध्यम नहीं हो सकती : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह में बोले मुख्यमंत्री

मुंबई। "भाषा कभी विवाद का माध्यम नहीं हो सकती। हिंदी इस देश की संपर्क भाषा है। भाषाओं के नाम पर विवाद पैदा कर वोट और सत्ता तो हासिल की जा सकती है, लेकिन इससे देश का ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत कमजोर होगी।" यह विचार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई हिंदी पत्रकार संघ द्वारा प्रभादेवी स्थित रविंद्र नाट्य मंदिर में आयोजित हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोह में व्यक्त किए।

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुभाषी होना एक महत्वपूर्ण योग्यता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मातृभाषा अवश्य सीखनी चाहिए, क्योंकि मातृभाषा हमारी स्वाभाविक ज्ञान-प्रक्रिया का आधार होती है। साथ ही यदि हम मातृभाषा के अतिरिक्त देश की अन्य भाषाएं भी सीखते हैं तो व्यापक राष्ट्रीय ज्ञान और अनुभव से जुड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विश्व के जिन देशों ने उल्लेखनीय विकास किया है, वहां शिक्षा का प्रमुख माध्यम उनकी मातृभाषाएं रही हैं। पत्रकारिता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज समाचारों की विश्वसनीयता के सामने बड़ी चुनौती है। विशेष रूप से डिजिटल मीडिया के विस्तार के बाद यह संकट और बढ़ा है। हालांकि उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह एक अस्थायी दौर है और पत्रकारिता पुनः अपने मूल मूल्यों एवं विश्वसनीयता के आधार पर स्थापित होगी।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि हिंदी और भारतीय भाषाओं के बीच किसी प्रकार का टकराव नहीं है। हिंदी तभी आगे बढ़ेगी जब क्षेत्रीय भाषाएं भी समान रूप से विकसित होंगी। उन्होंने भी मातृभाषा में शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।

मुंबई भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम ने कहा कि हिंदी एक ऐसा सूत्र है जो पूरे देश को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के लिए हिंदी का विरोध एक फैशन बन गया है, जबकि वे स्वयं अपने बच्चों को विदेशी भाषाएं सिखाने में रुचि रखते हैं।

मंत्री एवं विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि हिंदी जोड़ने वाली भाषा है और समाज को विभाजित करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है।

समारोह में सम्मानित अभिनेता विनीत कुमार सिंह ने कहा कि जिस प्रकार माला को एक सूत्र बांधकर रखता है, उसी प्रकार भारत को जोड़ने वाला सूत्र हिंदी हो सकती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि फिल्म ‘छावा’ में उन्होंने कवि कलश की भूमिका निभाई थी। इस अवसर पर उन्होंने कवि कलश की रचना भी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता प्रोफेसर राममोहन पाठक ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) भले ही चुनौतीपूर्ण प्रतीत होती हो, लेकिन वह किसी संपादक जैसी सोच और विवेक का स्थान नहीं ले सकती।

मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के महासचिव विजय सिंह कौशिक ने कहा कि हिंदी का पहला समाचार पत्र एक गैर-हिंदी भाषी प्रदेश कोलकाता से प्रकाशित हुआ था और आज उसके 200 वर्ष पूरे होने का समारोह एक मराठी भाषी राज्य महाराष्ट्र में मनाया जा रहा है। यह भारत की विविधता में एकता की महान परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के प्रारंभिक दौर में मराठी पत्रकारों के योगदान को भी स्मरण किया।

सम्मानित हस्तियां

समारोह में हिंदी भाषा, पत्रकारिता और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त समिति, लखनऊ के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, अभिनेता विनीत कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अवधेश व्यास, गंगाधर ढोबले तथा कुमुद संघवी चावरे को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर राममोहन पाठक तथा लोकगायक सुरेश शुक्ला का विशेष अभिनंदन भी किया।

इस अवसर पर पत्रकारों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विधायक राजहंस सिंह, संजय उपाध्याय, मुरजी पटेल, योगायतन समूह के अध्यक्ष एवं हिंदी प्रेमी डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह, उद्योगपति ज्ञानप्रकाश सिंह, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष संजय पांडेय, उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष आर. एन. सिंह, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र मिश्र, कार्यकारिणी सदस्य हरिगोविंद विश्वकर्मा, अखिलेश मिश्र, अखिलेश तिवारी, अशोक शुक्ला तथा सैयद सलमान सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

Detailed Discussion on RTI Reforms and Transparency

Detailed Discussion on RTI Reforms and Transparency

RTI Activist Anil Galgali Pays Courtesy Visit to Chief Information Commissioner Rahul Pandey

RTI activist Anil Galgali paid a courtesy visit to the Chief Information Commissioner of Maharashtra, Rahul Pandey. During the meeting, detailed discussions were held on various important issues concerning the implementation of the Right to Information Act, 2005.

The discussion focused on the current status of RTI applications, first appeals, and second appeals filed before public authorities across Maharashtra, pending cases, and the challenges faced by citizens in accessing information. Various measures aimed at enhancing transparency, accountability, and efficiency in the RTI system were also deliberated upon.

On the occasion, Anil Galgali requested that the State Information Commission issue necessary directions for the introduction of dedicated online RTI portals for the Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) and the Mumbai Metropolitan Region Development Authority. He pointed out that while several government departments in Maharashtra have already adopted online RTI systems, citizens continue to face inconvenience due to the absence of comprehensive online RTI mechanisms in these two major institutions.

He also proposed the creation of a public database containing RTI applications, replies provided by departments, documents disclosed, and decisions rendered under the RTI Act. Such a database would reduce the need for repeated applications seeking similar information and would further strengthen transparency in governance.

The meeting also discussed concerns regarding the growing number of second appeals being filed by a single applicant in large volumes. It was observed that such cases place an additional burden on the Commission's functioning and may impact the timely disposal of appeals filed by other citizens.

Responding to these concerns, Chief Information Commissioner Rahul Pandey emphasized that all public authorities in the State must strictly comply with Section 4 of the Right to Information Act, 2005. He stated that the Commission is taking necessary steps to ensure that maximum information is made available to citizens through proactive disclosure. Effective implementation of Section 4, he noted, would significantly reduce the number of RTI applications while making governance more transparent and citizen-centric.

Concluding the meeting, Anil Galgali described the discussion as constructive and forward-looking, emphasizing that it would contribute positively towards strengthening the RTI framework, promoting digital empowerment, and enhancing transparency in public administration.

आरटीआई व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता पर विस्तृत चर्चा

आरटीआई व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता पर विस्तृत चर्चा

मुख्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे से सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली की सद्भावना भेंट

महाराष्ट्र राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे से सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली ने सद्भावना भेंट की। इस दौरान सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में महाराष्ट्र के विभिन्न सार्वजनिक प्राधिकरणों में दायर होने वाले आरटीआई आवेदन, प्रथम अपील एवं द्वितीय अपीलों की वर्तमान स्थिति, लंबित मामलों तथा नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों की समीक्षा की गई। साथ ही सूचना अधिकार व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता लाने के लिए आवश्यक उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर अनिल गलगली ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) तथा मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के लिए स्वतंत्र ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल प्रारंभ करने हेतु राज्य सूचना आयोग द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि राज्य के अनेक विभागों में ऑनलाइन आरटीआई व्यवस्था उपलब्ध है, किंतु मुंबई की इन दोनों महत्वपूर्ण संस्थाओं में अभी तक समग्र ऑनलाइन आरटीआई प्रणाली लागू नहीं होने के कारण नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने यह भी मांग की कि सूचना के अधिकार के अंतर्गत दायर आवेदनों, विभागों द्वारा दिए गए उत्तरों, उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों तथा निर्णयों का एक सार्वजनिक डेटाबेस तैयार किया जाए। इससे एक ही प्रकार की जानकारी के लिए बार-बार आवेदन करने की आवश्यकता कम होगी तथा प्रशासनिक पारदर्शिता को और अधिक मजबूती मिलेगी।

चर्चा के दौरान एक ही आवेदक द्वारा हजारों की संख्या में दायर की जा रही द्वितीय अपीलों के बढ़ते मामलों पर भी चिंता व्यक्त की गई। इस प्रकार के मामलों से आयोग के कार्यभार में वृद्धि होती है तथा अन्य आवेदकों के मामलों के निपटारे में विलंब होने की संभावना रहती है।

इस पर मुख्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे ने कहा कि राज्य के सभी सार्वजनिक प्राधिकरणों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 4 का कड़ाई से पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि नागरिकों को अधिकतम जानकारी स्वप्रकाशित (Proactive Disclosure) रूप में उपलब्ध कराने के लिए आयोग आवश्यक कदम उठा रहा है। उनका मानना है कि धारा 4 का प्रभावी क्रियान्वयन होने पर आरटीआई आवेदनों की संख्या में कमी आएगी और प्रशासन अधिक पारदर्शी तथा नागरिक-केंद्रित बनेगा।

बैठक के अंत में अनिल गलगली ने कहा कि सूचना अधिकार व्यवस्था में सुधार, डिजिटल सशक्तिकरण तथा पारदर्शी प्रशासन की दिशा में यह चर्चा अत्यंत सकारात्मक और रचनात्मक रही।

आरटीआय व्यवस्थेतील सुधारणा आणि पारदर्शकतेवर सविस्तर चर्चा

आरटीआय व्यवस्थेतील सुधारणा आणि पारदर्शकतेवर सविस्तर चर्चा

मुख्य माहिती आयुक्त राहुल पांडे यांची माहिती अधिकार कार्यकर्ते अनिल गलगली यांच्याशी सदिच्छा भेट

महाराष्ट्र राज्याचे मुख्य माहिती आयुक्त राहुल पांडे यांची माहिती अधिकार कार्यकर्ते अनिल गलगली यांनी सदिच्छा भेट घेतली. या भेटीदरम्यान राज्यातील माहिती अधिकार कायदा, 2005 च्या अंमलबजावणीसंदर्भातील विविध महत्त्वाच्या विषयांवर सखोल चर्चा करण्यात आली.

बैठकीत संपूर्ण महाराष्ट्रातील सार्वजनिक प्राधिकरणांकडे दाखल होणारे माहिती अधिकार अर्ज, प्रथम अपील आणि द्वितीय अपील यांची सद्यस्थिती, प्रलंबित प्रकरणे तसेच नागरिकांना माहिती मिळविताना येणाऱ्या अडचणी यांचा आढावा घेण्यात आला. माहिती अधिकार व्यवस्थेमध्ये अधिक पारदर्शकता, उत्तरदायित्व आणि कार्यक्षमता आणण्यासाठी आवश्यक उपाययोजनांवरही विचारविनिमय करण्यात आला.

यावेळी अनिल गलगली यांनी मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आणि मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) यांसाठी स्वतंत्र ऑनलाइन आरटीआय पोर्टल सुरू करण्याबाबत राज्य माहिती आयोगाने आवश्यक निर्देश द्यावेत, अशी विनंती केली. राज्यातील अनेक विभागांनी ऑनलाइन व्यवस्था स्वीकारली असली तरी मुंबईतील या दोन महत्त्वाच्या संस्थांमध्ये अद्याप सर्वसमावेशक ऑनलाइन आरटीआय प्रणाली उपलब्ध नसल्याने नागरिकांना गैरसोयींचा सामना करावा लागत असल्याचे त्यांनी निदर्शनास आणून दिले.

तसेच, माहिती अधिकारांतर्गत दाखल होणारे अर्ज, संबंधित विभागांकडून दिलेली उत्तरे, पुरविण्यात आलेली कागदपत्रे आणि निर्णय यांचा सार्वजनिक डेटाबेस उपलब्ध करून देण्यात यावा, अशी मागणीही त्यांनी केली. यामुळे एकाच प्रकारच्या माहितीसाठी वारंवार अर्ज करण्याची गरज कमी होईल आणि प्रशासनातील पारदर्शकता अधिक बळकट होईल, असे त्यांनी नमूद केले.

चर्चेत एका अर्जदारामार्फत हजारोच्या संख्येने दाखल करण्यात येणाऱ्या द्वितीय अपीलांच्या वाढत्या प्रमाणाबाबतही चिंता व्यक्त करण्यात आली. अशा प्रकरणांमुळे आयोगाच्या कामकाजावर अतिरिक्त ताण निर्माण होत असून इतर अर्जदारांच्या प्रकरणांच्या निपटाऱ्यावर परिणाम होण्याची शक्यता असल्याचे मत व्यक्त करण्यात आले.

यावर मुख्य माहिती आयुक्त राहुल पांडे यांनी राज्यातील सर्व सार्वजनिक प्राधिकरणांनी माहिती अधिकार कायदा, 2005 मधील कलम 4 चे काटेकोर पालन करणे आवश्यक असल्याचे स्पष्ट केले. नागरिकांना जास्तीत जास्त माहिती स्वयंप्रकाशित स्वरूपात उपलब्ध व्हावी यासाठी आयोगाकडून आवश्यक कार्यवाही सुरू असल्याचे त्यांनी सांगितले. कलम 4 ची प्रभावी अंमलबजावणी झाल्यास माहिती अधिकार अर्जांची संख्या कमी होऊन प्रशासन अधिक पारदर्शक आणि नागरिकाभिमुख होईल, असा विश्वास त्यांनी व्यक्त केला. माहिती अधिकार व्यवस्थेतील सुधारणा, डिजिटल सक्षमीकरण आणि पारदर्शक प्रशासनाच्या दृष्टीने सकारात्मक आणि विधायक ठरल्याचे मत सरतेशेवटी अनिल गलगली यांनी व्यक्त केली. 

Saturday, 30 May 2026

मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के अनेक श्रमिकों ने राष्ट्रीय एकजुट कामगार संगठन में किया प्रवेश

मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के अनेक श्रमिकों ने राष्ट्रीय एकजुट कामगार संगठन में किया प्रवेश


भारतीय जनता पार्टी से संबद्ध राष्ट्रीय एकजुट कामगार संगठन के लिए आज का दिन गौरवपूर्ण रहा, जब मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (सहार) स्थित एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के अनेक फोर्कलिफ्ट ऑपरेटर, लोडर एवं अन्य श्रमिकों ने विभिन्न यूनियनों की भ्रामक प्रचार नीति एवं श्रमिक हितों की अनदेखी से निराश होकर राष्ट्रीय एकजुट कामगार संगठन में प्रवेश किया।

श्रमिकों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राष्ट्रीय एकजुट कामगार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण दटके, सलाहकार एवं पूर्व विधायक सुधाकरराव देशमुख, राष्ट्रीय सचिव बलबीर नेगी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल वालंज, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजा घारे, भाजपा के युवा एवं गतिशील नेता संतोष धुरी तथा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अभिषेक राऊत के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए संगठन की सदस्यता ग्रहण की।

संगठन में शामिल हुए श्रमिकों ने कहा कि राष्ट्रीय एकजुट कामगार संगठन सदैव श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान एवं हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहा है और इसी विश्वास के साथ उन्होंने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

राष्ट्रीय एकजुट कामगार संगठन सभी नवप्रविष्ट श्रमिक साथियों का हार्दिक स्वागत करता है तथा उनके द्वारा संगठन पर व्यक्त किए गए विश्वास के लिए आभार प्रकट करता है। संगठन उन्हें विश्वास दिलाता है कि उनके न्यायोचित अधिकारों, कल्याण एवं समस्याओं के समाधान के लिए हर स्तर पर मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा।

Monday, 25 May 2026

गुरु के बताए मार्ग पर चलना ही सौभाग्य का उदय : डॉ. चिन्मय पण्ड्या

गुरु के बताए मार्ग पर चलना ही सौभाग्य का उदय : डॉ. चिन्मय पण्ड्या

शांतिकुंज में दो दिवसीय शिक्षक गरिमा शिविर का शुभारंभ, उप्र के 500 से अधिक शिक्षकों की भागीदारी


गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में पुरुषोत्तम मास के पावन एवं आध्यात्मिक संयोग के अवसर पर दो दिवसीय शिक्षक गरिमा शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, मुरादाबाद, मेरठ, प्रयागराज सहित अनेक जिलों से आए 500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गायत्री परिवार के सक्रिय कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही। इस अवसर पर शांतिकुंज परिसर राष्ट्रनिर्माताओं के महाकुंभ में परिवर्तित हो गया।

शिविर का उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी का निर्माण करने वाले शिक्षकों को उनके गौरवशाली दायित्व, सांस्कृतिक चेतना एवं नैतिक मूल्यों के प्रति पुनः जागृत करना है।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने गुरु-शिष्य परंपरा तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान देने वाला माध्यम नहीं, बल्कि समाज का वास्तविक दर्पण होता है। युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का संपूर्ण जीवन मानवता के कल्याण एवं राष्ट्र के वैचारिक पुनरुत्थान के लिए समर्पित रहा और वे शिक्षक गरिमा के जीवंत प्रतीक थे।

डॉ. पण्ड्या ने कहा कि सद्गुरु के बताए सन्मार्ग पर निष्ठापूर्वक चलना ही वास्तविक अध्यात्म है। जो व्यक्ति अपने गुरु के सिद्धांतों और आदर्शों को जीवन में उतार लेता है, उसके जीवन में सौभाग्य का सूर्योदय निश्चित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में नैतिक एवं मानवीय मूल्यों का समावेश समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

शिविर के प्रथम दिन ही उत्तर प्रदेश से आए अनेक शिक्षकों ने इस आयोजन को अपने जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बताया। कार्यक्रम में शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि, परमानंद द्विवेदी, रामयश तिवारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Wednesday, 13 May 2026

गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज की छात्राओं ने फिर रचा सफलता का इतिहास

गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज की छात्राओं ने फिर रचा सफलता का इतिहास

टॉप 15 में 12 छात्राएँ शामिल, विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिले


गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज के कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त कर एक बार फिर सफलता का नया इतिहास रच दिया। रिजल्ट घोषित होते ही विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उल्लेखनीय है कि पिछले कई वर्षों से विद्यापीठ का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है।

कला संकाय के छात्र रक्षक सैनी ने 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यापीठ टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। वहीं कॉमर्स संकाय की रिया सैनी ने 94.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कॉमर्स की ऋषिका शर्मा ने 93.5 प्रतिशत, कला संकाय की साची अमोली ने 93 प्रतिशत, विज्ञान संकाय की ख्यातिप्रिया ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

इसके अतिरिक्त वैष्णवी गुप्ता ने 90.3 प्रतिशत, अक्षित ने 89 प्रतिशत, लावण्या ने 88 प्रतिशत, आस्था वासुदेवा ने 87.8 प्रतिशत, करिश्मा ने 87.7 प्रतिशत, श्रुति मानोरी ने 86.2 प्रतिशत, स्तुति पण्ड्या ने 85.7 प्रतिशत, रुद्राक्षी ने 85.3 प्रतिशत, शिवी साहू ने 84.2 प्रतिशत तथा आयुष मिश्रा ने 83.7 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सफलता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए।

विद्यार्थियों की सफलता पर विद्यापीठ की अभिभाविका श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों के परिश्रम, अनुशासन तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

विद्यापीठ की प्रबंधिका शैफाली पण्ड्या ने कहा कि संस्था सदैव संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। विद्यार्थियों की सफलता समर्पित शिक्षकों एवं अभिभावकों के सहयोग का प्रतिफल है। उन्होंने बताया कि कई विद्यार्थी सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं, जबकि कुछ विद्यार्थी देश की सुरक्षा एवं सेवा हेतु सेना में योगदान देने के लिए प्रेरित हैं। वहीं कई छात्र-छात्राएँ शिक्षा जगत में अपना कैरियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

इस अवसर पर विद्यापीठ के प्रधानाचार्य सीताराम सिन्हा सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

Monday, 11 May 2026

डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे “सुश्रुत रत्न” पुरस्कार से सम्मानित

डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे “सुश्रुत रत्न” पुरस्कार से सम्मानित

श्री नरसिंह के दुबे चैरिटेबल ट्रस्ट की ट्रस्टी तथा नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र विभाग की प्रमुख, पालघर जिले की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे को नवी मुंबई स्थित डी. वाय. पाटील यूनिवर्सिटी में आयोजित “अनुशल्य जिज्ञासा” राष्ट्रीय परिसंवाद (National Symposium of Parasurgical Procedures) में “सुश्रुत रत्न” पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान डॉ. मुकुल पटेल, डॉ. महेश कुमार हारित, डॉ. संपदा संत, डॉ. अमरप्रकाश द्विवेदी, राजलक्ष्मी पाटील तथा डॉ. विनय वेलणकर सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

पालघर जिले में आयुर्वेद शिक्षा, स्त्री रोग-प्रसूति तंत्र एवं महिला स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। यह नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के लिए गर्व और खुशी का क्षण है।

महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे, प्राचार्या डॉ. हेमलता शेंडे, सभी अध्यापक, विद्यार्थी, कर्मचारी एवं अस्पताल कर्मियों ने डॉ. ऋजुता दुबे को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Sunday, 10 May 2026

समाजसेवी अरविंद उपाध्याय के रजत जयंती समारोह में जुटीं जानी-मानी हस्तियां

समाजसेवी अरविंद उपाध्याय के रजत जयंती समारोह में जुटीं जानी-मानी हस्तियां

शादी की सालगिरह पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और समर्पण को पुनः स्मरण करने का विशेष अवसर होती है। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जीवन के संघर्षों, खुशियों और साथ निभाने की प्रतिबद्धता का सम्मान भी है। इसी भाव के साथ राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय संरक्षक एवं सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित समाजसेवी अरविंद उपाध्याय ने अपनी धर्मपत्नी संतोषी उपाध्याय के साथ वैवाहिक जीवन की 25वीं वर्षगांठ (रजत जयंती समारोह) को भव्य रूप से मनाया।

मीरा रोड स्थित इस्कॉन मंदिर के भव्य सभागार में आयोजित इस समारोह में मीरा-भायंदर, मुंबई, ठाणे, वसई, विरार, कल्याण और पनवेल सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर, भजन गायक राकेश उपाध्याय ‘चंचल’ तथा जौनपुर के प्रसिद्ध लोकगायक राम अनुज पाठक की मधुर प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी ने सबसे पहले अरविंद उपाध्याय एवं संतोषी उपाध्याय को आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर महानगरपालिका परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अरविंद उपाध्याय, राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज के मानस पुत्र माने जाते हैं। वे शिक्षा दान अभियान फेडरेशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री तथा घर-घर रामायण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पिछले 10 वर्षों से प्रत्येक मंगलवार को अखंड सुंदरकांड पाठ का आयोजन कराने वाले अरविंद उपाध्याय हर वर्ष हजारों जरूरतमंदों को कंबल वितरण करते हैं तथा अपने माता-पिता की पुण्यतिथि वृद्धाश्रम में सेवा कार्य करते हुए मनाते हैं। उनके इस सामाजिक और धार्मिक अभियान में उनकी धर्मपत्नी संतोषी उपाध्याय निरंतर सहयोगी बनी हुई हैं।

रजत जयंती समारोह में महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री एवं विधायक विद्या ठाकुर, वरिष्ठ भाजपा नेता जयप्रकाश ठाकुर, विधायक नरेंद्र मेहता, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे, समाजसेवी डॉ. किशोर सिंह, भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे, उत्तर भारतीय मोर्चा मुंबई अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, उद्योगपति दिनेश त्रिपाठी, डॉ. राधेश्याम तिवारी, डॉ. हृदय नारायण मिश्र, समाजसेवी विजय पंडित, महंत सुरेश गुरु ओझा, प्रोफेसर सुधाकर मिश्रा, नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, भाजपा प्रवक्ता शैलेश पांडे, हेमंत पांडे, उद्योगपति ओमप्रकाश सिंह, हिंदू युवा वाहिनी महाराष्ट्र संयोजक साहब तिवारी, गणेश अग्रवाल, जैकी तिवारी, पूर्व नगरसेवक विजय राय, मनोज चतुर्वेदी, रमेश चंद्र मिश्रा, राधेश्याम मिश्रा, अमर फाउंडेशन के अध्यक्ष अमरनाथ तिवारी, समाजसेविका सुंदरी ठाकुर, रूपा शर्मा, शिवपूजन तिवारी, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, जगदंबा तिवारी, छोटे चेतन, रतन तिवारी, पत्रकार विनोद मिश्र, कृपाशंकर पांडे, वीरेंद्र प्रसाद द्विवेदी, उद्योगपति नवीन सिंह, पत्रकार राजेश उपाध्याय, संतोष उमाशंकर तिवारी, विनोद उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष पांडे, रवि यादव, राकेश उपाध्याय, पंकज मिश्रा, विभांशु त्रिपाठी और अमन जायसवाल का विशेष योगदान रहा। समारोह में अरविंद उपाध्याय के तीनों बच्चे ऋषि, श्रुति और पार्थ भी पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ उपस्थित रहे। अंत में अरविंद उपाध्याय ने सभी अतिथियों एवं शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Saturday, 9 May 2026

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन 


पश्चिम बंगाल की राजनीति में वर्ष 2026 का विधानसभा चुनाव केवल एक सामान्य चुनाव नहीं था, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक दिशा बदलने वाला ऐतिहासिक जनादेश साबित हुआ। लगभग 15 वर्षों तक लगातार सत्ता में रहने वाली तृणमूल कांग्रेस को जनता ने विपक्ष की भूमिका में बैठा दिया और भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाई।

भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम केवल सीटों की हार-जीत नहीं, बल्कि जनता के मूड, सामाजिक समीकरणों, प्रशासनिक असंतोष और राजनीतिक रणनीतियों का संयुक्त परिणाम है।


वर्ष 2011 में ममता बनर्जी ने 34 वर्षों से सत्ता में रही वामपंथी सरकार को हटाकर “परिवर्तन” का नारा दिया था। उस समय जनता ने उन्हें गरीबों, किसानों और आम लोगों की आवाज माना।शुरुआती वर्षों में ममता सरकार ने कई लोककल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, जिनका लाभ महिलाओं, छात्रों और ग्रामीण वर्ग को मिला। “कन्याश्री”, “रूपश्री” और “स्वास्थ्य साथी” जैसी योजनाओं ने तृणमूल कांग्रेस को मजबूत जनाधार दिया। लेकिन समय के साथ जनता के बीच यह धारणा बनने लगी कि सरकार पर कुछ नेताओं और स्थानीय समूहों का अत्यधिक नियंत्रण हो गया है। विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार, कट मनी, सिंडिकेट राज और राजनीतिक हिंसा के आरोप लगाता रहा। यही असंतोष धीरे-धीरे सत्ता विरोधी लहर में बदल गया।


सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति का बड़ा नाम माने जाते हैं। वे लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा रहे और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में शामिल थे। नंदीग्राम आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका ने उन्हें राज्य स्तर पर पहचान दिलाई। बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें बंगाल में अपने सबसे बड़े बंगाली चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया। उनकी राजनीतिक शैली आक्रामक मानी जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ भाजपा के लिए निर्णायक साबित हुई। विशेष रूप से ममता बनर्जी को नंदीग्राम और बाद में भवानीपुर में चुनौती देने के कारण वे भाजपा समर्थकों के बीच “परिवर्तन के प्रतीक” बन गए।


तृणमूल कांग्रेस की हार के प्रमुख कारण सत्ता विरोधी लहर है। लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के कारण सरकार के खिलाफ नाराजगी स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का कहना था कि स्थानीय नेताओं तक पहुंचना कठिन हो गया है।
सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में पक्षपात के आरोप लगते रहे। जनता के एक वर्ग को लगा कि तृणमूल कांग्रेस अब पहले जैसी जनआंदोलन वाली पार्टी नहीं रही, बल्कि सत्ता केंद्रित संगठन बन गई है।

“कट मनी” और भ्रष्टाचार का मुद्दा यह चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बना। राज्य के कई हिस्सों में लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं, आवास, सड़क या अन्य सुविधाओं के लिए स्थानीय नेताओं को पैसा देना पड़ता है। “कट मनी” शब्द बंगाल की राजनीति में आम चर्चा का विषय बन गया। विपक्ष ने इसे जोरदार तरीके से उठाया और भाजपा ने प्रचार किया कि यदि सरकार बदलेगी तो भ्रष्टाचार खत्म होगा। यही कारण रहा कि शहरी मध्यम वर्ग और ग्रामीण गरीब दोनों वर्गों में नाराजगी बढ़ी।

राजनीतिक हिंसा और कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान थे। पश्चिम बंगाल लंबे समय से राजनीतिक हिंसा के लिए चर्चा में रहा है। चुनावों के दौरान हिंसा, कार्यकर्ताओं पर हमले और राजनीतिक संघर्ष की घटनाओं ने राज्य की छवि को प्रभावित किया। महिला सुरक्षा और अपराध के मुद्दे पर भी विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा। कई चर्चित घटनाओं ने जनता के बीच यह संदेश दिया कि राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है।


बेरोजगारी और आर्थिक ठहराव से युवाओं में सबसे अधिक असंतोष दिखाई दिया। राज्य में बड़े उद्योगों का विकास अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ। कई युवा रोजगार के लिए महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों की ओर पलायन करते रहे। भाजपा ने “उद्योग, निवेश और रोजगार” को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया। शहरी युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं ने भाजपा को समर्थन दिया।

संगठनात्मक कमजोरी से एक समय बूथ स्तर तक मजबूत मानी जाने वाली तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष बढ़ने लगा। कई पुराने नेताओं ने पार्टी छोड़ी। स्थानीय स्तर पर गुटबाजी बढ़ी।
कुछ क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच तालमेल कमजोर हुआ। इसके विपरीत भाजपा ने बूथ स्तर तक मजबूत संगठन तैयार किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर प्रचार अभियान चलाया।

हिंदुत्व और पहचान की राजनीति का मुद्दा जोरदार रहा। भाजपा ने बंगाल में सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान के मुद्दों को भी प्रभावी ढंग से उठाया। राम नवमी, दुर्गा पूजा और धार्मिक आयोजनों से जुड़े मुद्दों पर भाजपा ने खुद को हिंदू समाज की आवाज के रूप में प्रस्तुत किया। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस पर “तुष्टिकरण” की राजनीति करने के आरोप लगाए गए। इस रणनीति ने विशेष रूप से सीमावर्ती और शहरी क्षेत्रों में भाजपा को फायदा पहुंचाया।

केंद्रीय योजनाओं का प्रभाव चुनाव में हावी रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं का लाभ भाजपा ने अपने प्रचार में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। भाजपा ने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य सरकार सही तरीके से लागू नहीं कर रही। इसका असर गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के मतदाताओं पर दिखाई दिया।

ममता बनर्जी की बदलती राजनीतिक छवि से भाजपा को अधिक लाभ हुआ। एक समय “दीदी” के नाम से लोकप्रिय ममता बनर्जी की छवि संघर्षशील नेता की थी। लेकिन लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण विरोधियों ने उन पर “अहंकारी नेतृत्व” और “केंद्रीकृत नियंत्रण” के आरोप लगाए। कुछ नेताओं और अधिकारियों पर अत्यधिक निर्भरता ने भी पार्टी की छवि को प्रभावित किया। भवानीपुर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली सीट पर हार को राजनीतिक रूप से बहुत बड़ा संकेत माना जा रहा है।

भाजपा की जीत के पीछे मजबूत नेतृत्व, आक्रामक चुनाव प्रचार की रणनीति लाभदायक साबित हुई। भाजपा ने बंगाल में स्थानीय नेतृत्व तैयार किया। सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल और अन्य नेताओं को आगे बढ़ाया गया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने लगातार बंगाल में रैलियां कीं। भाजपा ने चुनाव को “भ्रष्टाचार बनाम विकास” के रूप में पेश किया।

सोशल मीडिया और आईटी अभियान का अत्याधिक उपयोग हुआ।युवाओं तक पहुंचने के लिए भाजपा ने सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग किया। व्हाट्सऐप, फेसबुक और डिजिटल प्रचार ने शहरी क्षेत्रों में बड़ा प्रभाव डाला।



राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि तृणमूल कांग्रेस अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ग्रामीण बंगाल, अल्पसंख्यक समाज और महिला मतदाताओं में पार्टी का प्रभाव अभी भी मौजूद है। यदि पार्टी संगठन में सुधार करती है, नए नेतृत्व को मौका देती है और भ्रष्टाचार के आरोपों पर नियंत्रण करती है, तो भविष्य में वापसी संभव हो सकती है।


पश्चिम बंगाल का 2026 विधानसभा चुनाव राज्य की राजनीति का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। जनता ने लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को हटाकर भाजपा को मौका दिया। सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार से अब विकास, रोजगार, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की अपेक्षा की जा रही है। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी खोई हुई विश्वसनीयता और संगठनात्मक ताकत को वापस हासिल करना होगी। आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या भाजपा बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रख पाती है या तृणमूल कांग्रेस फिर से वापसी करती है।

अनिल गलगली 

Friday, 8 May 2026

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3”

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विकास संगम को नई दिशा देगा “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3”

सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जुड़ाव और आर्थिक सहयोग पर होगा मंथन

आनंद स्वरूप शुक्ला के मार्गदर्शन में “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3” का आयोजन 9 मई 2026 को शाम 6 बजे से Sahara Star में किया जाएगा। “सामाजिक समरसता | संगम ऑफ़ स्ट्रेंथ: महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को एक साथ लाते हुए” थीम पर आधारित यह समिट विकसित भारत 2036 के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक सशक्त ग्रोथ कॉरिडोर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

समिट में महाराष्ट्र विधान परिषद के विधायक प्रवीण दरेकर तथा लोढा फाउंडेशन के चेयरपर्सन मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में दो विशेष कीनोट संबोधन भी आयोजित किए जाएंगे।

संदीप गुप्ता “Boosting India Together: The Uttar Pradesh-Maharashtra Growth Model for Next Decade” विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। वहीं डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला “Vasudhaiva Kutumbkam: Leading India’s Message of World Peace” विषय पर कीनोट स्पीकर के रूप में संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी। समिट के दौरान ग्रामीण औद्योगीकरण, विलेज टूरिज्म, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्यमिता विकास और सांस्कृतिक सद्भाव जैसे विषयों पर विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे।

“एकता समिट अध्याय 3” की मेंटर टीम में रश्मि उपाध्याय, आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल गलगली, डॉ. गौरीशंकर चौबे एवं बलवंत वर्मा शामिल हैं।

संस्कृति, समुदाय और सामाजिक जुड़ाव का उत्सव माने जा रहे इस समिट का उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विज़न को मजबूत करते हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की सामूहिक शक्तियों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

मुंबई महानगरपालिकेच्या सार्वजनिक आरोग्य समितीचे अध्यक्ष हरिष भांदिर्गे यांच्या कार्यकाळात आरोग्य विभागात नवे बदल

अत्याधुनिक आरोग्य सुविधांचे लोकार्पण

मुंबई महानगरपालिकेच्या सार्वजनिक आरोग्य समितीचे अध्यक्ष हरिष भांदिर्गे यांच्या कार्यकाळात आरोग्य विभागात नवे बदल

'जागतिक थॅलेसेमिया दिनी 'बोन मॅरो ट्रान्सप्लांट, बालरोग, रक्तदोष व कर्करोग विभागाचा' लोकार्पण सोहळा

मुंबईच्या प्रथम नागरिक, महापौर श्रीमती रितूताई तावडे यांच्या हस्ते लोकार्पण

KEM रुग्णालयात नवजात अतिदक्षता विभाग, अत्याधुनिक मॅमोग्राफी मशीन, सर्जिकल पॅथॉलॉजी आणि फिजिओलॉजी सेमिनार हॉलचे लोकार्पण

मुंबईतील प्राण्यांच्या आरोग्यसेवेसाठी एक महत्त्वपूर्ण पाऊल!

मुंबई महानगरपालिकेच्या आरोग्य आणि सार्वजनिक सेवांना अधिक सक्षम, आधुनिक आणि नागरिकाभिमुख बनविण्याच्या दृष्टीने विविध महत्त्वपूर्ण उपक्रमांचे आज लोकार्पण आणि शुभारंभ सोहळे उत्साहात संपन्न झाले. 

लोकमान्य टिळक महानगरपालिका सर्वसाधारण रुग्णालय (सायन हॉस्पिटल) संलग्नित लोकनेते मा. श्री. एकनाथराव गायकवाड नागरी आरोग्य केंद्र, धारावी येथे अत्याधुनिक सुविधांनी सुसज्ज बालरोग, रक्तदोष, कर्करोग व बोनमॅरो ट्रान्सप्लांट सेंटरचे लोकार्पण करण्यात आले. 

जागतिक थॅलेसेमिया दिनाचे औचित्य साधून सुरू करण्यात आलेल्या या केंद्रामुळे रक्तदोष आणि कर्करोगाने ग्रस्त रुग्णांना अधिक आधुनिक व सुलभ उपचार सुविधा उपलब्ध होणार आहेत. विशेषतः बोनमॅरो ट्रान्सप्लांटसारखी जटिल उपचार सुविधा महानगरपालिकेच्या माध्यमातून सर्वसामान्यांसाठी उपलब्ध होणे ही आरोग्य क्षेत्रातील अत्यंत महत्त्वाची बाब मानली जात आहे.

तसेच सेठ गोर्धनदास सुंदरदास वैद्यकीय महाविद्यालय व रा. ए. स्मा. रुग्णालय, परळ (KEM) येथे नवजात अतिदक्षता विभाग (NICU), अत्याधुनिक मॅमोग्राफी मशीन, सर्जिकल पॅथॉलॉजी सेमिनार हॉल आणि फिजिओलॉजी सेमिनार हॉलचे उद्घाटन व लोकार्पण करण्यात आले. या सुविधांमुळे नवजात बालकांना अधिक दर्जेदार उपचार, महिलांसाठी अत्याधुनिक आरोग्य तपासणी सुविधा तसेच वैद्यकीय विद्यार्थ्यांना आणि डॉक्टरांना संशोधन व प्रशिक्षणासाठी सक्षम व्यासपीठ उपलब्ध होणार आहे.

या सर्व कार्यक्रमांना मुंबईच्या प्रथम नागरिक तथा महापौर श्रीमती रितू तावडे , सार्वजनिक आरोग्य समितीचे अध्यक्ष हरिष भांदिर्गे सार्वजनिक आरोग्य विभागाचे उपायुक्त शरद उघडे , संबंधित रुग्णालयांचे अधिष्ठाता, डॉक्टर, कर्मचारी, संस्थांचे पदाधिकारी तसेच मान्यवर मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.

वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को तरुण कला संगम द्वारा पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया

वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को तरुण कला संगम द्वारा पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया

मुंबई की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था तरुण कला संगम द्वारा चर्चगेट स्थित सम्राट होटल में आयोजित भव्य समारोह में नवभारत टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को “पत्रकारिता पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महाराष्ट्र सरकार के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक श्रीकांत भारतीय, तरुण कला संगम के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह, संस्था के महासचिव भाई दीपक सिंह, वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र द्विवेदी, बोरीवली के विधायक संजय उपाध्याय तथा महाराष्ट्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राधा के हाथों प्रदान किया गया। पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपये, स्मृति चिन्ह एवं शाल-श्रीफल भेंट किया गया।

समारोह को मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, महासचिव विजय सिंह कौशिक, मंत्रालय पत्रकार संघ के कोषाध्यक्ष विनोद यादव तथा आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडेय ने किया।

समारोह में मुंबई भाजपा के प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, पूर्व नगरसेवक रामबचन मुराई, उद्योगपति विजय सिंह, भाजपा प्रवक्ता ओमप्रकाश चौहान मुन्ना, समाजसेवी ललित जैन, भारत मर्चेंट चैंबर के ट्रस्टी राजीव सिंगल, उद्योगपति अजय सिंघानिया, उद्योगपति निलेश गुप्ता, वेंचुरा सिक्योरिटी के निदेशक डीपी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार सुनील मेहरोत्रा, वरिष्ठ पत्रकार हरि मृदुल, वरिष्ठ पत्रकार मनोज दुबे, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र मिश्र, समाजसेवी एस.एन. सिंह, वरिष्ठ पत्रकार विजय पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार अशोक शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार नवीन पांडेय, समाजसेवी हरि सिंह राजपुरोहित, समाजसेवी यूके सिंह, वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश पांडे तथा समाजसेवी सूरज पांडे सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

संस्था के संयोजक राधेश्याम मिश्र, अभिषेक सिंह, आशीष सिंह एवं वेदांत सिंह ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। अंत में संस्था के महासचिव दीपक सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।समारोह अत्यंत भव्य, प्रेरणादायी और यादगार रहा।

Monday, 4 May 2026

मुंबई में गरिमामयी अंदाज़ में संपन्न हुआ 18वां न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026

मुंबई में गरिमामयी अंदाज़ में संपन्न हुआ 18वां न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026

मुंबई में आयोजित 18वां न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026 शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ। यह शाम गरिमा, विश्वसनीयता और वास्तविक प्रतिभाओं के सम्मान को समर्पित रही, जहां विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।

इस प्रतिष्ठित समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल विष्णु देव वर्मा की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ सुप्रसिद्ध गायक हरिहरन, सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर, विज्ञापन जगत के दिग्गज भरत दाभोलकर तथा प्रसिद्ध नृत्यांगना संध्या पुरेचा जैसी अनेक हस्तियां उपस्थित थीं। कार्यक्रम ने शासन, कला, मीडिया, सामाजिक सेवा, खेल और जननेतृत्व जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता का भव्य उत्सव प्रस्तुत किया।

डॉ. वैदेही तामन द्वारा मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सभागृह में आयोजित इस समारोह में देशभर के प्रेरणादायी व्यक्तित्वों और परिवर्तनकारी कार्य करने वालों को एक मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और विशेष क्षण रहा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स का सम्मान, जो उषा मंगेशकर, हरिहरन, पूजा बेदी, दिलीप जोशी, संजीव कपूर, वागीश गोस्वामी, अतुल तिवारी, विजय कुंभार, रुबेन मस्कारेन्हास, राही भिडे,अनुजा धाक्रस, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, सुषमा देशपांडे, दत्ता बरगजे, देवेंद्र वाल्मिकी, अनिस गावंडे, कृष्णा मोहिनी, आर्यन पाशा, किशोर भानुशाली, भारत भूषण, डॉ आशा मिरगे, IFS कुशाग्र पाठक, जैसी महान हस्तियों को प्रदान किया गया। इन सभी को उनके दशकों लंबे योगदान और समाज पर पड़े स्थायी प्रभाव के लिए सम्मानित किया गया।

इसके अलावा मनोरंजन, रंगमंच, वेलनेस, पारदर्शिता, पत्रकारिता, ग्रामीण शिक्षा और वन्यजीव संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दिलीप जोशी, अतुल तिवारी, पूजा बेदी, देविंदर वाल्मीकि, विजय कुंभार, अनुजा धाक्रस, अज्जीबाईची शाला और कुशाग्र पाठक सहित अनेक प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान दिलीप जोशी ने मनोरंजन जगत में अपने लंबे सफर के लिए आभार व्यक्त किया, वहीं संजीव कपूर ने नई पीढ़ी से सीखने के महत्व पर जोर दिया। हरिहरन ने संगीत और कला को सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम बताते हुए कहा कि कला का उद्देश्य समाज में खुशी और प्रेरणा फैलाना है।

यह आयोजन केवल एक पुरस्कार समारोह नहीं था, बल्कि संघर्ष, उद्देश्य और राष्ट्र निर्माण की भावना का उत्सव था। न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवॉर्ड्स 2026 ने एक बार फिर साबित किया कि यह मंच दिखावे से अधिक वास्तविक उपलब्धियों और सार्थक योगदानों को सम्मान देने के लिए जाना जाता है।

भागती-दौड़ती मुंबई ने इस शाम उत्कृष्टता को सलाम करने के लिए ठहरकर जश्न मनाया, और वर्ष 2026 का यह आयोजन लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

Sunday, 3 May 2026

उत्तर भारतीय संघ ने मनाया महाराष्ट्र दिवस

उत्तर भारतीय संघ में महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर बांद्रा पूर्व स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन, टीचर्स कॉलोनी में हर्षोल्लास के साथ भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में “जय जय महाराष्ट्र माझा” की गूंज के बीच गीत-संगीत एवं नाटक की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।

संघ द्वारा सामाजिक दायित्व निभाते हुए महाराष्ट्र की 100 जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनें वितरित की गईं। विशेष बात यह रही कि लाभार्थियों में 60 से अधिक मराठी महिलाएं शामिल रहीं।

संघ के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र हमारी कर्मभूमि है और हम सभी इसके विकास में अपना पूर्ण योगदान देने के लिए संकल्पित हैं।

इस अवसर पर पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, विधायक राजहंस सिंह, अमरजीत सिंह, शारदा प्रसाद सिंह, डॉ राधेश्याम तिवारी, उत्तर प्रदेश पत्रकार संघ के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, अनिल गलगली, अनुराग त्रिपाठी, ब्रजमोहन पांडे, संजय सिंह, गीता सिंह, डॉ किशोर सिंह, उदय प्रताप सिंह, रामकुमार पाल, रमेश बहादुर सिंह, सुरेंद्र गिरी, बैजनाथ मिश्र, श्रीनिवासानंद महाराज, ठाकुर रमेश सिंह, रितेश सिंह, एड. अवनीश सिंह, सुंदरी ठाकुर, अजय कुमार सिंह, विजय सिंह कौशिक, राघवेंद्र द्विवेदी, राजकुमार सिंह, शिवपूजन पांडे, अविनाश पांडे, मानिकचंद यादव एवं रीनू मल्लाह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन देवेंद्र तिवारी ने किया तथा अंत में संतोष आरएन सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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लोढ़ा ने साकार किया सपना, बना ‘श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह मार्ग’

लोढ़ा ने साकार किया सपना, बना ‘श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह मार्ग’


माटुंगा पूर्व स्थित भाऊ दाजी रोड के रोड नंबर 4 का नामकरण अब ‘श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह मार्ग’ के रूप में किया गया है। उत्तर भारतीय समाज के गौरव, आर्य रत्न श्रद्धेय बाबूजी मिठाईलाल दलसिंगार सिंह की पावन स्मृति में आयोजित इस भव्य नामकरण एवं उद्घाटन समारोह का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के कर-कमलों द्वारा मार्ग के नामकरण पट्टिका का अनावरण कर उद्घाटन किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह के समाज सेवा, शिक्षा एवं उत्तर भारतीय समाज के उत्थान में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक कार्यों, संस्कारों और जनसेवा के लिए समर्पित किया था। वे उत्तर भारतीय समाज एवं आर्य समाज के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते थे। समाज में शिक्षा, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके कार्यों और आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस मार्ग का नामकरण उनके नाम पर किया गया।

मुंबई भाजपा प्रवक्ता सुमिता सुमन सिंह की विशेष पहल एवं निरंतर प्रयासों से यह नामकरण संभव हो सका। बताया गया कि श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह के दुखद निधन के पश्चात मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने स्वयं इस मार्ग का नाम उनके नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा था। समारोह में उपस्थित जनों के बीच इस बात की विशेष चर्चा रही कि मंत्री लोढ़ा ने केवल घोषणा ही नहीं की, बल्कि उसे पूर्ण कर समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता का परिचय भी दिया।

समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, भाजपा पदाधिकारी, आर्य समाज के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह का जीवन समाज सेवा, सादगी और मानवीय मूल्यों का प्रेरणादायी उदाहरण था तथा उनके नाम पर मार्ग का नामकरण समाज के लिए गौरव का विषय है।

कार्यक्रम का वातावरण भावुक एवं श्रद्धामय रहा। उपस्थित लोगों ने श्रद्धेय मिठाईलाल सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान सदैव समाज को प्रेरित करता रहेगा।

Sunday, 26 April 2026

डॉ. चिन्मय पंड्या के पोलैंड दौरे से भारतीय समुदाय में जागी नई चेतना

डॉ. चिन्मय पंड्या के पोलैंड दौरे से भारतीय समुदाय में जागी नई चेतना

एआई और आध्यात्मिक समाधान पर भारतीय राजदूत से वारसॉ में हुई चर्चा

अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने विदेश प्रवास के क्रम में वारसॉ (पोलैंड) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत की नवनियुक्त राजदूत एवं भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) की वरिष्ठ अधिकारी नीता भूषण से शिष्टाचार भेंट की। अपनी रणनीतिक कार्यशैली और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने के लिए विख्यात राजदूत भूषण के साथ हुई यह मुलाकात सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

शांतिकुंज के मीडिया विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भेंट के दौरान डॉ. पंड्या ने पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के सद्विचार “समस्त विश्व को भारत के अजस्र अनुदान” को केंद्र में रखते हुए गायत्री परिवार के वैश्विक विस्तार पर विस्तृत चर्चा की।

बातचीत का एक प्रमुख हिस्सा वर्तमान समय की बड़ी तकनीकी चुनौती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उससे जुड़े वैश्विक खतरों पर केंद्रित रहा, जहाँ अध्यात्म और नैतिक मूल्यों के माध्यम से इन चुनौतियों के समाधान पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही भारत और पोलैंड के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर भी गहन मंथन हुआ।

भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार तथा मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना हेतु कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संयुक्त रूप से कार्य करने की सहमति बनी। राजदूत नीता भूषण ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

डॉ. पंड्या के इस दौरे से पोलैंड में भारतीय समुदाय के बीच नई चेतना का संचार हुआ है तथा भविष्य में सांस्कृतिक समन्वय के नए द्वार खुलने की संभावनाएँ भी मजबूत हुई हैं।

Saturday, 25 April 2026

देव संस्कृति विश्वविद्यालय और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की संयुक्त पहल; योग और संगीत चिकित्सा से होगा सर्वाइकल दर्द का निवारण

देव संस्कृति विश्वविद्यालय और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की संयुक्त पहल

योग और संगीत चिकित्सा से होगा सर्वाइकल दर्द का निवारण

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योग विज्ञान एवं मानव चेतना विभाग ने आधुनिक जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ रही सर्वाइकल दर्द की समस्या के समाधान हेतु एक महत्वपूर्ण शोध पहल शुरू की है। ‘योग एवं संगीत चिकित्सा के संयुक्त प्रभाव’ पर आधारित इस विशेष अध्ययन का शुभारंभ शांतिकुंज, हरिद्वार स्थित शताब्दी चिकित्सालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में किया गया।

यह शोध परियोजना आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के संगम का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा लिमिटलेस ब्रेन लैब, दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि इस अध्ययन में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के निद्रा चिकित्सा विभाग की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक प्रामाणिकता प्राप्त हो रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ शांतिकुंज महिला मंडल की प्रमुख आदरणीया शेफाली पंड्या ने किया। इस अवसर पर अस्पताल की प्रभारी डॉ. मंजू चोपदार सहित विश्वविद्यालय के शोध छात्र, शिक्षक एवं चिकित्सा क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

आदरणीया शेफाली पंड्या ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्राचीन योग विद्या और संगीत की मधुर स्वर लहरियों में असाध्य रोगों को जड़ से समाप्त करने की अद्भुत क्षमता निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह शोध न केवल सर्वाइकल रोगियों को शारीरिक पीड़ा से राहत दिलाएगा, बल्कि मानवता के लिए स्वस्थ और संतुलित जीवन की दिशा भी प्रशस्त करेगा।

इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य योग और संगीत के समन्वित प्रभाव से दर्द में कमी लाना तथा रोगियों की नींद की गुणवत्ता में सुधार का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय का यह प्रयास भविष्य में बिना औषधियों के जटिल रोगों के उपचार की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। हरिद्वार से आरंभ हुई यह पहल वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है।